Ro no D15139/23

ममता बनर्जी की 21 जुलाई शहीद दिवस रैली का स्थल बदला, कलकत्ता हाईकोर्ट ने लगायी 4 शर्तें

Calcutta High Court TMC 21 July Rally: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में हर साल 21 जुलाई को आयोजित होने वाली तृणमूल कांग्रेस की शहीद दिवस रैली के आयोजन स्थल को लेकर चल रहे विवाद के बीच कलकत्ता हाईकोर्ट ने फैसला सुना दिया. न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने धर्मतला स्थित विक्टोरिया हाउस के सामने सभा की अनुमति देने से इनकार कर दिया. हालांकि, कोर्ट ने ममता बनर्जी के तृणमूल गुट को बिरला तारामंडल (बिरला प्लेनेटेरियम) के सामने सशर्त रैली आयोजित करने की अनुमति दे दी.

कलकत्ता हाईकोर्ट की 4 प्रमुख शर्तें

  1. कार्यक्रम दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक ही होगा.
  2. अधिकतम 3,000 लोग ही इस शहीद दिवस रैली में शामिल होंगे.
  3. सड़क के एक हिस्से का ही रैली के लिए इस्तेमाल होगा, दूसरा हिस्सा पूरी तरह खुला रहेगा.
  4. आयोजकों 18 जुलाई शाम 4:00 बजे तक 20 वॉलेंटियर की लिस्ट दें, जो भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने में मदद करेंगे.

टीएमसी ने हाईकोर्ट से मांगी थी कार्यक्रम की अनुमति

पश्चिम बंगाल की राजनीति में 21 जुलाई का विशेष महत्व है. इस दिन को तृणमूल कांग्रेस हर वर्ष शहीद दिवस मनाती है. धर्मतला में अनुमति नहीं मिलने के बाद पार्टी ने वैकल्पिक स्थल के रूप में बिरला तारामंडल के सामने सभा आयोजित करने की अनुमति मांगी थी, जिस पर हाइकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया.

सख्त शर्तों के साथ मिली अनुमति

हाईकोर्ट ने रैली के आयोजन के लिए कई सख्त शर्तें तय की हैं. अदालत के अनुसार सभा दोपहर 12 बजे से 3:30 बजे तक ही आयोजित की जा सकेगी. कार्यक्रम के लिए बिरला तारामंडल के सामने सड़क के केवल एक हिस्से का उपयोग किया जायेगा, जबकि दूसरी ओर का मार्ग सामान्य यातायात के लिए खुला रखा जायेगा.

अधिकतम 3,000 लोगों को ही प्रवेश

राज्य सरकार ने इस जगह भारी भीड़ से सुरक्षा और जन-असुविधा की आशंका जतायी थी. इसे ध्यान में रखते हुए अदालत ने रैली में अधिकतम 3,000 लोगों की उपस्थिति की सीमा तय की है. साथ ही आयोजकों को 18 जुलाई शाम 4 बजे तक 20 स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स) की सूची स्थानीय पुलिस को सौंपनी होगी, जो कार्यक्रम के दौरान यातायात और व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग करेंगे.

  • Related Posts

    झारखंड डिजिटल क्रॉप सर्वे की रफ्तार सुस्त, 17 जिलों में 50% से भी कम काम, जानें क्या है आपके जिले का हाल?

    रांची : झारखंड में खरीफ 2026 के डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) की रफ्तार धीमी है. राज्य के 24 जिलों में 17 अक्तूबर तक निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले केवल 38.80 प्रतिशत खेतों…

    Read more

    केंद्र सरकार को झटके लगते ही क्यों मुखर हो जाते हैं NDA के साथी? चिराग, मांझी और कुशवाहा की राजनीति समझिए

    Chirag Paswan-Jitan Ram Manjhi Politics: गठबंधन की राजनीति में साथ रहना और हर मुद्दे पर एक जैसी राय रखना, दोनों अलग-अलग बातें हैं. केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में…

    Read more

    NATIONAL

    ‘भारत है रिफाइनिंग सुपरपावर’! आखिर रुबियो ने ऐसा क्यों कहा?

    ‘भारत है रिफाइनिंग सुपरपावर’! आखिर रुबियो ने ऐसा क्यों कहा?

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप ने कहा- हम बेहद करीब, पिछले समझौतों से बिल्कुल अलग होगी यह डील

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप ने कहा- हम बेहद करीब, पिछले समझौतों से बिल्कुल अलग होगी यह डील

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?