
बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि मिशन मोड में संचालित इस योजना के तहत सभी ठेकेदारों को अपने कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई ठेकेदार या एजेंसी आगे भी लापरवाही बरतेगी या प्रगति में सुधार नहीं करेगी, तो उनके खिलाफ और सख्त कदम उठाए जाएंगे, जिसमें ब्लैक लिस्टिंग के अलावा वास्तविक प्रगति का मूल्यांकन और ठोस कार्रवाई शामिल होगी। कलेक्टर ने जोर देकर कहा, जल जीवन मिशन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान यह सामने आया कि ब्लैक लिस्टेड ठेकेदारों ने नोटिस जारी करने के बावजूद कार्यों में कोई प्रगति नहीं दिखाई। इन ठेकेदारों को 16 ग्रामों के टेंडर सौंपे गए थे, लेकिन उन्होंने कार्य शुरू नहीं किया या अधर में छोड़ दिया। ब्लैक लिस्टिंग का मुख्य आधार कार्यों में उदासीनता, समय पर पूर्ण न करना और योजना की भावना के विपरीत व्यवहार रहा। अमानत राशि राजसात कर ब्लैक लिस्टेड ठेकेदारों की सूची में यादव कन्स्ट्रक्शन जगदलपुर, गणपति सेल्स जगदलपुर, व्हीआर कन्स्ट्रक्शन जगदलपुर, बीआर.इन्वायारा सॉल्यूशन भिलाई, बंशीलाल गंजीर भानपुरी, आरबी ड्रिलर्स केशकाल, छत्रपति कन्स्ट्रक्शन जगदलपुर, भारत इन्फ्रा केशकाल, किसान बोरवेल्स केशकाल एवं लखन सिंह रायपुर शामिल हैं।
कलेक्टर ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के तहत सभी कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और प्रगति रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत की जाए। जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है, और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।








