स्वास्थ-ज्योतिष

25 से भोलेनाथ का अतिप्रिय श्रवण मास ,कोरोना संकट हर स्वामी राजेश्वरा नंद
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25 से भोलेनाथ का अतिप्रिय श्रवण मास ,कोरोना संकट हर स्वामी राजेश्वरा नंद

हर हर महादेव— भगवान भोलेनाथ को अतिप्रिय श्रावण मास 25 जूलाई 2021 दिन रविवार से प्रारंभ हो रहा है,जिसमें चार सोमवार व्रत होंगे । पहला सोमवार-26 जूलाई दूसरा सोमवार-2 अगस्त तीसरा सोमवार-9 अगस्त चौथा सोमवार-16 अगस्त और श्रावण शिवरात्रि व्रत 6 अगस्त शुक्रवार को मनायी जायेगी- शारीरिक पीड़ा एवं नवग्रहों से पीड़ा की शांति हेतु महामृत्युंजय का जाप आचार्यों के द्वारा विधि विधान से श्री सुरेश्वर महादेव पीठ में कराया जाता है एवं श्रावण माह में महामृत्युंजय का जाप करवाना अति सर्वश्रेष्ठ माना गया है इसलिए आप अपने एवं अपने परिवार के लिए महामृत्युंजय का जप अवश्य करवाएं अतः आप सभी भक्त इस श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ की पूजा आराधना एवं रूद्राभिषेक मंत्र जाप कर इस महामारी के प्रकोप को शांत करने की प्रार्थना करें- स्वामी राजेश्वरानंद संस्थापक श्री सुरेश्वर महादेव पीठ रायपुर छत्तीसगढ़ मोबाइल नंबर 9...
मृत्यु महोत्सव के बाद टीका उत्सव : देश के साथ छल, छद्म और कपट की राजनीति
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मृत्यु महोत्सव के बाद टीका उत्सव : देश के साथ छल, छद्म और कपट की राजनीति

*(आलेख : बादल सरोज)* महामारी की तीसरी लहर के आने की आशंकाओं, जिसकी अब डेल्टा वैरिएंट के नाम पर पहचान तथा अधिकृत पुष्टि भी हो गयी है, के बीच जनता को किसी भी तरह की राहत देने से मोदी सरकार ने सीना ठोंक के मना कर दिया है। जो खुद किसी राष्ट्रीय आपदा से कम नहीं है, वह मोदी सरकार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन क़ानून के बाध्यकारी प्रावधानों से भी मुकर गयी है। कोरोना को बाहर से आयी और लगातार आने वाली विपदा बताकर एक तरह से उसने इसे महामारी या राष्ट्रीय आपदा तक मानने से भी इंकार कर दिया है। जिस देश में इस महामारी के कालखण्ड में करीब 50 लाख से ज्यादा मौतें हुयी हों, (गुजरात से मध्यप्रदेश तक मौतों की असली संख्या को छुपाने के आपराधिक धतकरम हर रोज उजागर हो रहे हैं, किन्तु इसके बाद भी सरकारी आंकड़ा अभी 4 लाख तक भी नहीं पहुंचा है।) घर के कमाने वालों की मौतों के चलते लाखों परिवारों को दो जून के खाने और जिंदगी बच...
अंतराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून पर विशेष लेख नियमित योग से सँवारे अपना जीवन
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अंतराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून पर विशेष लेख नियमित योग से सँवारे अपना जीवन

