
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली तथा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरगुजा के मार्गदर्शन में शनिवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय अम्बिकापुर के अंतर्गत सभी न्यायालयों में, जिसमें व्यवहार न्यायालय सीतापुर भी सम्मिलित है में हाइब्रिड नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। हाइब्रिड नेशनल लोक अदालत के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय तथा सीतापुर न्यायालय में साढे तीन हजार से अधिक लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया। किशोर न्याय बोर्ड के 70 तथा परिवार न्यायालय के 15 प्रकरणों का आपसी राजीनामा के आधार पर निराकरण किया गया। इसी प्रकार राजस्व न्यायालयों में तीन हजार से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया एवं लाखों की संख्या में प्री-लिटिगेशन मामलों का निराकरण किया गया। लोक अदालत के दौरान चार प्रकरण वर्चुअल मोड/विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा निराकृत किए गए। हाइब्रिड नेशनल लोक अदालत में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के. एल. चरयाणी के खण्डपीठ क्रं 01 के समक्ष निराकृत प्रकरणों में से एक प्रकरण में मोटर दुर्घटना में आवेदकगण के पति, पिता एवं पुत्र की मृत्यु कारित हो जाने से आवेदकगण द्वारा मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा-166 के तहत अनावेदक अजीत यादव, चुन्नी देवी एवं शाखा प्रबंधक आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के विरूद्ध प्रस्तुत किया है, जिसमें 13 दिसंबर को आयोजित लोक अदालत में आवेदकगण ने अना.क्र 3 बीमा कंपनी से खण्डपीठ के 1 के पीठासीन अधिकारी के. एल. चरयाणी, सदस्य अशोक कुमार एवं विजय शंकर तिवारी के समक्ष स्वेच्छया 23,50,000 है। राजीनामा के कारण प्रकरण का निराकरण मात्र 08 माह 27 दिवस के भीतर संभव हो हुआ। उपरोक्त प्रकरण में अनावेदक बीमा कंपनी को एकमुश्त 23,50,000 रुपए अधिनिर्णय दिनांक से 60 दिन के भीतर जमा करने हेतु निर्देशित किया गया।









