
*सेवा संकल्प अभियान-2026*
*कभी शौचालय और स्नानघर जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में गुजरती थी जिंदगी, अब पक्के आवास से परिवार को मिली राहत*
*सीमित आमदनी के कारण वर्षों से अधूरा था अपने घर का सपना, शासन की आर्थिक सहायता से पांच सदस्यीय परिवार को मिला सुरक्षित आशियाना*
*स्नेहलता ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार*
रायपुर, 14 अक्टूबर 2026/ हर परिवार का सपना होता है कि उसके सिर पर अपनी पक्की छत हो, जहां वह अपने बच्चों के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सके। लेकिन सीमित आमदनी और परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों के बीच यह सपना कई बार वर्षों तक अधूरा रह जाता है। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर स्थित घुटरापारा निवासी श्रीमती स्नेहलता गुप्ता के परिवार की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। उनके पति ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पांच सदस्यों के परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद पक्का मकान बनाने के लिए पर्याप्त राशि जुटाना मुश्किल था। पहले परिवार को शौचालय और स्नानघर जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में भी अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी उनके परिवार के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। योजना के अंतर्गत मिली आर्थिक सहायता से उनका पक्के मकान का सपना साकार हो रहा है और परिवार की रहने की व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हर जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने के संकल्प के अनुरूप योजना से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अपने घर का सपना पूरा करने में सहायता मिल रही है। सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत सामने आई स्नेहलता गुप्ता की कहानी इसी बदलाव का उदाहरण है, जहां शासन की आर्थिक सहायता ने सीमित संसाधनों वाले परिवार को बेहतर आवासीय सुविधाओं की उम्मीद दी है।
*ठेला लगाकर परिवार चलाते हैं पति, पक्का मकान बनाना था बड़ी चुनौती*
स्नेहलता गुप्ता बताती हैं कि उनके परिवार में पति-पत्नी और तीन बच्चों सहित कुल पांच सदस्य हैं। उनके पति ठेला लगाकर मेहनत-मजदूरी से परिवार की आजीविका चलाते हैं। सीमित आमदनी में बच्चों की जरूरतें, भोजन और अन्य घरेलू खर्च पूरे करना ही बड़ी जिम्मेदारी थी। ऐसे में स्वयं का पक्का मकान बनाने के लिए आवश्यक राशि की व्यवस्था कर पाना आसान नहीं था। परिवार लंबे समय से बेहतर आवास की आवश्यकता महसूस कर रहा था, लेकिन आर्थिक परिस्थितियां इस सपने को पूरा करने में बाधा बनी हुई थीं।
स्नेहलता के अनुसार, पहले घर में शौचालय और स्नानघर जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। इससे परिवार के सभी सदस्यों को दैनिक जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ता था। विशेष रूप से बच्चों की देखभाल और परिवार की जरूरतों के बीच बेहतर आवास की कमी महसूस होती थी। वे चाहती थीं कि उनके बच्चों को ऐसा घर मिले, जहां परिवार सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण में रह सके। सीमित संसाधनों के कारण यह सपना पूरा करना कठिन था, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी ने उनके परिवार के लिए नई उम्मीद जगाई।
*प्रधानमंत्री आवास योजना से मिली सहायता, बेहतर हुई रहने की व्यवस्था*
स्नेहलता गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत आवेदन करने के बाद उनका आवास स्वीकृत हुआ। योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता से उन्हें पक्के मकान की व्यवस्था करने में मदद मिली। इससे परिवार की आवास संबंधी लंबे समय से चली आ रही परेशानी कम हुई है और रहने की व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आया है।
उन्होंने बताया कि पहले मूलभूत सुविधाओं के अभाव में परिवार को कई कठिनाइयां उठानी पड़ती थीं। अब पक्के आवास से परिवार को राहत मिली है। उनके लिए यह केवल मकान की सुविधा नहीं, बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य और परिवार के सम्मानजनक जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण बदलाव है। स्नेहलता का कहना है कि सीमित आमदनी में घर की जरूरतें पूरी करने के साथ मकान बनाना उनके लिए बहुत मुश्किल था। ऐसे समय में योजना से मिली सहायता ने उनके परिवार के पक्के घर के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है।
*पक्के आवास से सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की ओर बढ़ रहे जरूरतमंद परिवार*
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की आवास संबंधी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे वे पक्के आवास की व्यवस्था कर सकें। पक्का घर मिलने से परिवारों को बेहतर आवासीय वातावरण के साथ दैनिक जीवन की अनेक परेशानियों से राहत मिलती है।
स्नेहलता गुप्ता का अनुभव दर्शाता है कि आवासीय सहायता का लाभ केवल मकान निर्माण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे परिवार के जीवन में सुरक्षा, सुविधा और सम्मान की भावना भी मजबूत होती है। विशेष रूप से सीमित आय वाले परिवारों के लिए स्वयं का पक्का घर बड़ी उपलब्धि होती है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी से स्नेहलता जैसे परिवारों को बेहतर जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
*पक्के घर का सपना पूरा होने पर स्नेहलता ने जताई खुशी*
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी का लाभ मिलने पर स्नेहलता गुप्ता ने खुशी व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उन्होंने बताया कि परिवार की सीमित आमदनी के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए बड़ी चुनौती थी, लेकिन योजना के अंतर्गत मिली आर्थिक सहायता से यह सपना अब साकार हो रहा है। पहले बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परिवार को परेशानियों का सामना करना पड़ता था, जबकि अब रहने की व्यवस्था बेहतर हुई है।
सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत स्नेहलता गुप्ता की यह कहानी दर्शाती है कि शासन की आवासीय योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। कभी ठेले की सीमित कमाई से परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के बीच पक्के मकान का सपना अधूरा था, लेकिन अब प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी की सहायता से स्नेहलता और उनका परिवार बेहतर आवासीय सुविधाओं के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की ओर आगे बढ़ रहा है।









