लेख-आलेख

बात बेबाक
छत्तीसगढ़ प्रदेश, लेख-आलेख

बात बेबाक

चंद्र शेखर शर्मा(पत्रकार) 9425522015 संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ हमारा संविधान कहता है कि जाति,धर्म और क्षेत्र के आधार पर किसी से कोई भेदभाव नहीं किया जायेगा । जबकि हकीकत में भेदभाव इन्हीं तीन आधार पर किया जाता है । जन्म से ही हमारी जाति निर्धारित हो जाती है । स्कुल कॉलेज में एडमिशन लेना हो या नौकरी का फार्म भरना हो जाति और धर्म का कालम पहले भरो । बच्चों को स्कूल कालेज में जाति धर्म के नाम पर बंटती छात्रवृत्ति में भेदभाव होता दिखता है , बच्चे पूछते है पापा , ताऊजी , चाचाजी हमारा जाति प्रमाण पत्र क्यो नही बनता ? क्या हमारी कोई जाति नही है ? बच्चों की इस जिज्ञासा , सरकारी योजनाओं में उन्हें समझ आ रहे भेदभाव और सरकारी भेदभाव से उनके मन मस्तिष्क में पनपते जहर का इलाज शायद ही किसी के पास होगा । जातिवाद और वर्णव्यवस्था के विरोध में बात करने वाले छुटभैये दलों के साथ साथ देश की अधिकांश रा...
जेएनयू में विवेकानन्द : जिनसे आँख मिलाने से कतरा रहे थे मोदी
खास खबर, छत्तीसगढ़ प्रदेश, लेख-आलेख

जेएनयू में विवेकानन्द : जिनसे आँख मिलाने से कतरा रहे थे मोदी

(आलेख : बादल सरोज) दिवाली के ठीक पहले 12 नवम्बर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये नरेन्द्र मोदी विवेकानन्द की मूर्ति के वर्चुअल अनावरण के मौके पर दिए भाषण में जब कह रहे थे कि "हमे कभी सेन्स ऑफ़ ह्यूमर" (हँसोड़पन और विनोदी स्वभाव) नहीं खोना चाहिए" -- तब दरअसल वे खुद अपने भाषण के अवसर और उसमें की गयी विवेकानन्द की व्याख्या की हास्यास्पदता के बारे में ही इशारा कर रहे थे। एक तो यही कम बड़ी त्रासद कॉमेडी नहीं थी कि विवेकानन्द जैसे कमाल की सोच-समझ और उसे उतनी ही निडर बेबाकी से रखने वाले विवेकानन्द की प्रतिमा का अनावरण ठीक उनके विलोम व्यक्तित्व के हाथों हो। मगर बड़े-बड़े देशों में राजनीतिक केमिस्ट्री ऐसे छोटे-छोटे बौनेपन के प्रहसन दिखाती रहती है। जेएनयू में विवेकानन्द के विश्व दृष्टिकोण के बारे में मोदी बोले कि "वे (विवेकानन्द) दुनिया भर में भारत के भाईचारे की परम्परा और सांस्कृतिक मूल्यों को लेक...
बात बेबाक – भावना का ज्वारभाटा
छत्तीसगढ़ प्रदेश, लेख-आलेख

बात बेबाक – भावना का ज्वारभाटा

चन्द्र शेखर शर्मा (पत्रकार) 9425522015 "भावना का ज्वारभाटा" कबीरधाम की राजनैतिक आबो हवा की मिठास कहे या जिले के राजनेताओं का दुर्भाग्य कि जिलें की राजनीतिक जमीन बाहरी नेताओ के लिए काफी उर्वरा रही है । जिले की राजनीति में एक कहावत "गांव के जोगी जोगड़ा आन गांव के सिद्ध" चरितार्थ होते दिखती है । 15 बरस सत्ता सुख भोगने के बाद भी भाजपा को कांग्रेस की तरह पैराशूट के जरिये आयातित व नवांकुरित नेता का सहारा लेना चर्चा का विषय बना हुआ है । कांग्रेस के परिवारवाद की घोर विरोधी , अकबर और ममता पर बाहरी का आरोप लगाने वाली भाजपा भावना के नाम पर परिवारवाद और बाहरी का आरोप झेल रही है। भावना की भावना में बहते भाजपा संगठन के खेमे में खासी नाराजगी देखी जा रही है हांलाकि डॉ रमन सिंह के व्यक्तित्व और उनकी व्यवहार कुशलता के चलते लोग खुल कर विरोध नही कर पाते किंतु मौका मिलने पर डंक मारना भी नही छोड़ते । राजनीति स...
बस्तर राजा के राजगुरू परिवार ने खुदवाया था रायपुर के रामकुंड ,रामसागर पारा के आम बगीचा में तालाब
खास खबर, रायपुर, लेख-आलेख