इस जीवन में हर मनुष्य चाहता कि वह स्वथ्य रहे निरोग रहे। पर वर्तमान समय में मनुष्य निरंतर भाग-दौड़ भरी जिन्दगी में उलझकर रह गया है। मनुष्य अपने दैनिक दिनचर्या में सही वक्त में वो हर काम नहीं कर पाता जो उसे करना चाहिए। वह केवल अपने जीविका के लिए निरंतर दिन रात दौड़ते भागते रहते हैं। पर क्या उसकी जीवनशैली में परिवर्तन आते है और उसका जीवन खुशमय हो जाता है। नहीं वे धनोपार्जन करते-करते वह अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह हो रहे हैं। आज के समय में किसी के पास स्वयं के लिए वक्त नहीं है। आप अधिकतर लोगों से सुनते है कि मेरे पास वक्त नहीं है। वक्त तो किसी के पास नहीं होता पर वक्त निकालना पड़ता है। व्यक्तियों ने अपने आप को सीमित कर लिया है। निरोगी लिए एक श्लोक प्रचलित है- व्यायामात् लभते स्वास्थ्यं दीर्घायुष्यं बलं सुखं। आरोग्यं परमं भाग्यं स्वास्थ्यं सर्वार्थसाधनम्॥ इसका भावार्थ है- व्यायाम ...
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून।। विशेष लेख। औद्योगिक विकास व सुविधा भोगी संसार के चलते योग दिनचर्या का एक आवश्यक अंग बन गया है
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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून।। विशेष लेख। औद्योगिक विकास व सुविधा भोगी संसार के चलते योग दिनचर्या का एक आवश्यक अंग बन गया है

 लेखक  भिखारी प्रजापति                                     प्रदेश अध्यक्ष विश्व हिंदू महासंघ उत्तर प्रदेश। सदस्य राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उत्तर प्रदेश भारत ऋषि , कृषि प्रधान देश है । औद्योगिक विकास के पूर्व साधु ,संत, सन्यासी ,ऋषि , महर्षि आसन, ध्यान ,प्राणायाम के द्वारा यौगिक क्रियाएं करते रहे । खेती, किसानी, मजदूरी करने वाले लोग दिनभर हल के पीछे पीछे चलते, फावड़ा ,कुदाल चलाते , कामकाजी महिलाएं गेहूं पीसने के लिए चक्की चलाने से लेकर ओखली में मूसल से कूटने निकाई, गुड़ाई , कटाई जैसे कार्य करती थीं। सभी लोग शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ थे । अलग से योग करने की कोई जरूरत नहीं थी और अब औद्योगिक विकास व सुविधा भोगी संसार के चलते योग दिनचर्या का एक आवश्यक अंग बन गया है । स्कूली पाठ्यक्रम में भी योग को शामिल करना जरूरी हो गया है। स्वस्थ जीवन जीने की कला को योग कहते हैं। योग का अर्थ है जोड...
राहत भरी खबर 90 दिन बाद छत्तीसगढ़ में लगातार बेहतर हो रही है कोरोना संक्रमण की स्थिति,संक्रमण दर मात्र 1.4 प्रतिशत, रिकवरी दर 98 प्रतिशत
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राहत भरी खबर 90 दिन बाद छत्तीसगढ़ में लगातार बेहतर हो रही है कोरोना संक्रमण की स्थिति,संक्रमण दर मात्र 1.4 प्रतिशत, रिकवरी दर 98 प्रतिशत

*छत्तीसगढ़ में लगातार बेहतर हो रही है कोरोना संक्रमण की स्थिति* *संक्रमण दर मात्र 1.4 प्रतिशत, रिकवरी दर 98 प्रतिशत*     रायपुर. 16 जून 2021/ छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण की स्थिति अब नियंत्रण में है। संक्रमण की दर में लगातार सुधार हो रहा है। प्रदेश में बीते 15 जून को संक्रमण की रफ्तार घटकर मात्र 1.4 प्रतिशत पर आ गई है। विगत 10 जून को यह दर 2.3 प्रतिशत, 5 जून को 2.6 प्रतिशत और 1 जून को 3.1 प्रतिशत दर्ज किया गया था। रिकवरी दर भी बढ़कर 98 प्रतिशत पर पहुंच गई है। राज्य में टीकाकरण का कवरेज लगातार बढ़ता जा रहा है। कोरोना से बचाव के टीके की पहली और दूसरी खुराक को मिलाकर अब तक (15 जून तक) 73 लाख 32 हजार टीके लगाए जा चुके हैं। कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण और रोकथाम के लिए इसके लक्षण वाले 22 लाख 42 हजार संदिग्ध मरीजों को निःशुल्क दवा किट वितरित की गई हैं। मुख्यमंत्री श्री भूपे...
हर व्रत का समय काल अलग अलग होता है स्वामी राजेश्वरा नंद महाराज सुरेश्वरमहादेवपीठ
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हर व्रत का समय काल अलग अलग होता है स्वामी राजेश्वरा नंद महाराज सुरेश्वरमहादेवपीठ

