
प्रदेश में धान खरीदी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए शुरू किया गया तुंहर टोकन ऐप किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। अब किसान बिना किसी परेशानी के घर बैठे ही धान विक्रय हेतु टोकन प्राप्त कर रहे हैं, जिससे केंद्रों पर लगी लंबी कतारों और समय की बर्बादी से छुटकारा मिल रहा है।
ग्राम पंचायत रामपुर के किसान श्री सोहन राजवाड़े ने बताया कि उन्होंने अपने मोबाइल फोन से तुंहर टोकन ऐप का उपयोग करते हुए अपने पिता के नाम से धान विक्रय के लिए टोकन काटा। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधा मिलने से उन्हें धान उपार्जन केंद्र के चक्कर नहीं लगाने पड़े। इससे समय और श्रम दोनों की बचत हुई।
श्री राजवाड़े ने बताया कि उन्होंने 36 क्विंटल धान का ऑनलाइन टोकन प्राप्त किया है। निर्धारित तारीख को जब वे रामपुर धान उपार्जन केंद्र पहुंचे तो उन्हें तुरंत बारदाना उपलब्ध कराया गया और पूरी प्रक्रिया सुगम तरीके से पूरी हुई। नमी परीक्षण, तुलाई और अन्य प्रक्रियाएं बिना किसी बाधा के संपन्न हुईं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार में धान का मूल्य 31 रुपए प्रति किलो निर्धारित किए जाने से किसानों को फायदा हुआ है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था के लिए आभार व्यक्त किया।
डिजिटल व्यवस्था, विशेष रूप से तुंहर टोकन ऐप, धान खरीदी प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और किसान हितैषी बना रही है। आधुनिक तकनीक का लाभ उठाकर अब ग्रामीण क्षेत्रों के किसान भी स्मार्ट तरीके से अपना कार्य कर पा रहे हैं।
जिला खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार 26 नवंबर की तारीख में कुल 559 किसानों ने टोकन कटाया था जिसमें तुहंर टोकन ऐप के माध्यम से 169 किसानों ने घर बैठे अपना टोकन काटा है।








