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गाइडलाइन दरों में भारी बढ़ोतरी के खिलाफ सत्यमेव जयते फाउंडेशन करेगा आंदोलन

कन्हैया अग्रवाल ने कहा बढ़ी गाइडलाइन आम आदमी के घर के सपने पर गहरी चोट

रायपुर । छत्तीसगढ़ में भूमि गाइडलाइन दरों में की गई भारी-भरकम बढ़ोतरी के खिलाफ सत्यमेव जयते फाउंडेशन ने प्रदेशव्यापी बड़े आंदोलन की घोषणा की है । फाउंडेशन के प्रदेश संयोजक कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि यह बढ़ोतरी बेहद अव्यवहारिक, जनविरोधी और आम जनता की क्षमता के विपरीत है, जिससे लाखों परिवारों का घर बनाने का सपना चकनाचूर हो जाएगा ।
श्री अग्रवाल ने कहा कि गाइडलाइन दरें सिर्फ कागजों पर अंकित दस्तावेज नहीं बल्कि उन्हीं के आधार पर रजिस्ट्री शुल्क, स्टांप शुल्क, परिसंपत्ति की कीमत और आवास निर्माण की लागत तय होती है । इतने बड़े पैमाने पर की गई अप्रत्याशित बढ़ोतरी का सीधा असर हर उस परिवार पर पड़ेगा जो अपना छोटा सा घर बनाने के लिए जमीन खरीदना चाहता है । उन्होंने कहा कि यह फैसला मध्यम वर्ग, निम्न वर्ग, किसानों, युवाओं और रोजगार की तलाश में शहरों का रुख करने वाले परिवारों पर अत्यधिक बोझ डालने वाला है।
उन्होंने कहा कि जब प्रदेश की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण है, रोजगार के अवसर सीमित हो रहे हैं और महंगाई आम लोगों की कमर तोड़ रही है, ऐसे समय में गाइडलाइन दरें बढ़ाना किसी भी रूप में न्यायसंगत नहीं है । इससे रियल एस्टेट, निर्माण कार्य, भवन निर्माण और इससे जुड़े हजारों श्रमिकों के रोजगार पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा ।
कन्हैया अग्रवाल ने स्पष्ट कहा कि सत्यमेव जयते फाउंडेशन इस जनविरोधी निर्णय का पुरजोर विरोध करेगा और इसे पूरी तरह गैर–राजनीतिक जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाएगा । उन्होंने कहा कि राजधानी में विभिन्न समाज संगठनों, युवा समूहों, महिला संगठनों और आम जनता की व्यापक भागीदारी के साथ आंदोलन होगा ।
प्रदेश के सभी जिलों में चरणबद्ध आंदोलन ,जिला मुख्यालयों में धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपे जाएंगे । श्री अग्रवाल ने कहा कि हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से लाखों नागरिकों के हस्ताक्षर एकत्र कर राज्य सरकार को सौंपे जाएंगे , जनजागरण अभियान  वार्ड–वार्ड जाकर गाइडलाइन बढ़ोतरी के प्रभाव और समाधान पर जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा । इसके साथ ही ऑनलाइन विरोध अभियान सोशल मीडिया के माध्यम से #GuidelineWapsLo अभियान चलाया जाएगा ताकि हर तबके की आवाज सरकार तक पहुंचे ।
श्री अग्रवाल ने कहा कि सत्यमेव जयते फाउंडेशन का एकमात्र उद्देश्य है कि आम जनता का हित सुरक्षित रहे । इसलिए सरकार से मांग की जाती है कि वह इस निर्णय को तुरंत वापस ले, गाइडलाइन दरों को पूर्ववत रखे और लोगों पर थोपे गए आर्थिक बोझ को खत्म करे ।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार समय रहते सुनवाई नहीं करती, तो फाउंडेशन आंदोलन को और मजबूत व व्यापक रूप देगा। जनहित के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा और जनता के अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा ।

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