आईये आपको शास्त्रों में दिये गये प्रमाणों के आधार पर स्वामी राजेश्वरानंद सुरेश्वर महादेव पीठ संस्थापक इस व्रत से अवगत कराता हूँ। कि 9 जून बुधवार को ही क्यो मनाना सही है। जिस समय का जो व्रत होता है उस तिथि की व्याप्ति देखी जाती है न् कि सूर्य की उदय तिथि। हर व्रत का समय काल अलग अलग होता है। उदाहरण-- १. व्रत पूर्णिमा प्रायः हर बार #चतुर्दशी तिथि में ही आता है लेकिन चंद्रोदय के समय पूर्णिमा रहती है। यह चांद्रव्रत है। चंद्रोदय के समय पूर्णिमा होनी चाहिए। सूर्योदय से इस व्रत का कोई मतलब नहीं। २. गणेश चतुर्थी व्रत-- यह व्रत प्रायः हर बार तृतीया तिथि में ही आता है। लेकिन चंद्रोदय के समय चतुर्थी ही रहती है। सूर्योदय से इस व्रत का कोई मतलब नहीं है। ३. प्रदोष व्रत प्रायः हर बार द्वादशी तिथि में ही आता है लेकिन प्रदोष(सांयकाल) में त्रयोदशी ही रहती है। सूर्योदय से इस व्रत का कोई मतलब नहीं...
मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान का असर, ग्लोबल फंड प्रोजेक्ट जीएफएटीएम के तहत राज्य को मिलेगा मोबिलिटी सपोर्ट
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मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान का असर, ग्लोबल फंड प्रोजेक्ट जीएफएटीएम के तहत राज्य को मिलेगा मोबिलिटी सपोर्ट

मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान का असर, ग्लोबल फंड प्रोजेक्ट जीएफएटीएम के तहत राज्य को मिलेगा मोबिलिटी सपोर्ट *ज़िलों के लिए 17 चार पहिया एवं विकासखंडों हेतु 75 दो पहिया गाड़ियों हेतु आर्थिक सहयोग* *मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान से बस्तर संभाग में मलेरिया के मामलों में 45.20 प्रतिशत की आई है कमी* रायपुर. 03 जून 2021. मलेरिया नियंत्रण हेतु राज्य शासन द्वारा लॉंच किए गए मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान का काफ़ी व्यापक असर देखने को मिला है। बस्तर क्षेत्र में इसके बेहतरीन परिणाम देखे जाने के बाद इस अभियान का मलेरिया मुक्त छतीसगढ़ अभियान के रूप में पिछले वर्ष के अंत में सरगुजा संभाग में भी क्रियान्वयन किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा चलाए गए दोनो संभागों में इन विशेष अभियानों से मलेरिया के प्रकरणों में लगातार कमी आ रही है। अप्रैल-2020 की तुलना में अप्रैल-2021 में सरगुजा संभाग में...
सुरेश्वरमहादेव पीठ से निकले संत घर घर जाकर वातवरण शुद्धि केलिए किया हवन स्वामी राजेश्वरा नंद महाराज
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सुरेश्वरमहादेव पीठ से निकले संत घर घर जाकर वातवरण शुद्धि केलिए किया हवन स्वामी राजेश्वरा नंद महाराज

