
*सेवा की कहानी*
*- विभिन्न आजीविका गतिविधियों से बढ़ी पारिवारिक आय, बनी आत्मनिर्भर*
राजनांदगांव 29 सितम्बर 2026। ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में स्वसहायता समूह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़कर महिलाएं बचत और ऋण की गतिविधियों के साथ-साथ विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों का संचालन कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं। स्वसहायता समूहों से मिलने वाले वित्तीय सहयोग, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन से महिलाओं को अपने हुनर को व्यवसाय का रूप देने का अवसर मिल रहा है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम धनडोंगरी निवासी लखपति दीदी श्रीमती दिनेश्वरी सोरी की है। उन्होंने सामान्य गृहणी से सफल स्वरोजगार संचालक तक का सफर तय कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है।
श्रीमती दिनेश्वरी सोरी ने जय सेवा जय बूढ़ा देव स्वसहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार गतिविधियां प्रारंभ करने का निर्णय लिया। उन्होंने अपनी रूचि और स्थानीय मांग के अनुरूप मशरूम उत्पादन के साथ साबुन, निरमा, गुलाल, मोमबत्ती एवं गोबर के दीये, चूड़ी और अगरबत्ती निर्माण जैसे विभिन्न कार्य शुरू किए। शुरूआत में पूंजी की कमी उनके सामने बड़ी चुनौती थी, लेकिन स्वसहायता समूह एवं ग्राम संगठन से मिले वित्तीय सहयोग ने उनके लिए स्वरोजगार की राह आसान की। उन्होंने समूह के माध्यम से प्राप्त ऋण एवं अनुदान राशि का उपयोग करते हुए अगरबत्ती निर्माण की मशीन खरीदी और व्यवस्थित रूप से अगरबत्ती उत्पादन का कार्य प्रारंभ किया। उन्होंने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के साथ ऋण की राशि का समय पर भुगतान भी किया। इसके बाद बैंक से 1 लाख रूपए का ऋण लेकर अपनी आर्थिक गतिविधियों का विस्तार किया। वह मेहनत, लगन और समूह से मिले सहयोग के माध्यम से विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों का संचालन कर नियमित आय अर्जित कर रही हैं।
श्रीमती दिनेश्वरी सोरी ने बताया कि स्वसहायता समूह से जुडऩे से पहले कृषि एवं मजदूरी के माध्यम से उनके परिवार की वार्षिक आय लगभग 52 हजार रूपए थी। समूह से जुडऩे के बाद स्वरोजगार गतिविधियों के साथ कृषि एवं मजदूरी के कार्यों को भी जारी रखा। इससे परिवार की वार्षिक आय बढ़कर लगभग 1 लाख 50 हजार रूपए हो गई है। अगरबत्ती, साबुन, निरमा, गुलाल, मोमबत्ती एवं गोबर के दीये, चूड़ी निर्माण तथा मशरूम उत्पादन जैसी गतिविधियों से अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हो रही है। विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों से प्राप्त आय से परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग मिल रहा है। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन विहान के तहत सहयोग मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया को धन्यवाद दिया।









