Ro no D15139/23

आज है वामन जयंती, भगवान विष्णु ने क्यों लिया यह अवतार; जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

Vaman Jayanti 2026: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को वामन जयंती का पर्व मनाया जाता है. इसे वामन द्वादशी भी कहा जाता है. शास्त्रों के अनुसार, इसी तिथि पर भगवान विष्णु ने अपने पांचवें अवतार वामन के रूप में जन्म लिया था. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान और श्रद्धा के साथ भगवान वामन की पूजा करने से जीवन के दुख और संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि आती है.

वामन जयंती 2026: शुभ मुहूर्त और तिथि

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान वामन का जन्म मध्याह्न यानी दोपहर के समय अभिजीत मुहूर्त में हुआ था. इसलिए वामन जयंती पर दोपहर के समय भगवान वामन की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है.

  • वामन जयंती: बुधवार, 23 सितंबर 2026
  • द्वादशी तिथि प्रारंभ: 22 सितंबर 2026, रात 09:43 बजे
  • द्वादशी तिथि समाप्त: 23 सितंबर 2026, रात 10:50 बजे
  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:47 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक
  • श्रवण नक्षत्र: सुबह 11:47 बजे तक

वामन जयंती पूजन विधि

  • सुबह स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद व्रत और पूजा का संकल्प लें.
  • पूजा स्थल पर भगवान वामन की प्रतिमा अथवा तस्वीर स्थापित करें.
  • भगवान वामन की प्रतिमा का पंचामृत और गंगाजल से अभिषेक करें. इसके बाद पीले चंदन का तिलक लगाएं और फूल, अक्षत, धूप और दीप अर्पित करें.
  • भगवान को मिठाई, फल या मिश्री का भोग लगाएं और उसमें तुलसी दल जरूर अर्पित करें. इसे शुभ माना जाता है.
  • इसके बाद भगवान वामन की कथा पढ़ें या सुनें.
  • पूजा के अंत में भगवान वामन की आरती करें.

वामन अवतार की पौराणिक कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान विष्णु के भक्त प्रह्लाद के पौत्र असुरराज बलि बहुत शक्तिशाली थे. उन्होंने अपने पराक्रम से स्वर्ग लोक पर अधिकार कर लिया और देवराज इंद्र को हरा दिया. इससे दुखी होकर इंद्र की माता अदिति ने भगवान विष्णु की तपस्या की. उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें वचन दिया कि वे उनके पुत्र के रूप में जन्म लेकर इंद्र को उनका सिंहासन वापस दिलाएंगे.

कुछ समय बाद भगवान विष्णु ने माता अदिति के पुत्र के रूप में वामन अवतार लिया. उस समय राजा बलि एक बड़ा यज्ञ कर रहे थे. वामन देव यज्ञ स्थल पर पहुंचे. राजा बलि ने उनका स्वागत किया और उनसे अपनी इच्छा के अनुसार दान मांगने को कहा.

दैत्यगुरु शुक्राचार्य समझ गए कि वामन कोई साधारण बालक नहीं, बल्कि भगवान विष्णु हैं. उन्होंने राजा बलि को सावधान किया, लेकिन बलि अपने वचन से पीछे नहीं हटे. वामन देव ने उनसे केवल तीन पग भूमि मांगी. राजा बलि ने गंगाजल हाथ में लेकर दान देने का संकल्प कर लिया.

संकल्प पूरा होते ही वामन देव ने विराट रूप धारण कर लिया. उन्होंने पहले पग में पृथ्वी और दूसरे पग में स्वर्ग लोक नाप लिया. जब तीसरे पग के लिए कोई जगह नहीं बची, तो राजा बलि ने अपना सिर आगे कर दिया और भगवान से वहीं तीसरा पग रखने को कहा. भगवान वामन ने बलि के सिर पर तीसरा पग रखा और उन्हें पाताल लोक का स्वामी बना दिया.

  • Related Posts

    24 सितंबर को रखा जाएगा गुरु प्रदोष व्रत, यहां देखें पूजा सामग्री की लिस्ट

    Guru Pradosh Vrat 2026: गुरु प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित हिंदू धर्म का एक व्रत है. हर महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता…

    Read more

    Ganesh Visarjan 2026: कब और कैसे करें गणपति बप्पा विसर्जन? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और विधि

    Ganesh Visarjan 2026: 14 सितंबर से शुरू हुआ दस दिवसीय गणेश उत्सव अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है. गणेश चतुर्थी से इस पावन पर्व की शुरुआत होती है और…

    Read more

    NATIONAL

    क्या 100% टैरिफ का निकलेगा हल? दिसंबर में डोनाल्ड ट्रंप से मिल सकते हैं PM मोदी

    क्या 100% टैरिफ का निकलेगा हल? दिसंबर में डोनाल्ड ट्रंप से मिल सकते हैं PM मोदी

    IIT बॉम्बे छात्र आत्महत्या केस, डीन सूर्यनारायण डूला सस्पेंड

    IIT बॉम्बे छात्र आत्महत्या केस, डीन सूर्यनारायण डूला सस्पेंड

    नोटिस की लिस्ट में लालकृष्ण आडवाणी का भी नाम

    नोटिस की लिस्ट में लालकृष्ण आडवाणी का भी नाम

    तीस्ता नदी में बहता जा रहा था नन्हा हाथी, मछुआरों ने ऐसे बचाई जान; हथिनी का प्यार देख भर आएंगी आंखें

    तीस्ता नदी में बहता जा रहा था नन्हा हाथी, मछुआरों ने ऐसे बचाई जान; हथिनी का प्यार देख भर आएंगी आंखें

    नोटिस की लिस्ट में लालकृष्ण आडवाणी का भी नाम

    नोटिस की लिस्ट में लालकृष्ण आडवाणी का भी नाम

    DUSU Election 2026: NSUI की हार से राहुल गांधी और कांग्रेस के टॉप लीडर नाराज; इंचार्ज पर हो सकता है एक्शन

    DUSU Election 2026: NSUI की हार से राहुल गांधी और कांग्रेस के टॉप लीडर नाराज; इंचार्ज पर हो सकता है एक्शन