Ro no D15139/23

राजिम कुंभ में पंचकोशी यात्रा की झांकी श्रद्धालुओं को कर रही आकर्षित

रायपुर, 15 फरवरी 2025/राजिम कुंभ कल्प मेला में इस बार पहले से अधिक भव्य और आकर्षक रूप में आयोजित किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की आस्था, भक्ति और संस्कृति का संगम इस मेले में देखने को मिल रहा है। मेले में दिनभर भजन-कीर्तन की गूंज के साथ देशभर के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जा रही हैं। इस बार पंचकोशी यात्रा की थीम पर बनी झांकी मेलार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जो आस्था और संस्कृति की झलक प्रस्तुत कर रही है।

चौबेबांधा के नए मेला मैदान में पंचकोशी यात्रा की झांकी बनाई गई है, जो मेलार्थियों को विशेष रूप से आकर्षित कर रही है। श्रद्धालु इस झांकी के समक्ष श्रद्धाभाव से शीश झुकाकर पुण्य लाभ ले रहे हैं। इस झांकी के माध्यम से पंचकोशी यात्रा के पांचों महादेव मंदिरों, यात्रा मार्ग और उनकी दूरी की जानकारी दी जा रही है।

छत्तीसगढ़ में राजिम मेला से एक माह पूर्व पंचकोशी यात्रा निकाली जाती है, जिसमें हजारों श्रद्धालु क्षेत्र के प्रमुख शिव मंदिरों की पदयात्रा कर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं। यह यात्रा राजिम त्रिवेणी संगम में स्थित श्री कुलेश्वर महादेव मंदिर से आरंभ होती है और वहीं समाप्त होती है।

श्रद्धालु पाँच प्रमुख शिवलिंगों के दर्शन करते हुए यह यात्रा पूर्ण करते हैं। यात्रा के मुख्य पड़ाव इस प्रकार हैं। पटेश्वर महादेव मंदिर (पटेवा), राजिम से 5 किमी दूर, यहाँ भगवान शिव अन्नब्रह्मा के रूप में पूजे जाते हैं। चंपेश्वर महादेव (चंपारण) मंदिर राजिम से 14 किमी उत्तर स्थित है, जहाँ स्वयंभू शिवलिंग विराजमान है। ब्रम्हनेश्वर महादेव (बम्हनी, महासमुंद) चंपेश्वर से 9 किमी दूर, यहाँ भगवान शिव का अघोर रूप उकेरा गया है। फणीकेश्वर महादेव (फिंगेश्वर, गरियाबंद) यहाँ शिवलिंग की ईशान रूप में पूजा की जाती है, और माता अंबिका इनकी अर्धांगिनी हैं। कोपेश्वर महादेव (कोपरा, गरियाबंद) यहाँ भगवान शिव वामदेव रूप में पूजे जाते हैं, और माता भवानी आनंद का प्रतीक मानी जाती हैं। यात्रा के समापन पर श्रद्धालु त्रिवेणी संगम स्थित श्री कुलेश्वर महादेव के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं।

श्रद्धालु अपने सिर पर रोजमर्रा के सामान लादकर ’महादेव’ और ’राम सिया राम’ का जाप करते हुए यात्रा करते हैं। यह यात्रा अध्यात्मिक शांति, पुण्य अर्जन और काम, क्रोध, मोह, लोभ और मद जैसे विकारों से मुक्ति दिलाने में सहायक मानी जाती है। हथखोज स्थित शक्ति लहरी माता के दरबार में श्रद्धालु परसा पान, नारियल, अगरबत्ती और धूप समर्पित करते हैं। मकर संक्रांति के दिन श्रद्धालु नदी में सूखा लहर लेते हैं। इससे पहले रेत से शिवलिंग बनाकर उनकी पूजा-अर्चना की जाती है।

राजिम कुंभ केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। यहाँ श्रद्धालुओं को पंचकोशी यात्रा का आध्यात्मिक लाभ एक ही स्थान पर मिल रहा है। इस मेले में मनोरंजन, आध्यात्म और श्रद्धा का अद्भुत समन्वय देखने को मिल रहा है।

  • Related Posts

    मिशन उत्कर्ष के तहत बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने निजी विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक कमजोर परीक्षा परिणाम, फर्जी पंजीयन और अनियमितताओं पर होगी सख्त कार्रवाई : कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह शिक्षा का मंदिर है स्कूल, विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

    रायपुर, 10 जून 2026/ जिले में बोर्ड परीक्षा परिणामों को और बेहतर बनाने तथा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने आज रेडक्रॉस भवन रायपुर में जिले के सभी अशासकीय विद्यालयों…

    Read more

    जल जीवन मिशन के तहत 6 गांवों की 4 एजेंसियों का अनुबंध निरस्त ईएमडी राशि राजसात, भविष्य में एजेंसियों की निविदाओं में भाग लेने पर रोक

    रायपुर 10 जून 2026/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देष पर जल जीवन मिषन में दिए गए कार्यों को पूर्ण नहीं किए जाने पर 6 ग्रामों के अनुबंधों को निरस्त…

    Read more

    NATIONAL

    मोदी सरकार के 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    मोदी सरकार के 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    लोगों का भरोसा जीतने में सफल रहे हैं पीएम मोदी, पढ़ें नीतीश कुमार का आलेख

    लोगों का भरोसा जीतने में सफल रहे हैं पीएम मोदी, पढ़ें नीतीश कुमार का आलेख

    ममता बनर्जी के चारों ओर सन्नाटा! फोन बंद, चेहरे गायब, दीदी के सबसे करीबी सांसदों ने संकट में मुंह फेरा

    ममता बनर्जी के चारों ओर सन्नाटा! फोन बंद, चेहरे गायब, दीदी के सबसे करीबी सांसदों ने संकट में मुंह फेरा

    4399 दिन… पीछे छूटे नेहरू, नरेंद्र मोदी बने भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री

    4399 दिन… पीछे छूटे नेहरू, नरेंद्र मोदी बने भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री

    नाज़िया इलाही खान के बयान पर मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी का तीखा पलटवार, कहा— “मुहर्रम और अज़ादारी पर सवाल उठाना करोड़ों भारतीयों की आस्था का अपमान”

    नाज़िया इलाही खान के बयान पर मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी का तीखा पलटवार, कहा— “मुहर्रम और अज़ादारी पर सवाल उठाना करोड़ों भारतीयों की आस्था का अपमान”

    वाराणसी में नॉनवेज दुकानों पर कार्रवाई और शराब की दुकानों पर चुप्पी न्यायसंगत नहीं : मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी

    वाराणसी में नॉनवेज दुकानों पर कार्रवाई और शराब की दुकानों पर चुप्पी न्यायसंगत नहीं : मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी