Ro no D15139/23

बायो-सीएनजी संयंत्रों के लिए सार्वजनिक उपक्रमों को रियायती लीज दरों पर होगा जमीनों का आबंटन

 

0 नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा कलेक्टरों को निर्देश जारी

0 रायपुर, भिलाई समेत आठ निकायों में बीपीसीएल और गेल कंपनी लगाएगी प्लांट

रायपुर 12 मई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ के सभी नगरीय निकायों में जैव अपशिष्ट सह कृषि अपशिष्ट के प्रसंस्करण के लिए बायो-सीएनजी प्लांट लगाए जाएंगे। रायपुर, भिलाई समेत आठ निकायों में जमीन का चिन्हांकन किया जा चुका है। इन स्थानों पर बीपीसीएल और गेल 800 करोड़ का प्लांट लगाएंगे।

उल्लेखनीय है कि पिछले 17 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में बायो- सीएनजी संयंत्रों के लिए सार्वजानिक उपक्रमों को एक रुपये प्रति वर्गमीटर की रियायती दर पर भूमि आबंटित किए जाने का निर्णय लिया गया था। कैबिनेट के निर्णय के बाद नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा सभी कलेक्टरों को जमीन आबंटन को लेकर निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

बीपीसीएल और गेल कंपनी को एक रुपए वर्गमीटर में 10 एकड़ जमीन 25 साल की लीज पर दी जाएगी। जैव अपशिष्ट सह कृषि अपशिष्ट का प्रसंस्करण इन संयंत्रों में किया जाएगा।
भारत में उपयोग होने वाले सीएनजी का लगभग 46 फीसदी वर्तमान में आयात किया जाता है और सरकार का लक्ष्य बायो-सीएनजी के उत्पादन और खपत के माध्यम से इस निर्भरता को कम करना है। बायो सीएनजी, जिसे बायो कंप्रेस्ड नेचुरल गैस भी कहा जाता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से वाहनों के ईंधन आऔर घरेलू ऊर्जा के रूप में किया जाता है। साथ ही सीएनजी वाहनों को ईंधन देने के लिए, एलपीजी के विकल्प के रूप में खाना पकाने और हीटिंग के लिए, बिजली उत्पादन के लिए, कुछ उद्योगों में हीटिंग और अन्य प्रक्रियाओं के लिए भी इसका उपयोग किया जा सकता है।
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का अनुमान है कि भारत में बायो-सीएनजी उत्पादन की क्षमता लगभग 70 मिलियन मीट्रिक टन है। इसका उत्पादन बाजार की मांग के अनुरूप है, जिससे यह आर्थिक रूप से पूरी तरह व्यवहारिक है।

*क्या है बायोसीएनजी?*

बायोसीएनजी का उत्पादन जैविक अपशिष्ट पदार्थों जैसे पशु अपशिष्ट, खाद्य अपशिष्ट और औद्योगिक कीचड़ को बायोगैस और डाइजेस्टेट में तोड़कर किया जाता है। यह प्रक्रिया एक सीलबंद, ऑक्सीजन रहित टैंक में होती है, जिसे एनारोबिक डाइजेस्टर भी कहा जाता है। फिर बायोगैस को संसाधित किया जाता है, जिससे 95 फीसदी शुद्ध मीथेन गैस प्राप्त होती है। इस प्रक्रिया से उच्च गुणवत्ता वाला सांद्रित तरल उर्वरक प्राप्त होता है।

*महीनेभर के भीतर टेंडर की प्रक्रिया की जाएगी शुरू*

नगरीय प्रशासन विभाग के अनुसार प्रदेश के आठ स्थानों पर जमीन का चिन्हांकन कर लिया गया है। इसके लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। एक महीने के भीतर ही इसका टेंडर फाइनल करने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

  • Related Posts

    गन्ना किसानों के हित में बड़ा निर्णय: अब 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से होगी गन्ने की खरीदी

      भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लिया महत्वपूर्ण निर्णय अन्नदाता की खुशहाली और खेती को लाभकारी बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता…

    Read more

    करमा तिहार हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

        *कंवर समाज ने सांस्कृतिक विरासत को सहेजकर नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत किया अनुकरणीय उदाहरण*   *जनजातीय समाज की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध…

    Read more

    NATIONAL

    CJP Protest: भारत में आंदोलन के बिना पद क्यों नहीं छोड़ते आरोपी मंत्री-अधिकारी, ब्रिटेन में 5 साल में 4 प्रधानमंत्रियों ने छोड़ी कुर्सी

    CJP Protest: भारत में आंदोलन के बिना पद क्यों नहीं छोड़ते आरोपी मंत्री-अधिकारी, ब्रिटेन में 5 साल में 4 प्रधानमंत्रियों ने छोड़ी कुर्सी

    प्रियंका गांधी ने महिला पुलिसकर्मी को मारी कोहनी? वीडियो में देखें प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ

    प्रियंका गांधी ने महिला पुलिसकर्मी को मारी कोहनी? वीडियो में देखें प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ

    Explained: CEC के खिलाफ आंदोलन में AAP ने INDIA गठबंधन से क्यों बनाई दूरी?

    Explained: CEC के खिलाफ आंदोलन में AAP ने INDIA गठबंधन से क्यों बनाई दूरी?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा, सुशासन और समर्पण के 25 वर्ष देश को समर्पित – स्मृति इरानी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के सेवा, सुशासन और समर्पण के 25 वर्ष देश को समर्पित –  स्मृति इरानी

    चुनाव आयोग के खिलाफ CJP और INDIA गठबंधन का आंदोलन: मुद्दा एक, रास्ता अलग; जानिए दोनों में क्या है समानता और अंतर

    चुनाव आयोग के खिलाफ CJP और INDIA गठबंधन का आंदोलन: मुद्दा एक, रास्ता अलग; जानिए दोनों में क्या है समानता और अंतर

    गुजरात CM से तीसरी बार प्रधानमंत्री तक, सरकार के मुखिया के तौर पर PM मोदी के 25 साल पूरे

    गुजरात CM से तीसरी बार प्रधानमंत्री तक, सरकार के मुखिया के तौर पर PM मोदी के 25 साल पूरे