
भैरमगढ़ विकासखंड के इंद्रावती नदी पार स्थित नियद नेल्लानार ग्राम पंचायत बांगोली गांव के ग्रामीणों को अब राशन के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। वर्षों से माओवाद प्रभावित इस क्षेत्र के बांगोली, सतवा और मरकापाल के निवासियों को प्रतिमाह 18 किलोमीटर दूर भैरमगढ़ जाकर उचित मूल्य की दुकान से राशन प्राप्त करना पड़ता था। बरसात के दिनों में इंद्रावती नदी पार करना अत्यंत जोखिमपूर्ण हो जाता था जिससे 524 राशनकार्डधारी परिवारों को नियमित खाद्यान्न प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
जिला प्रशासन की पहल तथा महात्मा गांधी नरेगा योजना और जिला खनिज न्यास निधि (DMF) के संयुक्त सहयोग से ग्रामीणों की यह बड़ी समस्या अब समाप्त होने जा रही है। लगभग 11 लाख 76 हजार रुपये की लागत से बांगोली में खाद्यान भंडारण सह उचित मूल्य दुकान भवन का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। नए भवन के तैयार होने के साथ ही गांव में ही राशन वितरण की व्यवस्था जल्द शुरू होने वाली है। स्थानीय प्रतिनिधियों और ग्रामीणों में इस सुविधा को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
मरकापाल की सरपंच श्रीमती बसंती नेताम ने बताया कि ग्रामीणों को पहले राशन के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ती थी। लेकिन अब 524 परिवारों को गांव में ही सुगमता से खाद्यान्न मिलेगा, जिससे उनकी बड़ी समस्या दूर हो गई है।
इसी तरह सतवा के उपसरपंच जुनकी कोरसा और बांगोली के मानसू भास्कर ने भी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब ग्रामीणों को राशन लाने के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ेगा। पहले यह कार्य किसी चुनौती से कम नहीं था।
उचित मूल्य दुकान के इस नए भवन से इन तीनों गांवों में राहत, सुरक्षा और सुविधा की नई उम्मीद जागी है। ग्रामीणों को अब सुरक्षित, नियमित और समय पर राशन उपलब्ध होगा जिससे गांव में खुशी और संतोष का माहौल है।








