जशपुरनगर 29 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ की महिला सशक्तिकरण यात्रा में महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक संबल का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित इस योजना के माध्यम से जशपुर जिले की महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है। योजना शुरू होने के बाद मार्च 2024 से अगस्त 2026 तक जिले की महिलाओं के खातों में 639 करोड़ 54 लाख 55 हजार 550 रुपए की राशि अंतरित की जा चुकी है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। जशपुर जिले में औसतन 2 लाख 22 हजार से अधिक महिलाओं को हर माह योजना का लाभ मिल रहा है।
किसी के लिए बच्चों की पढ़ाई, तो किसी के लिए घर की जरूरतें
महतारी वंदन योजना की राशि का उपयोग महिलाएं अपनी और परिवार की आवश्यकताओं के अनुसार कर रही हैं। कई महिलाएं इससे बच्चों की पढ़ाई के लिए कॉपी-किताब, फीस और अन्य शैक्षणिक जरूरतें पूरी कर रही हैं, तो कई परिवार की दैनिक जरूरतों और पोषण संबंधी खर्च में इसका उपयोग कर रही हैं।
देवगुड़ा की हितग्राही परमिला प्रजापति बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से उन्हें अपने बच्चे की पढ़ाई और पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल रही है। नियमित रूप से मिलने वाली राशि से उन्हें घर के खर्च को व्यवस्थित करने में भी सहूलियत होती है। वहीं पुरनानगर की एनीमा खलखो बताती हैं कि वे योजना की राशि से बच्चे की पढ़ाई और पोषण संबंधी जरूरतें पूरी करने के साथ घर के छोटे-मोटे खर्च भी पूरा करती हैं। वे हर माह 500 रुपए की बचत भी कर रही हैं। उनके लिए यह राशि परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ भविष्य के लिए आर्थिक आधार तैयार करने का माध्यम बन रही है।
बेटी के भविष्य के लिए बचत का संकल्प
महतारी वंदन योजना की राशि का उपयोग बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बचत में भी किया जा रहा है। तपकरा क्षेत्र के बाधरकोना की विनीता बघेल और जशपुर की पार्वती सिंह अपनी बेटियों के नाम सुकन्या समृद्धि योजना में राशि जमा कर रही हैं। उनका उद्देश्य बेटियों की उच्च शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए आर्थिक आधार तैयार करना है। सुकन्या समृद्धि योजना में न्यूनतम 250 रुपए से खाता शुरू किया जा सकता है और यह बेटियों के दीर्घकालिक भविष्य के लिए बचत को प्रोत्साहित करने वाली केंद्र सरकार की योजना है। इसके साथ ही महतारी शक्ति ऋण योजना के माध्यम से महिलाओं को 25 हजार रुपए तक का ऋण 48 आसान किश्तों में न्यूनतम ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे महिलाएं छोटे व्यवसाय और आयमूलक गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक रूप से आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त कर रही हैं।
बचत से आगे बढ़कर स्वरोजगार की ओर
महतारी वंदन योजना का प्रभाव महिलाओं की बचत तक सीमित नहीं है। कई महिलाएं योजना से मिलने वाली राशि और अपनी आय को मिलाकर स्वरोजगार तथा छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ा रही हैं। जशपुर की ममता यादव, जो सिलाई का काम करती हैं, बताती हैं कि योजना से मिलने वाली राशि और सिलाई से होने वाली आय को मिलाकर वे परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ बच्चों के भविष्य के लिए भी बचत कर पा रही हैं। नियमित आर्थिक सहायता ने उन्हें अपने काम को जारी रखने और परिवार की आर्थिक जरूरतों में योगदान देने का भरोसा दिया है। इसी तरह श्रीमती सरिता यादव, श्रीमती अनीता सोनकर, श्रीमती बिरसमुनी सिंह, श्रीमती लक्ष्मी बाई और श्रीमती अनीशा बाई सहित जिले की अनेक महिलाएं सिलाई, छोटे व्यवसाय और अन्य आयमूलक गतिविधियों से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं।
महिलाओं के हाथ में पहुंची राशि, परिवार की अर्थव्यवस्था को मिला सहारा
महतारी वंदन योजना की राशि का उपयोग महिलाएं परिवारों में बचत, शिक्षा, पोषण, घरेलू जरूरतों का पूरा करने के साथ ही स्वरोजगार में भी कर रही हैं। नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं को अपने खर्च और बचत से जुड़े छोटे-छोटे निर्णय लेने का अवसर मिल रहा है। महिलाएं इस राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा, परिवार की जरूरतों, बचत और आयमूलक गतिविधियों में कर रही हां। इसका सकारात्मक असर पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। महतारी वंदन योजना इस तरह महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता से आगे बढ़कर आत्मनिर्भरता, बचत और भविष्य की बेहतर योजना बनाने का माध्यम बन रही है।
बच्चों की पढ़ाई, घर की जरूरतों से लेकर बचत और स्वरोजगार तक में उपयोग कर रही महिलाएं








