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फिर निशाने पर आई स्त्री देह
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फिर निशाने पर आई स्त्री देह

  आलेख : बादल सरोज 🔵 और ज़रा सी गर्मी पकड़ते ही मध्यप्रदेश का अभियान भी घसीट कर अपनी पसंदीदा पिच पर ले आया गया। आमफहम भाषा में कहें, तो दोनों प्रतिद्वंदी दलों की राजनीति अपनी औकात पर आ गयी और निशाना स्त्री बन गयी। 🔵 पूर्व मुख्यमंत्री 73 वर्षीय कमलनाथ को कल तक उन्हीं के मंत्रिमण्डल की सदस्य रही, अब दलबदल कर फिर से मंत्री बन चुनाव लड़ रही डबरा की महिला उम्मीदवार "आइटम" नजर आने लगी, तो इस पर कुछ घंटों का मौनव्रत रखकर नौ सौ चूहे खाने वाली बिल्ली भाजपा भी हज के लिए निकल पड़ी। स्त्री सम्मान के लिए सजधज कर उतरी भाजपा और शिवराज सिंह सहित उसके नेताओं के मौन-पाखण्ड वाली नौटंकी के शामियाने भी नहीं खुले थे कि उन्हीं की पार्टी के चिन्ह से उपचुनाव लड़ रहे दलबदल कर मंत्री बने बिसाहू लाल सिंह ने बाकायदा कैमरों और मीडिया के सामने अपने प्रतिद्वंद्वी की पत्नी के खिलाफ निहायत आपत्तिजनक और भद्दी टिप्प...
वरिष्ठ पत्रकार चन्द्र शेखर शर्मा की बात बेबाक बेटियों का ख्याल रखो भारत , कि आदमखोर व्यवस्था, आजाद घूम रही है।
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वरिष्ठ पत्रकार चन्द्र शेखर शर्मा की बात बेबाक बेटियों का ख्याल रखो भारत , कि आदमखोर व्यवस्था, आजाद घूम रही है।

         "ये क्या हाल बना रखा है , आखिर कुछ करते क्यों नही"  कभी टीवी पर आने वाला यह विज्ञापन आज बच्चियों के साथ होते अनाचार ,मौत और बेबस होती सरकारों , लाचार वर्दी से अनायास ही याद आ गया । देश के विभिन्न हिस्सों में बदहाल होती कानून व्यवस्था ,  बच्चियों पर होते अत्याचार, महिलाओं की लुटती आबरू ने सोचने पर विवश कर दिया कि आखिर इनकी पीड़ा के लिए क्या एक दिन महिला दिवस , बालिका दिवस मना, मोमबत्ती जला ,काला रिबन बांध, मौन जुलूस निकाल सोशल मीडिया में फ़ोटो अपलोड कर लाइक्स बटोरना भर रह गया है । लोगो का हुजूम और उनकी अंतरात्मा भी जाति और धर्म देख कर जस्टिस मांगने लगी है । हमारी बेटियां रोज उत्पीडित हो रही हैं ,पर हमारी संवेदनाओं को पाला मार गया है । एक स्त्री केवल बलात्कार होने तक ही एक स्त्री रहती है , वो कोई हिन्दू , मुस्लिम या दलित नही होती है । देश की विडम्बना और हमारा दुर्भाग्य है कि घटिया र...
अभी तो मश्के सितम कर रहे हैं अहले सितम, अभी तो देख रहे हैं वो आजमा के मुझे
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अभी तो मश्के सितम कर रहे हैं अहले सितम, अभी तो देख रहे हैं वो आजमा के मुझे