बस्तर राजा के राजगुरू परिवार ने खुदवाया था रायपुर के रामकुंड ,रामसागर पारा के आम बगीचा में तालाब

राम सागर का  तालाब तो बसाहट ओर आधुनिकता में पट गया अब रामकुंड और आमापारा में दो आमा तालाब बच गए हैं। जिसमें से एक आमा तालाब के चारो कोने में नाथ संप्रदाय के चार मंदिर है। जिसमें मच्छेन्द्र नाथ और उनके शिष्य गुरू गोरख नाथ सहित भूत नाथ और एक किनारे में औघड़ नाथ की प्राचीन मूर्ति स्थापित है। चारो दिशा में शिव लिगं और भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित है। तालाब से लगा लक्ष्मी नारायण मठ है जो दो सौ साल पहले साधु संतो की तपोभूमि थी।  लक्ष्मी नारायण मठ  के महंत महाराज वेद प्रकाश ने बताया कि मठ का प्रभाव रायपुर शहर सहित आसपास के गांव में था। साधु संत तालाब के किनारे आम के बगीचे में योगा साधना तप जप  किया करते थे। जिनकी आसपास समाधियां भी स्थापित है। जिसका कुछ हिस्सा समता कालोनी में आता है। बहारहाल रायपुर में आम बगीचा और आमा तालाब अब लुप्त हो चुके हैं। दो आमा तालाब और उनके किनारे स्थित प्राचीन मंदिर अपना ...
मुफ्तखोरी की योजनाओं से लड़खड़ाते युवा छत्तीसगढ़ को सशक्त बनाने की आवश्यकता
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मुफ्तखोरी की योजनाओं से लड़खड़ाते युवा छत्तीसगढ़ को सशक्त बनाने की आवश्यकता

किशोर कर , ब्यूरोचीफ महासमुंद (विशेष आलेख) स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे बड़े राज्य के रूप में दर्ज मध्य प्रदेश से अलग होकर बने राज्य छत्तीसगढ़ के युवावस्था में पहुंचने के बाद क्या सचमुच छत्तीसगढ़ विकास के दौड़ मे युवा जोश के साथ सरपट दौड़ लगाने लायक बन पाया है ? यह सवाल छत्तीसगढ़ के जनमानस पर इन दिनों लगातार उभर कर सामने आ रहा है। भारत के मानचित्र पर छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य है जहां की बहुतायत आबादी खेती किसानी और कृषि मजदूरी कर अपनी आजीविका चलाती है लेकिन राज्य निर्मित होने के 20 साल बाद क्या यहां के किसान मजदूर और खेती किसानी से जुड़े लोग आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो पाए हैं? यह काफी बड़ा सवाल है दरअसल संसाधनों का विकास जिस तरह होना चाहिये था वह आज भी नहीं हो पाया। सिंचाई के मामले में आज भी 20 साल पहले के जो हालात थे वह नजर आ ही जाते हैं ऐसे में 20 साल के युवा छत्तीसगढ़ मैं किसान कैस...
वरिष्ठ पत्रकार चन्द्रशेखर शर्मा की बात बेबाक ,छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस 1 नवम्बर की शुभकामनाओ के साथ 20 बरस का कड़वा सच
कवर्धा, खास खबर, छत्तीसगढ़ प्रदेश, रायपुर, लेख-आलेख

