
अम्बिकापुर 02 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर श्री अजीत वसंत के मार्गदर्शन में “स्वच्छता ही सेवा अभियान” के तहत जिला पंचायत कार्यालय एवं आसपास के परिसर में सामुदायिक स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। “सेवा संकल्प अभियान-सेवा मेरा योगदान” की भावना के साथ आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ सुश्री रोमा श्रीवास्तव सहित कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस दौरान सभी ने मिलकर कार्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की तथा स्वच्छ और सुंदर परिवेश बनाए रखने का संदेश दिया। श्रमदान के माध्यम से अधिकारियों-कर्मचारियों ने स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
जिला पंचायत सीईओ सुश्री रोमा श्रीवास्तव ने स्वच्छता के लिए सामूहिक सहभागिता को महत्वपूर्ण बताते हुए कार्यालय और आसपास के वातावरण को नियमित रूप से साफ-सुथरा रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर स्वच्छता में योगदान दे तो बेहतर और स्वच्छ परिवेश का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम के माध्यम से “सेवा मेरा योगदान” की भावना को आगे बढ़ाते हुए स्वच्छता के प्रति जागरूकता, जिम्मेदारी और जनभागीदारी का संदेश दिया गया।
अम्बिकापुर 02 अक्टूबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता की दिशा में किए जा रहे प्रयास गांवों में बेहतर कचरा प्रबंधन का आधार बन रहे हैं। इसी कड़ी में जनपद पंचायत मैनपाट की ग्राम पंचायत कुदरीडीह में स्वेच्छाग्राही दीदियां घर-घर से कचरा संग्रहण कर उसके व्यवस्थित निपटान में अपनी भूमिका निभा रही हैं।
ग्राम पंचायत में स्वेच्छाग्राही दीदियों द्वारा डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण किया जाता है। घरों से एकत्र कचरे को सेग्रीगेशन शेड तक लाकर उसकी अलग-अलग छंटाई की जाती है। इसी क्रम में कचरा छंटाई के बाद कुल 650 किलोग्राम कचरे की बिक्री की गई।
घरों से संग्रहण, शेड में छंटाई
कचरा प्रबंधन की इस व्यवस्था के तहत घरों से निकलने वाले कचरे को इधर-उधर फेंकने के बजाय नियमित रूप से एकत्र कर सेग्रीगेशन शेड तक पहुंचाया जा रहा है। यहां स्वेच्छाग्राही दीदियां कचरे की छंटाई कर बिक्री योग्य सामग्री को अलग करती हैं। इससे गांव में कचरे के व्यवस्थित प्रबंधन के साथ स्वच्छता बनाए रखने में भी मदद मिल रही है।
स्वच्छता के साथ आय का भी माध्यम
कुदरीडीह में स्वेच्छाग्राही दीदियों का यह प्रयास बताता है कि घरों से निकलने वाला कचरा उचित संग्रहण और छंटाई के बाद उपयोगी संसाधन बन सकता है। बिक्री योग्य कचरे से प्राप्त राशि स्वच्छता गतिविधियों से जुड़े आर्थिक पक्ष को भी मजबूत करती है।
“सेवा की कहानी” के रूप में कुदरीडीह की यह पहल स्वच्छता में सामुदायिक भागीदारी और कचरे के बेहतर प्रबंधन का उदाहरण बन रही है। स्वेच्छाग्राही दीदियों की सक्रिय भागीदारी से गांव को स्वच्छ रखने के साथ एकत्र कचरे का व्यवस्थित उपयोग भी सुनिश्चित हो रहा है।
अम्बिकापुर 02 अक्टूबर 2026/ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट परिसर में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा एवं लाल बहादुर शास्त्री के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही जिला पंचायत सीईओ सुश्री रोमा श्रीवास्तव सहित उपस्थित सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
अमरसाय के परिवार के लिए अब बारिश डर नहीं, पीएम जनमन आवास ने दी सुरक्षित छत
जामझर पारा के पहाड़ी कोरवा अमरसाय का बदला जीवन, कच्ची दीवारों के गिरने और छत टपकने की परेशानी से मिली राहत
अम्बिकापुर 02 अक्टूबर 2026/ बारिश का मौसम आते ही ग्राम पंचायत लोसगी के जामझर पारा निवासी अमरसाय पहाड़ी कोरवा की चिंता बढ़ जाती थी। कच्चे घर की छत से पानी टपकता था और लगातार बारिश के बीच मिट्टी की दीवारों के धंसने और गिरने का डर बना रहता था। अब पीएम जनमन आवास योजना (ग्रामीण) से मिले पक्के घर ने उनकी यह चिंता दूर कर दी है।