0आलेख : बादल सरोज 🔵 इतवार के दिन (ऐसे मामलों में हमारी पुलिस इतवार को भी काम करती है) दिल्ली दंगों के मामले में मोदी और अमित शाह की दिल्ली पुलिस ने एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश करके सीपीआई(एम) के महासचिव सीताराम येचुरी को भी नामजद कर लिया। उनके साथ प्रख्यात अर्थशास्त्री जयती घोष, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद तथा स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव और फिल्मकार राहुल रॉय भी इस पूरक आरोप पत्र में नामजद किये गए हैं। इन पर आरोप है कि "इन्होने लोगों को उकसाया और दंगों के लिए भड़काया। उकसाने के लिए इन्होंने नागरिकता क़ानून, नागरिकता रजिस्टर विरोधी प्रदर्शनों को संगठित तथा प्रोत्साहित किया।" उकसाने के इस कथित आरोप के लिए सीएए और एनआरसी के खिलाफ देश भर में चले नागरिक आंदोलन में सीताराम येचुरी तथा अन्यों की हिस्सेदारी को आधार बनाया गया है। 🔵 ज्ञातव्य है कि इसी साल फरवरी में उत्तर...
राजस्थान की पासिंग ट्रक में भरा था पशु आहार की बोरिया,छुपा कर रखा था मध्यप्रदेश में बनी 504 पेटी शराब
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राजस्थान की पासिंग ट्रक में भरा था पशु आहार की बोरिया,छुपा कर रखा था मध्यप्रदेश में बनी 504 पेटी शराब

किशोर कर ब्यूरो चीफ महासमुंद मध्य प्रदेश में निर्मित 504 पेटी देशी व अंग्रेजी शराब की तस्करी करते दो आरोपी गिरफ्तार  पुलिस को गुमराह करने राजस्थान पासिंग ट्रक में पशुआहर की बोरियों के बीच छिपाकर कर रहे थे शराब की तस्करी, महासमुंद जिलें में खपाने का था प्रयास।  महासमुंद जिलें की अवैध शराब तस्करी पर अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही। महासमुंद - मध्यप्रदेश से शराब की तस्करी कर छत्तीसगढ़ में खपाने की तैयारी में जुटे दो शराब तस्करों को गिरफ्तार किया गया है जिनसे तीस लाख का अंग्रेजी और देशी शराब जप्त किया गया है । पुलिस अधीक्षक महासमुन्द प्रफुल्ल कुमार ठाकुर द्वारा जिलें के समस्त थाना चौकी प्रभारियों को दीगर प्रान्त से आने वाली अवैध शराब मादक पदार्थ पर अंकुश लाने व अवैध शराब बिक्री पर कड़ी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया था। जिसके तहत् थाना चौकी प्रभारी व सायबर सेल की टीम दीगर प्रांतो...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जन्मदिन विशेष,विश्व के सबसे अधिक जनसमर्थन वाले प्रधानमंत्री, महात्मा गांधी और सरदार पटेल की भूमि गुजरात के लाल, नरेंद्र मोदी के दर्शन और कर्तव्यपरायणता महात्मा गांधी के निकट
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जन्मदिन विशेष,विश्व के सबसे अधिक जनसमर्थन वाले प्रधानमंत्री, महात्मा गांधी और सरदार पटेल की भूमि गुजरात के लाल, नरेंद्र मोदी के दर्शन और कर्तव्यपरायणता महात्मा गांधी के निकट

लेखक प्रभात झा (भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद ) विश्व के सबसे अधिक जनसमर्थन वाले प्रधानमंत्री, महात्मा गांधी और सरदार पटेल की भूमि गुजरात के लाल, नरेंद्र मोदी के दर्शन और कर्तव्यपरायणता महात्मा गांधी के निकट है। गांधीजी द्वारा प्रतिपादित मानवता, समानता और समावेशी विकास के सिद्धांतों पर चलकर उन्होंने भारत के अबतक के सबसे जनप्रिय प्रधानमंत्री होने का गौरव प्राप्त किया है। जन सेवा और राष्ट्र धर्म का उन्होंने अनुपालन कर जो आदर्श स्थापित किया है, एक सुनहरे भारत का निर्माण तो करेगा ही विश्व के लिए कल्याणकारी होगा। नव भारत और आत्मनिर्भर भारत के सपनों को लेकर एक श्रेष्ठ और समर्थ भारत के निर्माण को संकल्पित व समर्पित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 70 वर्ष के हो गए। 17 सितम्बर 1950 को दामोदरदास मोदी और हीराबा के घर जन्मे नरेंद्र मोदी का बचपन राष्ट्र सेवा की एक ऐसी विनम्र शुरु...
वरिष्ठ पत्रकार चंद्रशेखर शर्मा की बात बेबाक, इलेक्ट्रानिक मीडिया की अपनी टी आर पी की भूख ने इन असभ्य बातो को खूब चटखारे ले कर प्राइम डिबेट का मौका परोस दिया है
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वरिष्ठ पत्रकार चंद्रशेखर शर्मा की बात बेबाक, इलेक्ट्रानिक मीडिया की अपनी टी आर पी की भूख ने इन असभ्य बातो को खूब चटखारे ले कर प्राइम डिबेट का मौका परोस दिया है

