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विष्णु भैया की सरकार ने बढ़ाया महिलाओं का आत्मविश्वास, मेहनत से लखपति दीदी बनीं श्रीमती जया राठिया

 
ड्रिप विधि से लहलहाई सब्जी की बाड़ी, सालाना आय पहुंची एक लाख के पार

केरबा 25 अगस्त 2026/ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में स्व-सहायता समूह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बिहान योजना से जुड़कर महिलाएं अपनी मेहनत और हुनर को आजीविका का माध्यम बना रही हैं और ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं।
कोरबा जिले के ग्राम बेला की श्रीमती जया राठिया ने भी मेहनत, लगन और स्व-सहायता समूह से मिले आर्थिक संबल के जरिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। वर्ष 2017 में उन्हें बिहान योजना की जानकारी मिली, जिसके बाद वे मड़वारानी स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़कर उन्होंने बचत और ऋण की गतिविधियों में भाग लिया तथा समूह से ऋण लेकर अपनी आजीविका को मजबूती देने की दिशा में कदम बढ़ाया।
समूह में कुल 11 सदस्य हैं। श्रीमती राठिया ने समूह से मिले सहयोग और अपनी मेहनत से सब्जी उत्पादन को आजीविका का माध्यम बनाया। वर्तमान में वे ड्रिप विधि से सब्जी की बाड़ी तैयार की हैं, जिसमें बरबट्टी, खीरा और करेला जैसी सब्जियां उगाई जा रही हैं। आधुनिक सिंचाई पद्धति से सब्जियों का उत्पादन कर वे इन्हें स्थानीय मंडी में बेचती हैं, जिससे उन्हें नियमित आमदनी प्राप्त हो रही है।
सब्जी उत्पादन और समूह की गतिविधियों से जुड़कर उनकी वार्षिक आय अब एक लाख रुपये से अधिक हो गई है। उनकी यह उपलब्धि उन्हें ‘लखपति दीदी’ के रूप में नई पहचान दे रही है। आर्थिक आत्मनिर्भरता ने न केवल उनके परिवार की स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई दी है।
बिहान योजना और स्व-सहायता समूह से मिले सहयोग को अपनी सफलता का श्रेय देते हुए श्रीमती जया राठिया कहती हैं, “पहले हम घर तक ही सीमित रहते थे, लेकिन समूह से जुड़ने के बाद हमें आगे बढ़ने का अवसर मिला। विष्णु भैया की सरकार ने महिलाओं को समूह की ताकत देकर आत्मनिर्भर बनने का रास्ता दिखाया है। आज मैं अपने पैरों पर खड़ी हूं और लखपति दीदी बनकर गर्व महसूस करती हूं। अब मैं स्वयं आगे बढ़ने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हूं। इसके लिए मैं विष्णु भैया का हृदय से धन्यवाद देती हूं।”
स्व सहायता समूह से जुड़ाव, आर्थिक सहयोग, आधुनिक कृषि तकनीक और निरंतर मेहनत से ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम बढ़ा रही हैं। बिहान योजना से मिला मंच उनके सपनों को नई दिशा दे रहा है।

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