Tuesday, March 5

Tag: विशेष पिछड़ी जनजातियों के वन अधिकार पट्टेधारियों को सभी योजनाओं का लाभ दिलवाएं: मंत्री डॉ. टेकाम

विशेष पिछड़ी जनजातियों की बदलेगी तस्वीर, मुख्यमंत्री साय का विशेष पिछड़ी जनजाति के विकास पर है विशेष जोर
खास खबर, छत्तीसगढ़ प्रदेश, रायपुर

विशेष पिछड़ी जनजातियों की बदलेगी तस्वीर, मुख्यमंत्री साय का विशेष पिछड़ी जनजाति के विकास पर है विशेष जोर

*बजट में 300 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान* रायपुर, 16 फरवरी 2024/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में तैयार किये गये बजट में विशेष पिछड़ी जनजाति के सदस्यों के लिए 300 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। इस बजट प्रावधान से छत्तीसगढ़ में रह रहे बिरहोर, पहाड़ी कोरवा, बैगा, कमार और अबूझमाड़िया लोगों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल पाएगा। घास-फूस के घरों की जगह वे पक्के घरों में रह सकेंगे। पेयजल की अच्छी सुविधा होगी। अभी अधिकांश विशेष पिछड़ी जनजाति की बस्तियों में पानी दूर से लाना होता है। कई बार इस जनजातीय समुदाय के लोग झिरिया आदि से पानी पीते हैं। अशुद्ध पेयजल की वजह से बीमारियां पनपती हैं। देश में पहली बार इन विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना बनाई गई। यह योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातु से शुरू की थी...
विशेष पिछड़ी जनजातियों के आवास निर्माण का कार्य जोरों पर
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विशेष पिछड़ी जनजातियों के आवास निर्माण का कार्य जोरों पर

*सरकार के निर्णय से जगी उम्मीद, पक्के आवास का सपना होगा पूरा* *प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना से ग्रामीणों को मिल रहा लाभ* रायपुर, 07 फरवरी 2024/महल हो या झोपड़ी अपना घर अपना होता है, हर व्यक्ति का एक सपना होता है कि छांव के लिए उसका एक खुद का घर हो। स्वयं का घर होने से कई सारे फायदे हैं, अपना घर व्यक्ति को वित्तीय सुरक्षा देता है। एक घर को अपना घर कहने में जो गौरव की अनुभूति होती है इसी सपने को सरकार द्वारा साकार किया जा रहा है। समाज के आर्थिक रूप से कमजोर तबके की भलाई के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना संचालित की जा रही है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की सहायता से ग्रामीणों द्वारा स्वयं का आवास बनाया जा रहा है। ग्रामीणों को आवास निर्माण में सहायता के लिए कबीरधाम जिले के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सभी तकनीकी सहायक एवं ग्राम रोजगार सहायक लगातार अपने क्षे...
विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए लगाया गया विशेष शिविर
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विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए लगाया गया विशेष शिविर

*पीएम जनमन योजना से 1 हजार 472 लोगों को लाभ मिला* रायपुर, 10 जनवरी 2024/ विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ देने के लिए निरंतर शिविर लगाएं जा रहे हैं। योजना के तहत जनजाति कार्य मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जनमन) योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। गांव की बस्ती तक अधिकारियों का अमला पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। भारत सरकार की लगभग 22 योजनाओं का लाभ सभी लोगों तक पहुंचाना है। इनमें आम नागरिकों को पक्का घर, हर घर में नल, घर तक बिजली, शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, आजीविका सहित अन्य महत्वाकांक्षी योजनाएं शामिल हैं। महासमुंद जिले के तीन विकासखण्ड महासमुंद, बागबाहरा और पिथौरा में कमार जनजाति के लोग निवास करते है। इनमें महासमुंद के 41 ग्रामों में 461 परिवार जिनकी कु...
विशेष पिछड़ी जनजातियों के वन अधिकार पट्टेधारियों को सभी योजनाओं का लाभ दिलवाएं: मंत्री डॉ. टेकाम
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विशेष पिछड़ी जनजातियों के वन अधिकार पट्टेधारियों को सभी योजनाओं का लाभ दिलवाएं: मंत्री डॉ. टेकाम

रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग की समीक्षा रायपुर, 15 जून 2023/ आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने वन अधिकार पत्र वितरण के प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके अलावा सामुदायिक वन अधिकार, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र एवं वन अधिकार पत्र प्राप्त हितग्राहियों को मनरेगा के तहत् स्वीकृत कार्यों एवं अन्य आनुषंगिक कार्यों में प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा है विशेष पिछड़ी जनजातियों के वन अधिकार पट्टेधारियों को सभी विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। इनके वन अधिकार पट्टे की भूमि पर मनरेगा के तहत अभिसरण से कार्य कराया जाए। जिला समन्वय समिति बनाकर विभागों को कार्य का लक्ष्य दिया जाए। जिन गांवों में वन अधिकार के अधिक पट्टे दिए गए हैं उन्हें आदर्श गांव घोषित कर इन वर्गो के लिए कार्य कराया जाए। आदर्श गांवों की सूची सभी विभागों को दी जाए तथा विभिन्न योजनाओं से...