चंद्रशेखर शर्मा 【पत्रकार 】9425522015 आज कल राजनीती की चौपाल पर राह भटके नवांकुरित बदजुबान नेताओ द्वारा खुले आम प्रयोग किये जा रहे अपशब्दों के प्रयोग व इलेक्ट्रानिक मीडिया की अपनी टी आर पी की भूख ने इन असभ्य बातो को खूब चटखारे ले कर प्राइम डिबेट का मौका परोस दिया है । अब टीवी पर समाचार और बहस देखने सुनने वाले बच्चों को कैसे संस्कार मिलेंगे समझ सकते है । टीवी पर होने वाली बहस को देख सुन माँ भी हमें डांटने लगी है कि बेटा "टीवी पर नौटंकीबाज नेताओं के बहस वाले कार्यक्रम बच्चों को दिखाया सुनाया मत कर बच्चे गाली गलौच लड़ाई झगड़ा सीख जाएँगे ।" राजनीति की चौपड़ पर बात महिला को वैश्या , हरामी ,  हरामखोर बोलकर अपमानीत करने से शुरू होती है । जो कई बार टी आर पी के चक्कर में बुद्धुबख्से वाले बिना सेंसर के दिखाते सुनाते रहते है और नौटंकीबाज नेता और कथित पैनलिस्ट कहने वाले को छोड़ आपस में नॉटी ...
हिंदी दिवस पर विशेष लेख, भाषा की उपेक्षा संस्कृति के विकास में बाधक
छत्तीसगढ़ प्रदेश, लेख-आलेख

हिंदी दिवस पर विशेष लेख, भाषा की उपेक्षा संस्कृति के विकास में बाधक

किशोर कर "वरिष्ठ पत्रकार" भाषा भावों की अभिव्यक्ति है, विचारों का परिधान है, अव्यक्त भाषा से ही प्राणवान होकर व्यक्त होता है । धर्म , संस्कृति, इतिहास, साहित्य सभी भाषा से ही आकार लेते हैं। प्रत्येक की अपनी भिंन्न भाषा होती है जिससे उपयोगिता के आधार पर इसका विकास होता है । भाषा रूपी इस सांस्कृतिक विरासत को नजर अंदाज करने से यह निरंतर ह्रास होती जा रही है । भाषा संस्कृत शब्दावली की "भाष" धातु से बनी है जिसका अर्थ बोलना या कहना है। इस संबंध में महान दार्शनिक प्लेटो का कहना है कि विचारों की आत्मा का मुख्य अध्यापक संकेत यही जब तक होकर शब्दों द्वारा प्रकट होता है तो इसे भाषा की संज्ञा दी जाती है भाषा पर संकेत का एक माध्यम है भाषा की उत्पत्ति का सिद्धांत 20वीं सदी में बर्नार्ड जोहंसवर्ग और हमफ्री जैसे विद्वानों द्वारा प्रतिपादित किया गया है महाद्वीप, देश, धर्म, काल आकृति, परिवार के प्रभाव...
चन्द्र शेखर शर्मा की बात बेबाक 15 अगस्त की देश भक्ति अगली तारीख 26 जनवरी तक सो जाएगी
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चन्द्र शेखर शर्मा की बात बेबाक 15 अगस्त की देश भक्ति अगली तारीख 26 जनवरी तक सो जाएगी

