Thursday, February 29

राष्ट्रीय जैव ऊर्जा कार्यक्रम के अंतर्गत 6 बायोसीएनजी संयंत्र और 11,100 से अधिक छोटे बायोगैस संयंत्र शुरू किए गए

New Delhi (IMNB). केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा और विद्युत मंत्री ने बताया कि नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 01 अप्रैल, 2021 से 31 मार्च, 2026 की अवधि के लिए नवंबर, 2022 में राष्ट्रीय जैव ऊर्जा कार्यक्रम (एनबीपी) अधिसूचित किया। यह कार्यक्रम 1715 करोड़ रूपये के बजटीय परिव्यय के साथ दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण के लिए 858 करोड़ रुपये का बजटीय परिव्यय रखा गया है। यह कार्यक्रम बायो ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता (सीएफए) प्रदान करता है।

31 जुलाई, 2023 तक, छह बायो सीएनजी संयंत्र और 11,143 छोटे बायोगैस संयंत्र शुरू किए गए हैं, जिनके लिए मंजूरी 02 नवंबर, 2022 को अधिसूचित एनबीपी दिशानिर्देशों के तहत जारी की गई है। इन संयंत्रों का राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार विवरण नीचे दिया गया है।

 

क्र.सं. राज्य/केंद्र शासित प्रदेश 2  नवंबर2022 को अधिसूचित एनबीपी दिशानिर्देशों के तहत चालू किए गए संयंत्रों की संख्या और जिनके लिए मंजूरी दी गई
छोटे बायोगैस संयंत्रों की संख्या बायोसीएनजी संयंत्रों की संख्या
1 आंध्र प्रदेश 30 0
2 बिहार 9 0
3 छत्तीसगढ 118 0
4 गोवा 11 0
5 गुजरात 224 0
6 हरियाणा 43 0
7 कर्नाटक 2488 0
8 केरल 683 0
9 मध्य प्रदेश 2083 0
10 महाराष्ट्र 4167 3
11 ओडिशा 96 0
12 पंजाब 835 1
13 राजस्थान 20 0
14 तमिल नाडु 46 1
15 उत्‍तर प्रदेश 126 1
16 उत्तराखंड 164 0
कुल 11143 6

 

राष्ट्रीय जैव ऊर्जा कार्यक्रम, अन्य बातों के साथ-साथ , ऊर्जा उत्पादन के लिए अतिरिक्‍त कृषि अवशेष, कृषि-आधारित औद्योगिक अवशेष, औद्योगिक लकड़ी का चूरा, वन अवशेष, ऊर्जा वृक्षारोपण आधारित बायोमास के उपयोग को बढ़ावा देता है और इसलिए इससे वनों की कटाई का खतरा नहीं होगा।

यह जानकारी केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा और विद्युत मंत्री श्री आर.के.सिंह ने 10 अगस्त, 2023 को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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