
इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जशपुर श्रीमती सुमन सिंह द्वारा शिक्षा का अधिकार, संवैधानिक अधिकार एवं कर्तव्य, नशा मुक्ति, बाल श्रम निषेध, मोटर दुर्घटना दावा अधिनियम, नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100, नशीली दवाओं के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के संबंध में कानूनी जानकारी, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012, समझौते के माध्यम से प्रकरण निराकरण हेतु नेशनल लोक अदालत, मध्यस्थता तथा निःशुल्क विधिक सलाह एवं सहायता के संबंध में जानकारी दी गई।
व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी जशपुर कु. प्रज्ञा सिंह द्वारा विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के अंतर्गत विधिक सहायता व सलाह हेतु पात्रता, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005, बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006, किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 एवं बाल श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986 के संबंध में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कु. चेताली खाण्डेकर, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी जशपुर न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश जशपुर, कु. पूनम, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी जशपुर न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश जशपुर, कु. नेहा तिर्की, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी जशपुर न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश जशपुर, कु. चेताली कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर के पैरालीगल वालेंटियर श्री निरंतर कुजूर श्रीमती आशामती भगत सहित कुल 180 लाभार्थी उपस्थित रहे।









