Thursday, February 2

Tag: बस लोहे की रस्सियां खुल गयीं* *(व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा)*

*पुल टूटा नहीं, बस लोहे की रस्सियां खुल गयीं* *(व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा)*
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*पुल टूटा नहीं, बस लोहे की रस्सियां खुल गयीं* *(व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा)*

ये लो, कर लो बात। अब पीएम जी का अच्छा पहनना-ओढऩा भी इन भारत विरोधी विपक्षियों की आंखों में खटकने लगा। कह रहे हैं कि मोरबी के झूलते पुल के चक्कर में मौत की बांहों में झूल गए करीब डेढ़ सौ लोगों के लिए पीएम जी के आंसुओं को सच्चा तो हम भी मानना चाहते थे, पर पीएम जी का डिजाइनर हैट बीच में आ गया। वैसे तो पीएम जी को त्रासदी के अगले ही दिन, तीन आयोजनों में, चार अलग-अलग ड्रेसों में फोटो भी नहीं खिंचाने चाहिए थे। पर बाकी पोशाकें तो चलो फिर भी हजम कर ली जाएं, पर हैट लगाकर दु:ख नहीं जताना चाहिए था। कह रहे हैं कि जहां हैट-टाई-कोट का चलन है, वहां भी दु:ख जताने के लिए हैट उतार कर नंगा सिर झुकाते हैं। फिर यहां तो हैट भी शौकिया था; मोदी जी को कम से कम शोक के मौके पर हैट का प्रदर्शन नहीं करना चाहिए था! हमें अच्छी तरह से पता है कि हैट का तो बहाना है, पीएम जी के सुंदर दीखने पर ही विपक्षियों का निशाना ह...