
रायपुर, 27 अगस्त 2026/ दुर्ग जिले के ग्राम अरसनारा की 48 वर्षीय श्रीमती किरण वर्मा के लिए इस बार का रक्षाबंधन पर्व केवल भाई-बहन के स्नेह का त्योहार नहीं, बल्कि शासन की संवेदनशील पहल से मिली खुशी का अवसर भी है। प्रदेश सरकार की महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता ने उनके परिवार की जरूरतों को पूरा करने में लगातार सहारा दिया है और रक्षाबंधन के अवसर पर समय से पहले मिली किस्त ने त्योहारी खुशियों को और बढ़ा दिया है।
श्रीमती किरण वर्मा बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग वे घर-परिवार और बेटियों की प्राथमिक जरूरतों को पूरा करने में करती हैं। उनके लिए यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि परिवार की छोटी-बड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने का भरोसा भी है।
वे कहती हैं कि वैसे तो महतारी वंदन योजना से मिलने वाले पैसों का उपयोग मैं घर और बेटियों की प्राथमिक जरूरतों के लिए करती हूँ। लेकिन इस बार हमारे ‘विष्णु भैया’ ने रक्षाबंधन से ठीक पहले ही योजना की किस्त की राशि हमारे खातों में हस्तांतरित कर दी। उन्होंने प्रदेश की बहनों के लिए एक संवेदनशील भाई की तरह पहल करते हुए समय से पहले यह अग्रिम सौगात भेजकर हम बहनों को रक्षाबंधन का अनमोल उपहार दिया है।”
किरण वर्मा के अनुसार, समय पर मिली इस राशि से रक्षाबंधन की तैयारियां और आवश्यक खरीदारी बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक चिंता के करना आसान हुआ है। त्यौहार के अवसर पर परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ बच्चों के लिए आवश्यक सामान और घर की अन्य तैयारियों में भी यह राशि उपयोगी साबित हुई।
*आर्थिक संबल के साथ बढ़ रहा आत्मविश्वास*
महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। किरण जैसी महिलाओं के लिए योजना की राशि घरेलू जरूरतों में सहयोग देने के साथ उन्हें आर्थिक निर्णयों में भागीदारी और आत्मनिर्भरता का अहसास भी कराती है। त्यौहार जैसे अवसरों पर समय से मिली आर्थिक सहायता इस भरोसे को और मजबूत करती है कि परिवार की जरूरतों के लिए उनके हाथ में भी एक निश्चित आर्थिक सहारा मौजूद है।
*संवेदनशीलता से जुड़ा भाई-बहन के स्नेह का भाव*
रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का पर्व है। ऐसे अवसर पर महतारी वंदन योजना की किस्त का अग्रिम हस्तांतरण महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता से आगे बढ़कर भावनात्मक जुड़ाव का संदेश भी बन गया है। किरण वर्मा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को स्नेहपूर्वक ‘विष्णु भैया’ कहती हैं और मानती हैं कि रक्षाबंधन के पहले मिली यह सौगात उनके लिए भाई के स्नेह और बहनों के सम्मान का प्रतीक है।
किरण का कहना है कि विष्णु भैया की इस संवेदनशील पहल से महिलाओं का सम्मान बढ़ा है और रक्षाबंधन का उत्साह भी कई गुना हुआ है। उनके लिए इस बार की राखी इस बात की सुखद अनुभूति लेकर आई है कि शासन की योजनाएं जब संवेदनशीलता के साथ परिवारों तक पहुंचती हैं, तो उनका असर केवल आर्थिक राहत तक सीमित नहीं रहता, बल्कि खुशियों और आत्मविश्वास को भी नई ताकत देता है।









