
अम्बिकापुर 13 अक्टूबर 2026/ गांव में ही रोजगार मिले और खेती-किसानी के लिए पानी की सुविधा भी विकसित हो, इसी उद्देश्य को साकार कर रहा है अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत अड़ची में निर्माणाधीन नवीन तालाब। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी राम जी के तहत इस कार्य से 100 से अधिक ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल रहा है। वहीं तालाब निर्माण पूरा होने पर आसपास के खेतों में सिंचाई और पशुओं के लिए पानी की सुविधा उपलब्ध होगी। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत यह कार्य ग्रामीण रोजगार और जल संरक्षण को एक साथ बढ़ावा देने का उदाहरण बन रहा है।
गांव में रोजगार के साथ तैयार हो रहा जल संरक्षण का स्थायी संसाधन
वित्तीय वर्ष 2026-27 में ग्राम पंचायत अड़ची में नवीन तालाब निर्माण के लिए 6 लाख 33 हजार 912 रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। तालाब की खुदाई में 100 से अधिक ग्रामीण श्रमिक कार्य कर रहे हैं। इससे ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध हो रहा है। तालाब में वर्षा जल का संग्रहण होने से आसपास की कृषि भूमि में सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होगी। साथ ही पशुपालन करने वाले परिवारों को भी इसका लाभ मिलेगा।
डिजिटल उपस्थिति से रोजगार कार्यों में पारदर्शिता
तालाब निर्माण कार्य में श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) ऐप का उपयोग किया जा रहा है। फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से श्रमिकों की पहचान और उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जा रहा है। डिजिटल निगरानी से कार्यस्थल पर श्रमिकों की उपस्थिति का रिकॉर्ड संधारित करने और रोजगार कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में सहायता मिल रही है।
रुक्मनिया यादव बोलीं-गांव में काम भी मिला, तालाब बनने से खेतों को भी मिलेगा पानी
ग्राम पंचायत अड़ची की निवासी रुक्मनिया यादव तालाब निर्माण कार्य में मजदूरी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि गांव में ही रोजगार मिलने से ग्रामीणों को लाभ हो रहा है। रोजगार के दिनों में 100 से 125 दिन तथा मजदूरी दर में 261 रुपये से 300 रुपये की बढ़ोतरी पर उन्होंने खुशी जताई।
रुक्मनिया ने कहा कि तालाब बनने से आसपास के खेतों में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। गांव के गाय-बैल और अन्य मवेशियों के लिए भी पानी उपलब्ध होगा। इससे खेती-किसानी और पशुपालन में सुविधा होगी। उन्होंने रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
रोजगार के साथ गांव की भविष्य की जरूरतों को भी मिलेगा सहारा
अड़ची में तालाब निर्माण से ग्रामीणों को वर्तमान में रोजगार मिलने के साथ भविष्य के लिए जल संरक्षण की सुविधा विकसित हो रही है। इससे वर्षा जल का उपयोग कृषि और पशुपालन में किया जा सकेगा। वीबी-जी राम जी के तहत रोजगार सृजन, जल संरक्षण और डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था का समन्वय ग्रामीण विकास को नई दिशा दे रहा है।
अम्बिकापुर 13 अक्टूबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और दलहन-तिलहन की खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय में विकासखंड के कृषक मित्रों एवं किसानों को प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। योजना का उद्देश्य दलहन एवं तिलहन उत्पादक किसानों को निर्धारित समर्थन मूल्य का लाभ दिलाना तथा उनकी उपज के विपणन के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
’समर्थन मूल्य पर उपज विक्रय से किसानों को मिलेगा आर्थिक लाभ’
प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत पात्र दलहन एवं तिलहन फसलों की निर्धारित शर्तों के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था की जाती है। इसका उद्देश्य बाजार में उपज के मूल्य में गिरावट की स्थिति में किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाना और उनकी फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित करना है।
कृषि विभाग द्वारा किसानों को बताया गया कि योजना के तहत अधिसूचित फसलों की खरीदी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाती है। आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से उपज विक्रय की व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी दी गई। इससे किसानों को अपनी उपज के विपणन और समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी।
’कृषक मित्रों को दी गई योजना की विस्तृत जानकारी’
कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री जे. आलम ने प्राइस सपोर्ट स्कीम के उद्देश्य, महत्व और किसानों को मिलने वाले लाभों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दलहन एवं तिलहन की खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराना योजना का प्रमुख उद्देश्य है।
