Monday, February 26

Tag: दिहाड़ी कामकाजी महिलाओं के लिए बनी संबल

परिश्रम की चाबी खोलती है, किस्मत के दरवाजे..गोधन न्याय योजना: आर्थिक रूप से कमजोर किसान, पशुपालक, श्रमिक, दिहाड़ी कामकाजी महिलाओं के लिए बनी संबल
खास खबर, छत्तीसगढ़ प्रदेश, रायपुर

परिश्रम की चाबी खोलती है, किस्मत के दरवाजे..गोधन न्याय योजना: आर्थिक रूप से कमजोर किसान, पशुपालक, श्रमिक, दिहाड़ी कामकाजी महिलाओं के लिए बनी संबल

*मासुल गौठान की महिलाओं ने वर्मी कम्पोस्ट एवं केंचुआ संवर्धन कर बिक्री से कमाए लगभग 3 लाख रूपए* रायपुर, 28 मई 2023/ परिश्रम वह चाबी है, जो किस्मत के दरवाजे खोल देती है। गौठान में कार्य कर रही स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है। गोधन न्याय योजना ग्रामीण क्षेत्रों के दूरस्थ ईलाकों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर किसान, श्रमिक, पशुपालक, दिहाड़ी कामकाजी महिलाओं के लिए संबल बनी है। पहले जो महिलाएं गांव में ही रोजी मजदूरी का कार्य करती थी, गोधन न्याय योजना से प्रेरित होकर संगठित हुई और गौठान में विभिन्न आजीविकामूलक गतिविधियों से जुड़कर अपने परिवार को आर्थिक रूप से सहयोग प्रदान कर रही हैं। राजनांदगांव जिले छुरिया विकासखंड के ग्राम मासुल की इंदिरा महिला स्व-सहायता समूह की सभी सदस्यों ने गौठान में कड़ी मेहनत कर न केवल वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया है। बल्कि विभिन्...