
पक्का घर मिल जाने से परिवार की जिम्मेदारी हुई पूरी, जीवन चलाना हुआ आसान*
*सेवा संकल्प का प्रमाण है नरबदिया साहू के जीवन में हुए शासकीय योजनाओं से बदलाव की कहानी*
कवर्धा 28 सिंतबर 2026। जनपद पंचायत कवर्धा के ग्राम पंचायत दशरंगपुर निवासी श्रीमती नरबदिया साहू का जीवन बड़ी कठिनाइयों में आ गया था जब पति पूरे परिवार को असमय छोड़कर चले गए थे। पति के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी पूरी तरह उनके कंधों पर आ गई। परिवार में कुल 8 सदस्य हैं। मजदूरी एवं कृषि कार्य से होने वाली सीमित आय के सहारे परिवार का भरण-पोषण करना बहुत कठिन था। लंबे समय तक कच्चे मकान में रहते हुए उन्हें बरसात,गर्मी तथा अन्य मौसम की परिस्थितियों का सामना पूरे परिवार को करना पड़ता था। ऐसे में अपने परिवार के लिए सुरक्षित और पक्का घर बनाना उनके लिए सपने से कम नहीं रहा।
देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं प्रदेश के मुखिया श्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का यह संकल्प ही था कि अपने लोगों की सेवा शासकीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन द्वारा जन-जन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए । सेवा करने के संकल्प की सिद्धि वर्ष 2025–26 में श्रीमती नरबदिया साहू के जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अन्तर्गत पक्का आवास बनाने की स्वीकृति के रूप में मिली। उनकी आवास आईडी CH-2990940 है तथा आवास के लिए ₹1.20 लाख की स्वीकृति राशि प्राप्त हुई। केंद्र एवं राज्य शासन से मिली आर्थिक सहायता से उनके सपनों को नई उड़ान मिली और उन्होंने अपने परिवार के लिए पक्के मकान का निर्माण कराया। आज नया सर्वसुविधा एवं टाइल्स युक्त पक्का आवास पूरे परिवार को मौसम की कठिन परिस्थितियों से सुरक्षा प्रदान कर रहा है।इसके साथ ही जीवन में सुरक्षा,सम्मान और स्वाभिमान का नया आयाम लेकर आया है।
नए पक्के मकान के साथ शासकीय योजनाओं के अभिसरण ने परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया। विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन ग्रामीण अंतर्गत 90 दिवस के मजदूरी भुगतान से परिवार को लगभग 23000 रूपए का आर्थिक संबल मिला। मजदूरी राशि मिलने से परिवार की आर्थिक ज़रूरतें अलग से पूरी हो गई। साथ ही अन्य कामों में भी रोजगार का अवसर मिला। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना से शौचालय की सुविधा उपलब्ध होने से परिवार को दैनिक जरूरत के लिए सुविधायुक्त स्वच्छता और गरिमा पूर्ण माहौल मिला।आयुष्मान कार्ड से स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा मिल गया है। बीमारियों में इलाज के लिए ₹500000 तक का बीमा सहायता पूरे परिवार के लिए उपलब्ध होने से स्वास्थ्यगत चिंता दूर हो गई।उज्वला योजना से रसोई में स्वच्छ ईंधन की सुविधा दी। सौभाग्य योजना से घर में बिजली पहुंच रही है और नल-जल योजना के द्वारा पेयजल की सुविधा ने दैनिक जीवन को और सुविधाजनक बना दिया है।परिवार की खाद्य एवं आर्थिक सुरक्षा में भी विभिन्न योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। राशन कार्ड के द्वारा परिवार के लिए खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित हुई तथा महतारी वंदन योजना अंतर्गत मिलने वाली ₹1,000 प्रतिमाह की सहायता राशि ने श्रीमती नरबदिया साहू को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है। विभिन्न योजनाओं से मिले संयुक्त लाभ ने परिवार को ना केवल पक्के मकान तक सीमित रखा है, बल्कि जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति कर सुविधाओं का विस्तार करते हुए भविष्य को सुखमय बनाया है।
श्रीमती नरबदिया साहू अपने अनुभव को साझा करते हुए कहती हैं कच्चे मकान की चिंताओं से मुक्त होकर अब मेरा परिवार सुरक्षित महसूस करता है। सरकार की योजनाओं से हमें पक्की छत के साथ भोजन, पानी, बिजली, गैस और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का सहारा मिला है।मेरा पक्का घर केवल मकान नहीं है बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत है।आज श्रीमती नरबदिया साहू का पक्का आवास उनके संघर्ष, मेहनत और शासकीय योजनाओं से मिले सहयोग की एक प्रेरक मिसाल है। विधवा महिला के लिए अपने परिवार को सुरक्षित छत उपलब्ध कराना आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और विभिन्न योजनाओं के अभिसरण ने उनके परिवार में आशा, सुरक्षा और सम्मान का नया उजाला लाया है।









