Ro no D15139/23

वन अधिकार अधिनियम के बेहतर क्रियान्वयन विषय पर कार्यशाला 6 जनवरी को

*अधिकारों की मान्यता, वनों का प्रबंधन एवं संरक्षण तथा अभिसरण से आजीविका संवर्धन सहित विभिन्न विषयों पर होगी परिचर्चा*

रायपुर, 04 जनवरी 2025/आदिम जाति विकास विभाग द्वारा ’धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत वन अधिकार अधिनियम 2006 के बेहतर क्रियान्वयन विषय पर संबंधित विभागों एवं अशासकीय संस्थानों के मध्य परिचर्चा-परामर्श हेतु एफईएस एवं एटीआरईई संस्था के सहयोग से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। कार्यशाला न्यू सर्किट हाऊस, सिविल लाईन्स, रायपुर में होगा। आदिम जाति, अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के प्रमुख सचिव ने पत्र जारी कर सभी जिलों के सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग जिला परियोजना समन्वयक के साथ कार्यशाला में उपस्थित रहने को कहा है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 02 अक्टूबर 2024 को धरती आवा- जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान अंतर्गत 17 मंत्रालयों के सहयोग से भारत सरकार की 25 योजनाओं को सुसंगत तरीके से धरातल पर उतारना है जिसमें वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन अंतर्गत मुख्य रूप से निश्चित समयावधि में वन अधिकारों की मान्यता की प्रकिया को पूर्ण किया जाना है। विभिन्न मंत्रालयों (जनजातीय कार्य मंत्रालय, पंचायती राज मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, मतस्य विभाग, पशुपालन विभाग इत्यादि) के योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से वननिवासी जनजातीय परिवारों के सतत आजीविका की सुरक्षा, परस्थितिकीय संतुलन हेतु वनों की सुरक्षा, संवर्धन, संरक्षण एवं प्रबंधन इत्यादि जैसे लक्ष्यों की प्राप्ति शामिल है।

वन अधिकार अधिनियम, 2006 के क्रियान्वयन में हमारा राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य में अब तक 4 लाख 79 हजार 502 व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र एवं सामुदायिक वन संसाधन के अंतर्गत 4377 वन अधिकार पत्र वितरित किए गए हैं। सामुदायिक वन संसाधन अधिकार मान्य ग्रामसभाओं में सामुदायिक वन संसाधनों के प्रबंधन हेतु सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति के गठन की कार्यवाही की जा रही है। अब तक 2081 सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति का गठन किया जा चुका है। वन अधिकार अधिनियम, 2006 अंतर्गत अधिकारों की मान्यता, वनों का प्रबंधन एवं संरक्षण, अभिसरण से आजीविका संवर्धन आदि संपूर्ण कार्यों के बेहतर कियान्वयन हेतु संबंधित शासकीय विभागों तथा अशासकीय संस्थानों की सतत् भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।

  • Related Posts

    घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग व कालाबाजारी पर जिला प्रशासन की सख्ती

     कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य विभाग ने की कार्यवाही 350 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त रायपुर, 12 मार्च 2026। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार खाद्य विभाग रायपुर के संयुक्त…

    Read more

    *”प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत बच्चों की हुई निःशुल्क हृदय जांच, 1090 बच्चों की हुई स्क्रीनिंग*

    रायपुर, 12 मार्च 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना “प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत ज़िले…

    Read more

    NATIONAL

    छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक – 2026 के आने से धर्मांतरण में लगेगी रोक – अंजु गबेल घर वापसी प्रांत प्रमुख

    छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक – 2026 के आने से धर्मांतरण में लगेगी रोक – अंजु गबेल घर वापसी प्रांत प्रमुख

    बंगाल में सीएनजी की किल्लत से महंगाई की डबल मार, 10 रुपये तक ऑटो का किराया बढ़ाने की मांग

    बंगाल में सीएनजी की किल्लत से महंगाई की डबल मार, 10 रुपये तक ऑटो का किराया बढ़ाने की मांग

    विजय कृष्ण हत्याकांड: भाजपा छोड़ते ही चंदन मंडल की बढ़ी मुश्किलें, एनआइए ने भेजा नोटिस

    विजय कृष्ण हत्याकांड: भाजपा छोड़ते ही चंदन मंडल की बढ़ी मुश्किलें, एनआइए ने भेजा नोटिस

    विदेश मंत्री जयशंकर ने किया ईरान को कॉल, भारत के लिए खुला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता

    विदेश मंत्री जयशंकर ने किया ईरान को कॉल, भारत के लिए खुला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता

    राज्यसभा चुनाव: 5वीं सीट पर शह-मात तेज, तेजस्वी से मिले AIMIM अध्यक्ष, आज एनडीए की अहम बैठक

    राज्यसभा चुनाव: 5वीं सीट पर शह-मात तेज, तेजस्वी से मिले AIMIM अध्यक्ष, आज एनडीए की अहम बैठक

    बे-मौसम की बरसात से भारी नुकसान, जानें अगले पांच दिन कैसा रहेगा झारखंड का मौसम

    बे-मौसम की बरसात से भारी नुकसान, जानें अगले पांच दिन कैसा रहेगा झारखंड का मौसम