वरिष्ठ पत्रकार चन्द्रशेखर शर्मा की बात बेबाक ,छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस 1 नवम्बर की शुभकामनाओ के साथ 20 बरस का कड़वा सच

          छत्तीसगढ़ गठन के दौरान छत्तीसगढ़ के सफेद शेर के यहाँ तत्कालीन राजा की ठुकाई के बाद जोगिया रंग में रंगे छत्तीसगढ़ में भय भूख और भ्रष्टाचार के आतंक से थर्रायी जनता ने पहले चुनाव में ही विकास की आस में कमल खिलाया था । मरीजो की नब्ज टटोल उनकी बीमारी का इलाज करने वाले डॉ साहब ने छत्तीसगढिहा मनखे की नब्ज पकड़ राज्य में 15 सालों तक राज किया साथ ही विकास की गाथा लिखने में कोई कोर कसर नही छोड़ी किंतु रमन राज में बेलगाम होती अफसरशाही , कार्यकर्ताओ की अनदेखी ने भाजपा की लुटिया डुबो दी और 15 साल के वनवास के बाद फिर कांग्रेस सत्ता की मलाईदार कुर्सी तक पहुंची जरूर है पर राज्य में मुफ्तखोर बनाती योजनाओं खजाने की बिगड़ती माली हालत , बेलगाम कार्यकर्ता , राजा साहब और दाऊ के बीच का शीतयुद्ध , भ्रष्टाचारीयो की जुगलबंदी , बेलगाम होती अफसरशाही बता रही कि सत्ता के अंदरखाने में सबकुछ ठीक नही है । वैसे सत्ता क...
फिर निशाने पर आई स्त्री देह
देश-विदेश, रायपुर, लेख-आलेख

फिर निशाने पर आई स्त्री देह

  आलेख : बादल सरोज 🔵 और ज़रा सी गर्मी पकड़ते ही मध्यप्रदेश का अभियान भी घसीट कर अपनी पसंदीदा पिच पर ले आया गया। आमफहम भाषा में कहें, तो दोनों प्रतिद्वंदी दलों की राजनीति अपनी औकात पर आ गयी और निशाना स्त्री बन गयी। 🔵 पूर्व मुख्यमंत्री 73 वर्षीय कमलनाथ को कल तक उन्हीं के मंत्रिमण्डल की सदस्य रही, अब दलबदल कर फिर से मंत्री बन चुनाव लड़ रही डबरा की महिला उम्मीदवार "आइटम" नजर आने लगी, तो इस पर कुछ घंटों का मौनव्रत रखकर नौ सौ चूहे खाने वाली बिल्ली भाजपा भी हज के लिए निकल पड़ी। स्त्री सम्मान के लिए सजधज कर उतरी भाजपा और शिवराज सिंह सहित उसके नेताओं के मौन-पाखण्ड वाली नौटंकी के शामियाने भी नहीं खुले थे कि उन्हीं की पार्टी के चिन्ह से उपचुनाव लड़ रहे दलबदल कर मंत्री बने बिसाहू लाल सिंह ने बाकायदा कैमरों और मीडिया के सामने अपने प्रतिद्वंद्वी की पत्नी के खिलाफ निहायत आपत्तिजनक और भद्दी टिप्प...
वरिष्ठ पत्रकार चन्द्र शेखर शर्मा की बात बेबाक बेटियों का ख्याल रखो भारत , कि आदमखोर व्यवस्था, आजाद घूम रही है।
खास खबर, देश-विदेश, लेख-आलेख

वरिष्ठ पत्रकार चन्द्र शेखर शर्मा की बात बेबाक बेटियों का ख्याल रखो भारत , कि आदमखोर व्यवस्था, आजाद घूम रही है।

