
अम्बिकापुर 19 जुलाई 2026/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध् अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री शक्ति सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में 18 जुलाई 2026 को धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 (चेक अनादरण प्रकरण) से संबंधित मामलों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निराकरण के उद्देश्य से प्रथम बार विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया।
विशेष लोक अदालत का शुभारंभ छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं मुख्य संरक्षक द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया।
जिले में आयोजित विशेष लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के प्रकरणों के आपसी राजीनामा के माध्यम से निराकरण हेतु विशेष खण्डपीठों का गठन किया गया। स्पेशल नेशनल लोक अदालत के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय अम्बिकापुर एवं व्यवहार न्यायालय सीतापुर में कुल 34 प्रकरणों का निराकरण किया गया। विशेष लोक अदालत में खंडपीठ क्रमांक-02 तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी अम्बिकापुर गिरिवर सिंह राजपूत के खण्डपीठ के समक्ष रखे प्रकरणों में से एक प्रकरण में परिवादी ने अनावेदक को एक लाख पचास हजार रुपये का ऋण दिया था, जिसके भुगतान के लिए अनावेदक ने चेक क्रमांक 000010 राशि 75 हजार रुपये भरकर परिवादी को दिया था, जो कि खाते में पर्याप्त रुपये नहीं होने के कारण अनादरित हो गया। चेक अनादरण होने पर परिवादी द्वारा प्रकरण न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। दोनों पक्षकार के मध्य घनिष्ठ संबंध था, परंतु पैसे की लेनदेन को लेकर मन मुटाव हो गया और दोनों पक्ष के रिश्ते खराब हो रहे थे। दोनों पक्षों को न्यायालय द्वारा इस विशेष लोक अदालत में उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया गया था, जिसके बाद परिवादी और अनावेदक विशेष लोक अदालत में उपस्थित हुए। उपस्थित होने पर उभयपक्ष को अपने मन मुटाव समाप्त कर राजीनामा के लिये समझाईश दी गई, जिस पर दोनों पक्ष आपस में बैठकर विचार किये और आपसी सहमति से प्रकरण में राजीनामा करने हेतु सहमत हुये, अनावेदक द्वारा समझौता राशि 75 हजार रुपए परिवादी को प्रदान किये। इस प्रकार परिवादी और अनावेदक के मध्य राजीनामा किए जाने से उनका संबंध पुनः स्थापित हो गया।
खण्डपीठ क्रमांक 04 प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी सीतापुर पूजा मण्डावी के खण्डपीठ में रखे प्रकरणों में से एक प्रकरण में परिवादी द्वारा अनावेदक को छः लाख रुपए प्रदान किया गया था जिसके संबंध में परिवादी द्वारा न्यायालय के समक्ष चेक अनादरण का मामला दायर किया गया था। परिवादी एवं अभियुक्त को राजीनामा किए जाने के संबंध में समझाईश दी गई थी। दोनों पक्ष आज स्पेशल लोक अदालत के तहत उपस्थित हुए एवं अभियुक्त के द्वारा चेक की राशि छः लाख रूपए परिवादी को प्रदान किया गया। फलस्वरूप स्पेशल लोक अदालत के तहत उक्त प्रकरण की पक्षकारों के आपसी सहमति से निराकृत किया गया।
खण्डपीठ क्रमांक 03 प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी अम्बिकापुर प्रांजलि नेताम के खण्डपीठ में रखे प्रकरणों में से एक प्रकरण में परिवादी एवं अभियुक्त के मध्य वर्ष 2018 से विवाद था जिसमें परिवादी एवं अभियुक्त के मध्य आपसी समझौता के आधार पर चेक राशि परिवादी को वापस किए जाने पर प्रकरण राजीनामा के माध्यम से समाप्त किया गया। इसी प्रकार अन्य प्रकरण में परिवादी एवं अभियुक्त के मध्य वर्ष 2020 से विवाद था उक्त प्रकरण में भी परिवादी एवं अभियुक्त के मध्य आपसी सहमति से राजीनामा के आधार पर प्रकरण निराकृत किये जाने हेतु सहमति दी गई और उक्त प्रकरण विशेष लोक अदालत के तहत आपसी सहमति के आधार पर राजीनामा के माध्यम से निराकृत किया गया। उक्त खण्डपीठ के द्वारा एक अन्य प्रकरण, जो कि वर्ष 2021 से लंबित था, में भी पक्षकारों के द्वारा आपसी सहमति से समझौता करने पर विशेष लोक अदालत के तहत निराकृत किया गया।
जिले में प्रथम बार धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 के संबंध में आयोजित स्पेशल लोक अदालत में पक्षकारों के मध्य आपसी सहमति के तहत राजीनामा के आधार पर प्रकरण निराकृत किये जाने के साथ-साथ पांच वर्षों से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के निराकरण में भी सफलता अर्जित करते हुए स्पेशल लोक अदालत का सफलतापूर्वक समापन किया गया।