आज श्री सुरेश्वर महादेव पीठ से कोविड-19 महामारी के नाश हेतु घर घर जाकर वातावरण को हवन के द्वारा शुद्ध किया गया साथ ही मंत्रोचार के द्वारा कोविड-19 के नाश के लिए बगलामुखी एवं महामृत्युंजय के मंत्रों के द्वारा हवन किया गया स्वामी राजेश्वरानंद जी संस्थापक श्री सुरेश्वर महादेव पीठ के नेतृत्व में यह आयोजन हुआ साथ ही स्वामी जी ने कहा कि अगर ऐसा हर एक संस्था चाहे वह राजनीतिक पार्टी हूं चाहे वह समाज की पार्टी हो या अन्य कोई पार्टी है हम सभी से निवेदन करते हैं किस प्रकार से करके मंत्रोचार एवं हवन के द्वारा कोविड-19 महामारी का नाश निश्चित रूप से होगा इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मनोज अग्रवाल जी उर्फ मोनू किशोर महानंद जी हरीश भाटिया संतोष खंडेलवाल धर्मेश नामदेव श्रीमती बिंदु महेश्वरी पूर्व पार्षद आचार्य नागेश जी के द्वारा मंत्रोच्चार किया गया एवं हवन में आचार्य मनोज कुमार दास आचार्य रघुनंदन प्रसाद ...
कोरोना काल ,सऊदी हुकूमत का फरमान हज आवेदकों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ऑनलाइन देनी होगी,
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कोरोना काल ,सऊदी हुकूमत का फरमान हज आवेदकों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ऑनलाइन देनी होगी,

  रायपुर, 28 मई 2021/ हज 2021 के आवेदकों को अपनी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड करनी होगी। छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के कार्यपालन अधिकारी श्री साजिद मेमन ने इस संबंध में बताया कि हज कमेटी ऑफ इंडिया मुम्बई ने गुरूवार 27 मई को सर्कुलर जारी कर कहा है कि हज 2021 के लिए सउदी हुकुमत द्वारा निर्धारित की गई उम्र के मापदंड अनुसार आवेदन करने के लिए पात्र आवेदकों को उनके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को हज कमेटी की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। ऑनलाइन हेल्थ वेरीफिकेशन के तहत हर आवेदकों को कोविड-19 से बचाव के लिए उनके द्वारा ली गई वैक्सीन के डोज का विवरण, वैक्सीन का नाम और उसका सर्टिफिकेट अपलोड करना होगा। इसके साथ ही विगत 6 माह में किसी भी बीमारी से हास्पिटल में दाखिला न होने संबंधी जानकारी और कोविड संक्रमण काल को दृष्टिगत रखते हुए हज 2021 के लिए प्रस्थान करने...
खग्रास चंद्रग्रहण विशेष(केवल भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में ग्रस्तोदय दुर्श्य) स्वामी राजेश्वरानंद महाराज
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खग्रास चंद्रग्रहण विशेष(केवल भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में ग्रस्तोदय दुर्श्य) स्वामी राजेश्वरानंद महाराज

खग्रास चंद्रग्रहण विशेष*(केवल भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में ग्रस्तोदय दृश्य)* *वैशाख शुक्ल 15 (पूर्णिमा) बुधवार, दिनांक 26 मई , 2021 ई. को भारत के पूर्वी राज्यों में ग्रस्तोदय खण्डग्रास चंद्रग्रहण के रुप में दिखाई देगा। यह चंद्रग्रहण भारत के पूर्वोत्तर राज्य - अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, मिजोरम, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह सहित पश्चिमी बंगाल के अधिकाश भाग तथा पूर्वी उड़ीसा में सायंकाल चंद्रोदय के आसन्नकाल में एक से 30 मिनट तक दिखाई देगा। यह ग्रहण राजस्थान प्रेदश सहित भारत के पश्चिमी राज्यों में कहीं भी दिखाई नहीं देगा। यह चंद्रग्रहण भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ पूर्वी दक्षिणी श्रीलंका, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, दक्षिणी अमेरिका व उत्तरी अमेरिका के अधिकाशं भाग व मलेशिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर, फिलीपींस आदि देशों में दिखाई देगा।* *भारत में ग्रहण...