
राजनांदगांव 05 अक्टूबर 2026। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री विजय कुमार होता ने जिला जेल राजनांदगांव का त्रैमासिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमीता जायसवाल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती प्रीति नागवंशी एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री निलेश जगदल्ला उपस्थित थे। निरीक्षण के दौरान जेल में निरूद्ध बंदियों के बैरक की साफ-सफाई एवं भोजन की गुणवत्ता सहित व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। बंदियों से उनकी आवश्यकताओं एवं समस्याओं के संबंध में जानकारी ली गई। लंबे समय से जिला जेल मे निरूद्ध कैदियों के मामले की सुनवाई के लिए आवश्यक एवं प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही जिला जेल अधीक्षक को भी ऐसे प्रकरणों के संबंध में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आवश्यक पत्र प्रेषित करने निर्देशित किया गया।
जेल लीगल क्लीनिक में नियुक्त पैरा लीगल वॉलंटियर मोहिनी साहू के माध्यम से जमानती अपराधों में निरूद्ध ऐसे बंदियों, जो जमानत का लाभ प्राप्त करने की स्थिति में हैं, को जमानत प्रस्तुत करने की प्रक्रिया में आवश्यक विधिक सहायता एवं सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि पात्र बंदियों को समय पर विधिक सहायता एवं जमानत संबंधी सहयोग प्राप्त हो, जिससे अनावश्यक रूप से निरूद्ध बंदियों की संख्या में कमी लाई जा सके। साथ ही पुराने एवं लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने पर विशेष जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन को बंदियों के मूलभूत अधिकारों, आवश्यक सुविधाओं एवं विधिक सहायता की उपलब्धता सुनिश्चित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।









