
राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक नाबार्ड द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बीजापुर जिले हेतु 350 करोड़ रुपये की संभाव्यतायुक्त ऋण योजना तैयार की गई है। यह योजना भारतीय रिजर्व बैंक के प्राथमिकता क्षेत्र ऋण दिशा-निर्देशों के अनुरूप कृषि ऋण, कृषि अधोसंरचना,
कृषि सहायक गतिविधियों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एमएसएमई, शिक्षा, आवास नवीनीकरण, ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों को कवर करती है।
इस संभाव्यतायुक्त ऋण योजना की पुस्तक का विमोचन जिला स्तरीय सलाहकार समिति डीएलसीसी की बैठक में जिला पंचायत बीजापुर की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता चौबे द्वारा किया गया। बैठक में नाबार्ड के एलडीओ नवीन तिवारी, जिला विकास प्रबंधक संतोष रामटेके, अग्रणी जिला प्रबंधक विनोद कुमार जालक्सो सहित जिले में कार्यरत सभी बैंकों के प्रबंधक एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सीईओ नम्रता चौबे ने जिले की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई इस कार्ययोजना के लिए नाबार्ड की सराहना की और सभी विभागों व बैंकों से योजना में निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।
नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक ने बताया कि संभाव्यतायुक्त ऋण योजना दस्तावेज में ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध भौतिक संभावनाओं का बैंक ऋण के माध्यम से उपयोग किए जाने की संभावनाओं का आकलन किया जाता है। इस आकलन में जिले की वर्तमान अधोसंरचना, संभाव्यता के पूर्ण दोहन हेतु अपेक्षित अतिरिक्त अधोसंरचना, पूर्व वर्षों के रुझान तथा आगामी वर्षों में संभावित परिवर्तनों को सम्मिलित किया जाता है। योजना के अनुसार फसल ऋण, कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों के लिए सावधि ऋण, कृषि अधोसंरचना और अनुषंगी गतिविधियों सहित कृषि क्षेत्र के लिए कुल 242 करोड़ रुपये के ऋण की संभाव्यता आंकी गई है। वहीं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए 77.23 करोड़ रुपये तथा निर्यात ऋण, शिक्षा, आवास, सामाजिक अधोसंरचना एवं अन्य क्षेत्रों के लिए 30.67 करोड़ रुपये की ऋण संभाव्यता निर्धारित की गई है।








