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जन्म-मृत्यु पंजीयन व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु नए दिशा-निर्देश जारी

कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को कड़ाई से पालन के दिए निर्देश

भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त की अध्यक्षता में विगत दिवस आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के निर्देशों के परिपालन में, कलेक्टर   अभिजीत सिंह ने आयुक्त/रजिस्टार (जन्म-मृत्यु) नगर पालिक निगम दुर्ग/भिलाई/भिलाई चरोदा/रिसाली, सिविल सर्जन सह अधीक्षक एवं रजिस्ट्रार जिला अस्पताल दुर्ग, सिविल सर्जन सह अधीक्षक एवं रजिस्ट्रार सिविल अस्पताल सुपेला भिलाई दुर्ग, मुख्य नगर पालिका अधिकारी/रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु), नगर पालिका परिषद कुम्हारी/जामुल/अहिवारा/अमलेश्वर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी/रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु), नगर पंचायत धमधा/पाटन/उतई, मुख्य कार्यपालन अधिकारी/अतिरिक्त जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) जनपद पंचायत दुर्ग/धमधा/पाटन, खंड चिकित्सा अधिकारी एवं रजिस्ट्रार निकुम/धमधा/पाटन, रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु बी.एस.पी. सेक्टर-8 भिलाई दुर्ग, रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु रेल्वे हॉस्पिटल, भिलाई चरोदा, जिला-दुर्ग तथा रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु ईएसआईसी हॉस्पिटल जुनवनी रोड जिला-दुर्ग को जिले में जन्म-मृत्यु पंजीयन व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों के तहत, अब समस्त शासकीय अस्पतालों में नवजात शिशु के जन्म का पंजीयन कर जन्म प्रमाणपत्र माँ को अस्पताल से छुट्टी मिलने के पूर्व ही अनिवार्यतः प्रदान किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, समस्त पंजीयन इकाइयों के क्षेत्राधिकार में आने वाले निजी चिकित्सालयों के प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने संस्थान में घटित जन्म-मृत्यु के प्रकरणों की सूचना बिना विलंब किए संबंधित रजिस्ट्रार को दें, ताकि घटना के 21 दिन के भीतर पंजीयन और प्रमाण पत्र जारी किये जा सके। इस प्रक्रिया की समीक्षा के लिए, प्रत्येक वर्ष जिला स्तरीय समन्वय समिति (डीएलसीसी) की बैठक में 21 दिन के भीतर पंजीयन की उपलब्धि को एक अनिवार्य एजेंडा बिन्दु के रूप में जोड़ा जाएगा। इसके अतिरिक्त, वेब पोर्टल का इस्तेमाल करने वाले अधिकृत यूजर्स को अपनी यूजर आई डी/पासवर्ड/ओटीपी का सतर्कता से उपयोग करने और समय-समय पर पासवर्ड बदलने के निर्देश दिए गए हैं, तथा फर्जी वेब पोर्टल से फर्जी प्रमाण पत्र जारी होने के संबंध में रजिस्ट्रार/उप रजिस्ट्रार को जागरूक किया जाएगा। नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए पंजीयन इकाईवार समस्त शासकीय एवं निजी अस्पतालों की सूची संधारित और अद्यतन करने के भी निर्देश दिये गये है। सभी संबंधित पदाधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया है।

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