Ro no D15139/23

प्राकृतिक आपदा में मृतक के वारिस को 4 लाख रूपए की राशि स्वीकृत

अम्बिकापुर 30 सितम्बर 2025/  अपर कलेक्टर सरगुजा ने तहसील अम्बिकापुर के कोलडीहा निवासी सुखमेन की मृत्यु सांप काटने से होने पर उनके वारिस ना.बा. अमन को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। इस राशि की मंजूरी राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड 6-4 संशोधित प्रावधानों के तहत प्राकृतिक आपदा राहत के अंतर्गत दी गई।
  • Related Posts

    (अम्बिकापुर समाचार)बबौली-बिलमा मार्ग का डामरीकरण कार्य पूर्ण, 11 गांवों के ग्रामीणों को मिलेगी बेहतर आवागमन सुविधा

      239.82 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति से 2.20 किलोमीटर सड़क का डामरीकरण पूर्ण, 5 नवीन पुल-पुलियों का भी हुआ निर्माण सड़क निर्माण से विकासखंड एवं जिला मुख्यालय तक पहुंच…

    Read more

    (अम्बिकापुर समाचार) खरीफ 2026 की समीक्षा एवं रबी 2026-27 की कार्ययोजना निर्धारण के लिए संभाग स्तरीय बैठक 22 अक्टूबर को अम्बिकापुर में कृषि उत्पादन आयुक्त लेंगे बैठक

      अम्बिकापुर 21 अक्टूबर 2026/   कृषि उत्पादन आयुक्त, छत्तीसगढ़ शासन (एपीसी) श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी की अध्यक्षता में खरीफ वर्ष 2026 की प्रगति की समीक्षा तथा रबी वर्ष 2026-27…

    Read more

    NATIONAL

    ‘भारत है रिफाइनिंग सुपरपावर’! आखिर रुबियो ने ऐसा क्यों कहा?

    ‘भारत है रिफाइनिंग सुपरपावर’! आखिर रुबियो ने ऐसा क्यों कहा?

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप ने कहा- हम बेहद करीब, पिछले समझौतों से बिल्कुल अलग होगी यह डील

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप ने कहा- हम बेहद करीब, पिछले समझौतों से बिल्कुल अलग होगी यह डील

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?