उन्होंने कृषक मित्रों को योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने और अधिक से अधिक किसानों को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान किसानों को समर्थन मूल्य आधारित खरीदी व्यवस्था तथा सहकारी समितियों के माध्यम से उपज विक्रय की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई।
’दलहन-तिलहन की खेती से आय बढ़ाने के अवसर’
कृषि विभाग द्वारा किसानों को दलहन एवं तिलहन फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन फसलों की खेती से किसानों को फसल विविधीकरण अपनाने और कृषि आय के अतिरिक्त अवसर विकसित करने में सहायता मिल सकती है। वहीं समर्थन मूल्य आधारित खरीदी व्यवस्था से पात्र किसानों को उपज का निर्धारित मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
’किसानों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने पर जोर’
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में कृषक मित्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। कृषक मित्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों तक योजना की जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया गया, ताकि पात्र किसान प्राइस सपोर्ट स्कीम के प्रावधानों को समझकर इसका लाभ उठा सकें।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषि विभाग की यह पहल दलहन-तिलहन उत्पादन को प्रोत्साहन देने, किसानों को उचित मूल्य दिलाने तथा कृषि आधारित आजीविका को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
अम्बिकापुर 13 अक्टूबर 2026/ किसानों को उर्वरक प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा डिजिटल उर्वरक वितरण प्रणाली की जानकारी दी जा रही है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत मंगलवार को वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय में विकासखंड के कृषक मित्रों एवं किसानों को फर्टिलाइजर सेल फ्रेमवर्क (Fertilizer Sale Framework) के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य किसानों को मोबाइल के माध्यम से टोकन जारी कर आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों से उर्वरक खरीदने की सुविधा उपलब्ध कराना है।
मोबाइल आधारित टोकन व्यवस्था से उर्वरक खरीदी होगी आसान
नई डिजिटल व्यवस्था के तहत किसानों को उर्वरक खरीदने के लिए मोबाइल के माध्यम से टोकन प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। टोकन आधारित प्रणाली से उर्वरक वितरण को अधिक व्यवस्थित बनाने और किसानों को खरीदी के दौरान होने वाली असुविधाओं को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस व्यवस्था के माध्यम से किसान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मोबाइल से टोकन प्राप्त कर आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों अथवा अधिकृत निजी उर्वरक विक्रेताओं से उर्वरक खरीद सकेंगे। इससे उर्वरक वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने तथा किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
कृषक मित्रों को दी गई डिजिटल टोकन प्रणाली की विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री जे. आलम ने फर्टिलाइजर सेल फ्रेमवर्क के उद्देश्य और कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों एवं कृषक मित्रों को मोबाइल आधारित टोकन व्यवस्था के महत्व से अवगत कराया।
उन्होंने बताया कि इस प्रणाली का उद्देश्य उर्वरक वितरण व्यवस्था को सुगम और पारदर्शी बनाना है, ताकि किसानों को कृषि कार्यों के लिए आवश्यक उर्वरक प्राप्त करने में सुविधा हो। इस दौरान सहकारी समितियों और निजी उर्वरक विक्रेताओं के माध्यम से उर्वरक खरीदी की व्यवस्था पर भी चर्चा की गई।
गांव-गांव तक पहुंचेगी डिजिटल उर्वरक वितरण प्रणाली की जानकारी
कार्यक्रम में कृषक मित्रों को डिजिटल टोकन व्यवस्था की जानकारी अन्य किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। कृषक मित्र ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को मोबाइल से टोकन प्राप्त करने और उसके माध्यम से उर्वरक खरीदने की प्रक्रिया समझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कृषि विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक किसान इस व्यवस्था की जानकारी प्राप्त करें, जिससे उर्वरक खरीदी के दौरान उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। विशेष रूप से डिजिटल प्रक्रिया से अपरिचित किसानों को कृषक मित्रों के माध्यम से आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
तकनीक के उपयोग से कृषि सेवाओं को बनाया जा रहा सुगम