अमरसाय बताते हैं कि पहले उनका घर कच्चा था। बरसात में छत से पानी आने के कारण परिवार को परेशानी होती थी। कच्ची दीवारें भी बारिश में कमजोर हो जाती थीं, जिससे घर में सुरक्षित रहना मुश्किल होता था। पक्का आवास बनने के बाद अब परिवार को मौसम की मार से बचने के लिए मजबूत और सुरक्षित छत मिल गई है।
कच्चे घर की परेशानी पीछे छूटी
पक्का घर मिलने से अमरसाय के परिवार के रहन-सहन में बड़ा बदलाव आया है। अब बारिश के दौरान छत टपकने या दीवार गिरने की चिंता नहीं रहती। जिस परिवार के लिए कभी बरसात का मौसम परेशानी लेकर आता था, वह अब अपने पक्के घर में सुरक्षित रह रहा है।
अमरसाय अपनी खुशी साझा करते हुए बताते हैं, “पहले मेरा कच्चा घर था। बारिश में छत से पानी टपकता था और दीवार धंसने की दिक्कत रहती थी। अब सरकार से पक्का आवास मिला है। घर बहुत बढ़िया बना है और मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।
पीएम जनमन से दूरस्थ बसाहट तक पहुंची आवास की सुविधा
पीएम जनमन के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में आवास की सुविधा अमरसाय जैसे परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनी है। जामझर पारा में मिला पक्का घर उनके परिवार के लिए बारिश से बचाव के साथ सुरक्षित जीवन का आधार बना है।
आवास मिलने से खुश अमरसाय ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पक्का घर मिलने से उनके परिवार की लंबे समय से चली आ रही परेशानी दूर हुई है।
अम्बिकापुर 02 अक्टूबर 2026/ ग्राम पंचायत लोसगी की पहाड़ी कोरवा महिला रामबाई के लिए महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का भरोसेमंद माध्यम बनी है। हर महीने उनके बैंक खाते में एक हजार रुपए पहुंच रहे हैं, जिसे वे स्वयं निकालकर परिवार की आवश्यकताओं के अनुसार खर्च कर रही हैं।
रामबाई के परिवार में रोजमर्रा के कई छोटे-छोटे खर्च होते हैं। साबुन, सर्फ, तेल, हल्दी, मसाले और खाने-पीने का सामान खरीदने में हर महीने मिलने वाली यह राशि काम आ रही है। नियमित आर्थिक सहायता से इन जरूरतों के लिए उनके पास अपनी राशि उपलब्ध रहती है।
खाते में राशि आने से खर्च करना हुआ आसान
रामबाई बताती हैं कि योजना की राशि समय पर उनके खाते में आ जाती है और इसे निकालने में भी उन्हें परेशानी नहीं होती। जरूरत पड़ने पर राशि निकालकर वे घर का आवश्यक सामान खरीदती हैं। इस तरह हर महीने मिलने वाले एक हजार रुपए उनके घरेलू बजट का नियमित हिस्सा बन गए हैं।
रामबाई कहती हैं, हर महीने एक हजार रुपए मेरे खाते में आते हैं। इस पैसे को निकालकर घर-खर्च चलाती हूं। साबुन, सर्फ, तेल, हल्दी-मसाला और खाने-पीने का सामान खरीदने में यह पैसा काम आता है। इससे हमें बहुत मदद मिल रही है।
नियमित सहायता से मिली आर्थिक सहूलियत
महतारी वंदन योजना के माध्यम से मिलने वाली नियमित राशि रामबाई को अपनी और परिवार की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक सहूलियत दे रही है। सीधे बैंक खाते में राशि मिलने से वे अपनी जरूरत के अनुसार इसका उपयोग कर पा रही हैं।
योजना से मिल रही सहायता पर खुशी जताते हुए रामबाई ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “विष्णु भैया” महिलाओं की मदद कर रहे हैं और हर महीने समय पर राशि मिलने से घर की जरूरतें पूरी करने में आसानी हो रही है।
अम्बिकापुर 02 अक्टूबर 2026/ बीमारी के समय इलाज के खर्च की चिंता किसी भी परिवार के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है। लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत लोसगी के रहने वाले श्री इंद्र कुमार पंडो का परिवार भी पहले इसी समस्या का सामना करता था। आर्थिक स्थिति के कारण जरूरत के समय इलाज के लिए पैसे जुटाना उनके लिए मुश्किल होता था। अब उनके बच्चों के आयुष्मान कार्ड बन जाने से परिवार को उपचार के लिए आर्थिक सुरक्षा का सहारा मिला है।
इंद्र कुमार के बेटे रामसुंदर पंडो और अन्नू पंडो के आयुष्मान कार्ड बनकर मिल गए हैं। कार्ड के माध्यम से पात्रता अनुसार 5 लाख रुपए तक निःशुल्क उपचार की सुविधा मिलने से वे काफी खुश हैं। उनका कहना है कि पहले बीमारी की स्थिति में सबसे बड़ी चिंता इलाज के लिए पैसों की व्यवस्था करने की होती थी। अब आयुष्मान कार्ड मिलने से जरूरत के समय उपचार कराने में मदद मिलेगी।
