
विश्व सिकल सेल दिवस पर बड़वानी जिले की ग्राम पंचायत तालून में होगा कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक प्रारंभ होने के पहले की मंत्रीगण से चर्चा
राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर किया विचार-विमर्श
भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आगामी 19 जून को मध्यप्रदेश आगमन प्रस्तावित है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु विश्व सिकल सेल दिवस पर बड़वानी जिले की ग्राम पंचायत तालून में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में शासकीय सेवकों के स्थानांतरण अब 17 जून तक किए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक प्रारंभ होने के पहले मंत्रीगण से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के संबंध में मंत्रीगण से विचार विमर्श किया।
केंद्र सरकार के 11 वर्ष और राज्य सरकार के डेढ़ वर्ष के कार्यकाल पर होंगे कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल कार्यकाल के 11 वर्ष पूर्ण होने पर मंत्रि-परिषद प्रसन्नता व्यक्त करती है। सुशासन के संकल्प के प्रति मंत्रि-परिषद प्रधानमंत्री का अभिनंदन का प्रस्ताव पारित करती है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अन्नदाता, नारी, युवा और गरीब सहित विभिन्न वर्गों का जीवन बदलने के लिए और उन्हें अधिक से अधिक रोजगार एवं विकास के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए कार्य किया जा रहा है। इस अवधि में केंद्र सरकार द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। सभी मंत्रीगण केंद्र की 11 वर्ष की योजनाओं की उपलब्धियां और मध्यप्रदेश शासन की डेढ़ वर्ष की उपलब्धियां नागरिकों तक पहुंचाएंगे। इस संबंध में संकल्प से सिद्धि अभियान भी संचालित होगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों को दायित्व सौंपे जाएंगे।
स्पिरिचुअल एवं वैलनेस समिट
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि गत 5 जून को उज्जैन में स्पिरिचुअल एंड वैलनेस समिट का आयोजन हुआ, जिसमें स्वामी चिदानंद सरस्वती सहित अनेक वैलनेस के क्षेत्र में कार्य कर रहे आध्यात्मिक गुरुओं ने हिस्सा लिया। विभिन्न निवेशकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों सहित 300 से अधिक प्रतिनिधि इस समिट में शामिल हुए। समिट के माध्यम से वैलनेस हॉस्पिटैलिटी और स्वास्थ्य क्षेत्र में लगभग 2000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। केरल, उत्तराखंड आदि राज्यों के प्रतिनिधि इसमें विशेष रूप से शामिल हुए। मध्यप्रदेश में यह अपने तरह की प्रथम समिट थी जो सरकार के प्रत्येक सेक्टर में निवेश की संभावनाओं और विकास की परिकल्पना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 11 आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किये जाने का निर्णय लिया गया था। इनमें से पांच कॉलेज की स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त हो चुकी है। शेष महाविद्यालय प्रारंभ करने के लिए भी राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। यह कॉलेज वैलनेस केंद्र के रूप में भी कार्य करेंगे।