चंद्र शेखर शर्मा पत्रकार कवर्धा 9425522015        हमेशा की तरह जोश और जुनून से भरा स्वतंत्रता दिवस इस बार कोरोना आँटी के जानलेवा इश्क के दहशत के बीच नेताओ अफसरों की जनता से दूरी बनवाते गुजर गया । आजकल में हमारी देश भक्ति भी अगली तारीख बोले तो गणतंत्र दिवस तक के लिए सो भी जाएगी । इस बीच कभी कभार अलसाई नींद से जाग गई तो धर्म ,जाति , क्षेत्र और क्षद्मराष्ट्र वाद के नाम पर शोशल मीडिया में जाग क्षणिक जोश मार भी लेगी । 15 अगस्त और 26 जनवरी दो ऐसी तारीखें है जब हमारे सीने में राष्ट्रवाद का जोश उबाल मारने लगता है । कलफदार कुर्ता पहन सेल्फ़ीवाली देशभक्ति छाई रहती है । हम सब एक है , हिन्दु मुस्लिम सिख ईसाई आपस में भाई भाई , अखंड भारत जैसे के नारे हम लागते फिरते है । वैसे हमारा संविधान भी कहता है कि जाति,धर्म और क्षेत्र के आधार पर किसी से कोई भेदभाव नहीं किया जायेगा । जबकि हकीकत में भेदभाव इन्हीं ...
मंदिर तो बहाना है, हिन्दू राष्ट्र बनाना है
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मंदिर तो बहाना है, हिन्दू राष्ट्र बनाना है

🔴 5 अगस्त को अयोध्या में जिस मन्दिर कॉम्प्लेक्स के शिलान्यास को लेकर पूरी सरकार और उसका मीडिया धूमधड़ाका मचाये है, वहां किसका मंदिर बनने वाला है? 🔴 शबरी के बेर खाकर वन्यजीवन काटने वाले और 14 साल का वनवास भोग कर घर लौटते ही सबसे पहले कैकेयी के पाँव छूने वाले राम का तो यकीनन नहीं। ऐसे किसी राम का मंदिर बनाने में उनकी दिलचस्पी न कभी थी, न आज है। 🔴 अगर होती तो सुप्रीम कोर्ट ने अपने अन्यथा अजीब निर्णय में "स्वतंत्र न्यास से मंदिर निर्माण कराये जाने" की जो बात कही है, उसे माना जा रहा होता। महामारी से जूझते देश में हड़बौंग नहीं मचाया जा रहा होता। ऐन कोरोना की तीव्र से तीव्रतर फैलती महामारी के बीच उचककर खुद प्रधानमंत्री वहां नहीं जा रहे होते। उत्तरप्रदेश की सरकार महामारी थामने और प्रदेश भर में फ़ैली अराजकता को रोकने की जिम्मेदारी सरयू में प्रवाहित कर ढपली नहीं बजा रहे होते। इन सबमें आस्था न...
फारसी में राम का शाब्दिक अर्थ है आज्ञाकारी:,ईराक के एक शहर का नाम राम अल्लाह होना राम के काल्पनिक नही होने का प्रमाण है  रिजवी
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फारसी में राम का शाब्दिक अर्थ है आज्ञाकारी:,ईराक के एक शहर का नाम राम अल्लाह होना राम के काल्पनिक नही होने का प्रमाण है रिजवी

रायपुर।30/07/2020। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया प्रमुख एवं मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम के बारे में एक महत्वपूर्ण जानकारी देश-विदेश की जनता को प्रेषित करते हुए बताया है कि विश्व की एकमात्र फारसी (परशियन) भाषा में राम का शाब्दिक अर्थ आज्ञाकारी होता है। इस बाबत् मेरी जानकारी में किसी भी समाज या धर्म के प्रमुखों द्वारा किसी व्याख्यान या प्रवचनों में नहीं बताया गया है परन्तु यह शब्द मुस्लिम देशों में प्रचलित है तथा ईस्लामिक देश ईराक में एक बड़े शहर का नाम ‘‘राम अल्लाह’’ है जो यह सिद्ध करता है कि राम शब्द काल्पनिक नहीं है। इस विषय पर भी गूढ़ मंथन होना चाहिए कि फारसी भाषा में राम शब्द कैसे आया। श्री राम आज्ञाकारी तो थे ही क्योंकि उन्होंने अपने पिता राजा दशरथ की आज्ञा का पालन करते हुए 14 वर्षों के वनवास पर ...