         "ये क्या हाल बना रखा है , आखिर कुछ करते क्यों नही"  कभी टीवी पर आने वाला यह विज्ञापन आज बच्चियों के साथ होते अनाचार ,मौत और बेबस होती सरकारों , लाचार वर्दी से अनायास ही याद आ गया । देश के विभिन्न हिस्सों में बदहाल होती कानून व्यवस्था ,  बच्चियों पर होते अत्याचार, महिलाओं की लुटती आबरू ने सोचने पर विवश कर दिया कि आखिर इनकी पीड़ा के लिए क्या एक दिन महिला दिवस , बालिका दिवस मना, मोमबत्ती जला ,काला रिबन बांध, मौन जुलूस निकाल सोशल मीडिया में फ़ोटो अपलोड कर लाइक्स बटोरना भर रह गया है । लोगो का हुजूम और उनकी अंतरात्मा भी जाति और धर्म देख कर जस्टिस मांगने लगी है । हमारी बेटियां रोज उत्पीडित हो रही हैं ,पर हमारी संवेदनाओं को पाला मार गया है । एक स्त्री केवल बलात्कार होने तक ही एक स्त्री रहती है , वो कोई हिन्दू , मुस्लिम या दलित नही होती है । देश की विडम्बना और हमारा दुर्भाग्य है कि घटिया र...
अभी तो मश्के सितम कर रहे हैं अहले सितम, अभी तो देख रहे हैं वो आजमा के मुझे
खास खबर, देश-विदेश, लेख-आलेख

अभी तो मश्के सितम कर रहे हैं अहले सितम, अभी तो देख रहे हैं वो आजमा के मुझे

0आलेख : बादल सरोज 🔵 इतवार के दिन (ऐसे मामलों में हमारी पुलिस इतवार को भी काम करती है) दिल्ली दंगों के मामले में मोदी और अमित शाह की दिल्ली पुलिस ने एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश करके सीपीआई(एम) के महासचिव सीताराम येचुरी को भी नामजद कर लिया। उनके साथ प्रख्यात अर्थशास्त्री जयती घोष, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद तथा स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव और फिल्मकार राहुल रॉय भी इस पूरक आरोप पत्र में नामजद किये गए हैं। इन पर आरोप है कि "इन्होने लोगों को उकसाया और दंगों के लिए भड़काया। उकसाने के लिए इन्होंने नागरिकता क़ानून, नागरिकता रजिस्टर विरोधी प्रदर्शनों को संगठित तथा प्रोत्साहित किया।" उकसाने के इस कथित आरोप के लिए सीएए और एनआरसी के खिलाफ देश भर में चले नागरिक आंदोलन में सीताराम येचुरी तथा अन्यों की हिस्सेदारी को आधार बनाया गया है। 🔵 ज्ञातव्य है कि इसी साल फरवरी में उत्तर...
राजस्थान की पासिंग ट्रक में भरा था पशु आहार की बोरिया,छुपा कर रखा था मध्यप्रदेश में बनी 504 पेटी शराब
खास खबर, छत्तीसगढ़ प्रदेश, महासमुंद, लेख-आलेख

राजस्थान की पासिंग ट्रक में भरा था पशु आहार की बोरिया,छुपा कर रखा था मध्यप्रदेश में बनी 504 पेटी शराब

किशोर कर ब्यूरो चीफ महासमुंद मध्य प्रदेश में निर्मित 504 पेटी देशी व अंग्रेजी शराब की तस्करी करते दो आरोपी गिरफ्तार  पुलिस को गुमराह करने राजस्थान पासिंग ट्रक में पशुआहर की बोरियों के बीच छिपाकर कर रहे थे शराब की तस्करी, महासमुंद जिलें में खपाने का था प्रयास।  महासमुंद जिलें की अवैध शराब तस्करी पर अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही। महासमुंद - मध्यप्रदेश से शराब की तस्करी कर छत्तीसगढ़ में खपाने की तैयारी में जुटे दो शराब तस्करों को गिरफ्तार किया गया है जिनसे तीस लाख का अंग्रेजी और देशी शराब जप्त किया गया है । पुलिस अधीक्षक महासमुन्द प्रफुल्ल कुमार ठाकुर द्वारा जिलें के समस्त थाना चौकी प्रभारियों को दीगर प्रान्त से आने वाली अवैध शराब मादक पदार्थ पर अंकुश लाने व अवैध शराब बिक्री पर कड़ी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया था। जिसके तहत् थाना चौकी प्रभारी व सायबर सेल की टीम दीगर प्रांतो...