
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में गुरुवार को छिटपुट घटनाओं के बीच शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न हो गया। 1952 के बाद पहली बार 64.69 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसके साथ ही सर्वाधिक मतदान का रिकॉर्ड भी बन गया।
भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार 27 वर्ष बाद इतनी अधिक संख्या में मतदाताओं की सहभागिता देखने को मिली। 1998 के लोकसभा चुनाव में 64.66 प्रतिशत मतदान हुआ था।
वहीं, अगर विधानसभा चुनाव की बात करें तो आयोग के आंकड़ों के अनुसार 2000 के चुनाव में 62.57 प्रतिशत वोट पड़े थे। बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) विनोद सिंह गुंजियाल ने बताया कि यह अंतरिम आंकड़ा है।
इन आंकड़ों में बदलाव संभव हैं। पटना जिले में 58.40 प्रतिशत मतदान हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां उत्साह दिखा वहीं शहरी क्षेत्र उदासीन बना रहा। प्रदेश में सबसे कम मतदान कुम्हरार (39.57 प्रतिशत), बांकीपुर (40.97) और दीघा (41.4 प्रतिशत) में हुआ।
उधर, 2020 विधानसभा चुनाव की तुलना में सात प्रतिशत अधिक एवं लोकसभा चुनाव 2024 की तुलना में लगभग आठ प्रतिशत अधिक मतदाताओं ने इसबार अपने मताधिकार का प्रयोग किया हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में 57.29 एवं 2024 के लोकसभा चुनाव में 56.28 प्रतिशत मतदान हुआ था।
प्रथम चरण में 18 जिलों के 121 विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने 1314 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद कर दिया। पहले चरण वाले 121 विधानसभा क्षेत्रों में 102 सामान्य सीटें हैं, जबकि 19 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटें हैं।
लखीसराय समेत कई जिलों में पक्ष-विपक्ष के बीच मामूली नोकझोंक की सूचना है। उपमुख्यमंत्री एवं लखीसराय से भाजपा प्रत्याशी विजय सिन्हा ने आरोप लगाया कि हलसी प्रखंड के खुरिहारी बूथ पर उनके पोलिंग एजेंट को बैठने नहीं दिया गया। वहीं, सिन्हा की एक जगह राजद के एमएलसी अजय सिंह से नोकझोंक भी हुई।
एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप
बिहार में हुए पहले चरण के मतदान में पार्टियों ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप किए। मतदान के दौरान कुछ जगहों से छिटपुट घटनाएं भी सामने आईं, जिनमें उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के काफिले में शामिल एक वाहन पर कथित हमला भी शामिल है।
लखीसराय से लगातार चौथी बार चुनाव लड़ रहे विजय सिन्हा ने आरोप लगाया कि राजद समर्थकों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया था और पथराव व गोबर फेंके थे। सिन्हा ने लखीसराय के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पर हमला बोला और एक विशेष बल की तैनाती की मांग की, क्योंकि उनके काफिले पर उन्होंने राजद समर्थकों के द्वारा हमला करने की बात कही थी।
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा कि राजद विधान पार्षद अजय कुमार के साथ भी तीखी बहस हुई। राजद विधान पार्षद ने सिन्हा पर अपराधी होने का आरोप लगाते हुए मतदाताओं को डराने की कोशिश करने का आरोप लगाया, तो सिन्हा ने पलटवार करते हुए कुमार को असफल नेता और नशे में धुत बताया।
मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग
पहली बार, 100% मतदान केंद्रों पर मतदान की लाइव वेबकास्टिंग की गई, और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त एसएस संधू तथा विवेक जोशी ने यहां चुनाव आयोग के नियंत्रण कक्ष से फीड की निगरानी की। मुख्य चुनाव आयुक्त ने मतदान की सुचारू प्रगति सुनिश्चित करने के लिए नियंत्रण कक्ष से पीठासीन अधिकारियों और जिला चुनाव अधिकारियों के साथ बातचीत की।
11 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान
जैसे-जैसे चुनाव निर्णायक दौर में पहुंच रहा है अब पार्टियां अपने प्रचार को और तेज कर दी हैं। पीएम मोदी, अमित शाह, नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी की लगातार जनसभाएं हो रही हैं।