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम किसानों तक डिजिटल कृषि सेवाओं की जानकारी पहुंचाने की दिशा में एक पहल है। मोबाइल आधारित टोकन प्रणाली से उर्वरक वितरण को व्यवस्थित करने के साथ खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने का उद्देश्य है। कृषि विभाग द्वारा कृषक मित्रों एवं किसानों को नई व्यवस्था से अवगत कराकर इसका लाभ अधिक से अधिक कृषकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
अम्बिकापुर 13 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के विकास के लिए कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने खनिज संस्थान न्यास अंतर्गत विभिन्न कार्यों की स्वीकृति दी है।
जिला अस्पताल के नेत्र विभाग द्वारा यह बताया गया है कि क्रय संबंधी औपचारिकताओं तथा पंजीयन की आवश्यकताओं को पूर्ण करने के पश्चात आगामी तीन माह में आई बैंक निर्माण तथा नेत्र प्रत्यारोपण किए जाने की संभावना है। स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पताल अम्बिकापुर में आंख के प्रत्यारोपण एवं माइक्रोस्कोप के लिए 61 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।जिसमें शिक्षा और स्वास्थ्य मद में 291.07 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।
शिक्षा क्षेत्र 15 कार्य 230.07 लाख रुपए की मिली स्वीकृति-
जनपद पंचायत बतौली के ग्राम पंचायत महेशपुर के हाई स्कूल जीर्णोद्धार कार्य प्रशासकीय स्वीकृति राशि 16.90 लाख रुपए, जनपद पंचायत लखनपुर के ग्राम पंचायत जमगवां के हायर सेकेण्डरी स्कूल जमगवां में 02 नग अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य प्रशासकीय स्वीकृति राशि 15.25 लाख रुपए, जनपद पंचायत अम्बिकापुर के ग्राम पंचायत सोहगा में स्वामी आत्मानन्द स्कूल में स्कूल शेड निर्माण कार्य प्रशासकीय स्वीकृति राशि 10 लाख रुपए, जनपद पंचायत अम्बिकापुर के ग्राम पंचायत दरिमा कन्या पूर्व माध्यमिक शाला दरिमा में प्रार्थना शेड निर्माण कार्य प्रशासकीय स्वीकृति राशि 10 लाख रुपए, जनपद पंचायत अम्बिकापुर के ग्राम पंचायत खलिबा नवोदय विद्यालय खलिबा में मल्टी स्पोर्टस फील्ड (01 नग बास्केट बाल कोर्ट एवं 02 नग बैडमिटन कोर्ट) निर्माण कार्य प्रशासकीय स्वीकृति राशि 18.17 लाख रूपए के कार्य शामिल है। इसी प्रकार जिले के 30 ग्राम एवं ग्राम पंचायतों में खेल सामग्री फुटबॉल एवं व्हालीबॉल प्रदाय कार्य प्रशासकीय स्वीकृति राशि 12.10 लाख रूपए, जनपद पंचायत उदयपुर के ग्राम पंचायत साल्ही के शासकीय प्राथमिक शाला भवन निर्माण कार्य बैगापारा प्रशासकीय स्वीकृति राशि 16.38 लाख रूपए शामिल है। वहीं जिले के शासकीय हाई स्कूलध्उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में अंग्रेजी, गणित, भौतिक, रसायन एवं जीव विज्ञान के व्याख्याताओं के रिक्त पद के विरुद्ध ध् आवश्यकतानुसार मानदेय (अतिथि) शिक्षकों का व्यवस्था कार्य (दिनांक 15.07.2026 से 31.03.2027 तक) प्रशासकीय स्वीकृति राशि 44.20 लाख रूपए शामिल है। इसी प्रकार जनपद पंचायत उदयपुर के ग्राम पंचायत बकोई में प्राथमिक शाला मुदराडांड भवन का निर्माण कार्य प्रशासकीय स्वीकृति राशि 16.38 लाख रूपए, जनपद पंचायत अम्बिकापुर के ग्राम पंचायत मेण्ड्राकला सैनिक स्कूल में संचालित मेण्ड्राकला कैडेट मेस हेतु टावर एयर कंडिशनर प्रदाय कार्य प्रशासकीय स्वीकृति राशि 12.20 लाख रूपए, जनपद पंचायत अम्बिकापुर के ग्राम पंचायत केशवपुर के स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय की विज्ञान प्रयोगशाला के आधुनिकीकरण एवं आवश्यक उपकरणों के क्रय कार्य प्रशासकीय स्वीकृति राशि 12.05 लाख रूपए, जनपद पंचायत अम्बिकापुर के ग्राम पंचायत डिगमा में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में कम्प्यूटर एवं प्रोजेक्टर प्रदाय कार्य प्रशासकीय स्वीकृति राशि 11.90 लाख रूपए शामिल है। इसी प्रकार जनपद पंचायत मैनपाट, लुण्ड्रा, बतौली, अम्बिकापुर के 5 ग्राम पंचायतों में संचालित आवासीय विद्यालयों में सोलर गीजर स्थापना कार्य जिसमें एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मैनपाट, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (सहनपुर) लुण्ड्रा, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (शिवपुर) बतौली, प्रयास आवासीय विद्यालय घघरी, पहाड़ी कोरवा आवासीय विद्यालय घंघरी के लिए प्रशासकीय स्वीकृति राशि 11.14 लाख रूपए शामिल है। पहाड़ी कोरवा आवासीय विद्यालय में दो अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्यप्रशासकीय स्वीकृति राशि 17 लाख रुपए के शामिल है। वहीं मैनपाट में एकलव्य एवं प्रयास तथा पीवीटीजी विद्यालय के लिए 25 केवी का जेनसेट के लिए 17 लाख रुपए की राशि स्वीकृति दी गई है। अतः शिक्षा क्षेत्र में डीएमएफ मद से 15 कार्य 230.07 लाख रुपए से स्वीकृति प्रदान की गई है।









