
*शहर के गुलाब सिंह एवं प्रतिभा सिंह चौहान बने प्रेरणास्रोत, 3 किलोवाट सोलर प्लांट से अगस्त माह का बिजली बिल लाया जीरो*
*75 हजार 21 करोड़ रुपये के बजट वाली इस केंद्रीय योजना से हर घर बन रहा ऊर्जा-आत्मनिर्भर*
*पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से रोशन हुई छतें*
रायपुर, 21 अक्टूबर 2026/स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का नारायणपुर जिला एक नई मिसाल पेश कर रहा है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी श्प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजनाश् के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में पारंपरिक बिजली पर निर्भरता तेजी से घट रही है। अब तक जिले के 289 से अधिक परिवारों ने अपने घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कर न केवल बिजली बिल से राहत पाई है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
*3 किलोवाट सोलर प्लांट का कमालरू अगस्त का बिल आया शून्य*
नारायणपुर शहर के जागरूक उपभोक्ता श्री गुलाब सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती प्रतिभा सिंह चौहान की कहानी आज पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। पर्यावरण संरक्षण और घरेलू खर्चों में कटौती का संकल्प लेकर इस दंपत्ति ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित करवाया।
सोलर संयंत्र स्थापित होने के बाद जब अगस्त माह का विद्युत बिल आया, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहाकृउनका अगस्त माह का बिजली बिल पूरी तरह श्शून्यश् (0 रुपये) था।
गुलाब सिंह चौहान बताते हैं कि सोलर पैनल लगवाने से हमारे घर को न केवल निर्बाध बिजली मिल रही है, बल्कि बिजली बिल की चिंता भी पूरी तरह समाप्त हो गई है। यह योजना आर्थिक बचत के साथ-साथ प्रकृति को बचाने का बेहतरीन माध्यम है।
*क्या है प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना*
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 13 फरवरी 2024 को शुरू की गई इस राष्ट्रीय योजना का लक्ष्य देश के 1 करोड़ परिवारों को रूफटॉप सोलर प्रणाली से जोड़ना है। केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए 75,021 करोड़ रुपये का विशाल बजट निर्धारित किया है। पात्र परिवारों को छतों पर सोलर प्लांट लगाने पर सीधे बैंक खाते में केंद्रीय सब्सिडी (वित्तीय सहायता) प्रदान की जाती है। उत्पादित अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर उपभोक्ता अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को खुद पूरा कर सकते हैं।
*पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का संदेश*
नारायणपुर जिले में 289 से अधिक घरों पर स्थापित सोलर संयंत्र यह सिद्ध करते हैं कि दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में भी नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ी है। छतों पर लगे ये सोलर पैनल पारंपरिक कोयला-आधारित बिजली पर निर्भरता कम करते हैं, जिससे कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आती है।
यह सफलता की कहानी शहरी के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को भी श्हर घर सोलरश् के राष्ट्रीय संकल्प से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही है।जिला प्रशासन एवं विद्युत विभाग ने जिले के समस्त नागरिकों व विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से योजना की जानकारी लें, अपनी पात्रता अनुसार आवेदन करें और सब्सिडी का लाभ उठाकर अपने घर को ऊर्जा-आत्मनिर्भर बनाएं।









