
कोरबा 04सितम्बर 2026/
शासन की योजनाओं से ग्रामीण महिलाओं को आजीविका से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास अब गांवों में बदलाव की तस्वीर दिखा रहा है। विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा की श्रीमती श्याम बाई महंत इसी बदलाव की एक प्रेरक कहानी हैं। बिहान योजना के अंतर्गत जय बजरंग महिला स्व-सहायता समूह की सक्रिय सदस्य श्रीमती श्याम बाई ने ग्राम संगठन के माध्यम से 60 हजार रुपये की सहायता प्राप्त कर किराना दुकान शुरू की। अपने व्यवसाय से आय अर्जित करते हुए वे अब लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
लाभार्थी श्रीमती श्याम बाई बताती हैं कि बिहान योजना से जुड़ने से पहले उनके पास खुद की आय का कोई साधन नहीं था। परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए सीमित आर्थिक संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ता था। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें अपनी आजीविका शुरू करने का अवसर मिला। ग्राम संगठन के माध्यम से मिली 60 हजार रुपये की सहायता का उपयोग उन्होंने किराना दुकान शुरू करने में किया। अब दुकान से होने वाली आमदनी उनके परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहयोग दे रही है।
अपने अनुभव साझा करते हुए लाभार्थी श्रीमती महंत कहती हैं, “बिहान समूह से जुड़ने के बाद मुझे अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिला। ग्राम संगठन से मिली 60 हजार रुपये की सहायता से मैंने किराना दुकान शुरू की। पहले मेरी अपनी कोई आमदनी नहीं थी, लेकिन अब दुकान से कमाई होती है और मैं घर के खर्चों में सहयोग कर पा रही हूं।”
वे बताती हैं कि कारोबार शुरू होने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आया है। “दुकान चलाने से मुझे नियमित रूप से आमदनी मिल रही है। परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में मदद मिलती है। अपनी कमाई से घर चलाने में सहयोग कर पाना मेरे लिए बड़ी खुशी की बात है। अब मेरा लक्ष्य अपनी दुकान को और आगे बढ़ाना और अपनी आय में वृद्धि करना है, ताकि मैं लखपति दीदी बनने का लक्ष्य पूरा कर सकूं।”
श्रीमती महंत के लिए स्व-सहायता समूह केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि आगे बढ़ने का जरिया बना है। समूह से जुड़कर उन्होंने आजीविका का नया साधन अपनाया है और अपनी मेहनत से परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में जुटी हैं। बिहान के समूह से शुरू हुआ उनका यह सफर अब लखपति दीदी बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।