बच्चों के इलाज के लिए मिला भरोसा
इंद्र कुमार बताते हैं कि बच्चों के आयुष्मान कार्ड हाथ में आने से उन्हें राहत मिली है। अब परिवार के पास ऐसी सुविधा उपलब्ध है, जिससे बीमारी की स्थिति में आर्थिक परेशानी के कारण उपचार प्रभावित होने की चिंता कम हुई है।
वे कहते हैं, पहले इलाज कराने के लिए पैसे नहीं होने से बहुत परेशानी होती थी। अब मेरे बच्चों रामसुंदर और अन्नू का आयुष्मान कार्ड बन गया है। इससे 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है। कार्ड मिलने से हम बहुत खुश हैं।
आर्थिक परेशानी के बीच स्वास्थ्य सुरक्षा का संबल
आयुष्मान कार्ड इंद्र कुमार के परिवार के लिए केवल एक कार्ड नहीं, बल्कि जरूरत के समय इलाज तक पहुंच आसान बनाने का माध्यम बना है। विशेषकर बच्चों की तबीयत खराब होने पर उपचार के खर्च को लेकर परिवार की चिंता कम हुई है। स्वास्थ्य सुरक्षा की यह सुविधा परिवार को समय पर इलाज कराने का भरोसा दे रही है।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सामने आई यह “सेवा की कहानी” बताती है कि स्वास्थ्य योजनाओं की पहुंच जरूरतमंद परिवारों तक होने से इलाज की राह में आर्थिक कठिनाइयों को कम करने में मदद मिल रही है।
बच्चों के आयुष्मान कार्ड मिलने पर इंद्र कुमार पंडो ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुविधा उनके परिवार के लिए बहुत उपयोगी है और जरूरत के समय इलाज कराने में बड़ा सहारा बनेगी।
अम्बिकापुर 02 अक्टूबर 2026/ ग्राम लोसगी के जामझोर पारा निवासी पहाड़ी कोरवा किसान ठिबुल राम ने अपनी उपलब्ध जमीन का बेहतर उपयोग करते हुए डबरी को आजीविका और खेती का आधार बनाया है। ग्रामीण रोजगार योजना के तहत बनी डबरी में उन्होंने मछली पालन शुरू किया है। इसके साथ ही डबरी के पानी का उपयोग सिंचाई में करने और मेड़ को उपयोगी बनाने की दिशा में भी पहल की है।
ठिबुल राम बताते हैं कि उनके पास थोड़ी जमीन उपलब्ध थी। उन्होंने इस जमीन पर मछली पालन और सिंचाई की सुविधा विकसित करने के उद्देश्य से ग्रामीण रोजगार योजना के तहत डबरी निर्माण कराया। डबरी बनने के बाद उन्होंने अपने दरिमा से 17 किलो मछली बीज उसमें डाला है। मछलियों के तैयार होने पर बिक्री कर उन्हें अच्छी आमदनी मिलने की उम्मीद है।
खाली मेड़ को भी बनाया उपयोगी
ठिबुल राम ने डबरी के साथ आसपास की जमीन का भी उपयोग किया है। उन्होंने मेड़ पर अरहर के साथ आम, मुनगा और नींबू के पौधे लगाए हैं। डबरी में उपलब्ध पानी से इन पौधों और साग सब्जी की सिंचाई में भी मदद मिलेगी। इस तरह एक ही संरचना से मछली पालन, पौधरोपण और सिंचाई की सुविधा विकसित हुई है।
डबरी बनने से पहले उनके पास पानी संग्रहण की ऐसी सुविधा नहीं थी। अब वर्षाजल को सहेजने के साथ खेती के लिए पानी उपलब्ध होने और मछली पालन से अतिरिक्त आय की संभावना बनी है।
17 किलो मछली बीज से बेहतर आमदनी की उम्मीद
मछली पालन को आय का माध्यम बनाने के लिए ठिबुल राम ने 17 किलो मक्षली डबरी में डाला है। उनका कहना है कि मछलियां बड़ी होने के बाद उन्हें बाजार में बेचेंगे। इससे होने वाली आमदनी परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मददगार होगी। डबरी के किनारे अरहर, आम, मुनगा और नींबू भी लगाया है
जल संरक्षण के साथ आजीविका की राह
ठिबुल राम की डबरी बताती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण की छोटी संरचनाएं आजीविका के कई अवसर तैयार कर सकती हैं। डबरी से जहां सिंचाई के लिए पानी का साधन मिला है, वहीं मछली पालन से अतिरिक्त आय की संभावना और मेड़ पर लगाए गए पौधों से जमीन का बेहतर उपयोग हो रहा है।
सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत सामने आई यह “सेवा की कहानी” रोजगारमूलक कार्य से निर्मित परिसंपत्ति के आजीविका संवर्धन में उपयोग का उदाहरण है। डबरी निर्माण से मिली सुविधा पर ठिबुल राम ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि खेत में डबरी बनने से आजीविका का माध्यम बना है।









