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डोनाल्ड ट्रंप ने मरिजुआना को कम प्रतिबंधित सूची में डाला, क्या है इसके पीछे की वजह?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत मारिजुआना को संघीय स्तर पर कम खतरनाक श्रेणी में पुनर्वर्गीकृत किया जाएगा. अब यह शेड्यूल-I से शेड्यूल-III में लाया जाएगा. इसके पीछे का तर्क है कि इससे वैज्ञानिक शोध करना आसान हो जाएगा.

मारिजुआना एक ऐसा पेड़ है, जिससे भांग, गांजा और चरस बनती है. भारत में इसकी एक चुटकी यानी 100 ग्राम से कम के साथ पकड़े जाने वाले को 1 साल की जेल और 10,000 हजार तक का जुर्माना लग सकता है. मात्रा अगर किलो में पहुंच जाए तो यह सजा दसियों साल तक पहुंच सकती है और जुर्माना लाखों तक. हालांकि अमेरिका में राह कुछ दूसरी ओर की पकड़ी जा रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत मारिजुआना को संघीय स्तर पर कम खतरनाक श्रेणी में पुनर्वर्गीकृत किया जाएगा. लेकिन ट्रंप ऐसा क्यों कर रहे हैं, आइए समझते हैं.

गुरुवार को प्रेसीडेंट ट्रंप के इस कदम के तहत अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) के अंतर्गत मारिजुआना के पुनर्वर्गीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं. अमेरिका में नशीली दवाओं और रासायनिक पदार्थों को पांच-स्तरीय वर्गीकरण प्रणाली में बांटा जाता है, जिसमें शेड्यूल-I सबसे सख्त और शेड्यूल-V सबसे कम प्रतिबंधित श्रेणी होती है. अब तक मारिजुआना शेड्यूल-I में शामिल था, जहां इसे हेरोइन और एलएसडी जैसी खतरनाक मादक दवाओं के साथ रखा गया था. गुरुवार के आदेश के बाद इसे तेजी से शेड्यूल-III में लाया जाएगा, जहां केटामाइन और एनाबॉलिक स्टेरॉयड्स जैसी दवाएं शामिल हैं.

मारिजुआना पर वैज्ञानिक शोध करना होगा आसान

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह बदलाव मारिजुआना को वैध बनाना नहीं है और इससे किसी भी तरह इसके मनोरंजनात्मक इस्तेमाल को मंजूरी नहीं मिलती. हालांकि, इस बदलाव से मारिजुआना पर वैज्ञानिक शोध करना आसान हो जाएगा, क्योंकि शेड्यूल-III की दवाओं पर शोध के लिए शेड्यूल-I की तुलना में कहीं कम मंजूरी की जरूरत होती है. इससे पहले ट्रंप ने पत्रकारों से कहा था कि यह कदम लोकप्रिय है, क्योंकि इससे बड़े पैमाने पर ऐसा शोध संभव हो सकेगा जो पुनर्वर्गीकरण के बिना नहीं हो सकता.

चिकित्सकीय शोध के नए रास्ते खुलेंगे

मारिजुआना को कम खतरनाक ड्रग के रूप में पुनर्वर्गीकृत किए जाने से चिकित्सकीय शोध के नए रास्ते खुलेंगे. ट्रंप का यह फैसला उन कई अमेरिकी राज्यों की नीति के अनुरूप है, जहां मारिजुआना को चिकित्सकीय और मनोरंजनात्मक उपयोग दोनों के लिए वैध किया जा चुका है. कई अमेरिकी राज्यों ने वयस्कों के लिए मारिजुआना के मनोरंजनात्मक उपयोग को वैध कर दिया है या इसे चिकित्सकीय इस्तेमाल की अनुमति दी है. इससे संघीय कानून और राज्य कानूनों के बीच असंगति की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि संघीय स्तर पर मारिजुआना अब भी अवैध है. इसके बावजूद, संघीय कानून अब भी सख्त हैं, जिससे लोगों पर संघीय स्तर पर मुकदमा चलने का खतरा बना रहता है.

भारी कर बोझ में कमी आ सकती है

हालांकि ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) द्वारा किया गया यह पुनर्वर्गीकरण देशभर में वयस्कों के लिए इसके मनोरंजनात्मक उपयोग को वैध नहीं बनाएगा, लेकिन इससे इसके नियमन का तरीका बदल सकता है और कैनाबिस उद्योग पर लगने वाले भारी कर बोझ में कमी आ सकती है. ट्रंप के आदेश में शोध के विस्तार और सीबीडी (CBD) तक बेहतर पहुंच की भी बात कही गई है. सीबीडी एक कानूनी और तेजी से लोकप्रिय हो रहा हैम्प-आधारित उत्पाद है, जिसके लाभों को लेकर विशेषज्ञों में मतभेद हैं.

अमेरिकी जनता में कम सख्त नीति के पक्ष में समर्थन बढ़ा

आमतौर पर इस तरह के बदलाव के लिए लंबी और जटिल प्रक्रिया होती है, जिसमें सार्वजनिक राय आमंत्रित करने की अवधि शामिल रहती है. इस प्रक्रिया में अमेरिका भर से दसियों हजार प्रतिक्रियाएं आई थीं. गैलप के सर्वेक्षणों के अनुसार, अमेरिकी जनता में कम सख्त नीति के पक्ष में समर्थन बढ़ा है. 2005 में 36 प्रतिशत समर्थन से बढ़कर पिछले साल यह 68 प्रतिशत तक पहुंच गया. ट्रंप के जनवरी में पद संभालने तक DEA इस समीक्षा प्रक्रिया में जुटी हुई थी. ट्रंप का आदेश इस प्रक्रिया को तेज करेगा, हालांकि इसमें कितना समय लगेगा, यह स्पष्ट नहीं है.

बाइडन ने भी दंड कम करने के लिए उठाए थे कदम

इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी मारिजुआना से जुड़े संघीय दंडों को कम करने के लिए कई कदम उठाए थे, जिनमें साधारण कब्जे के मामलों में कठोर सजा पाए लोगों को सामूहिक माफी देना शामिल था. इन सजाओं का असर असमान रूप से अल्पसंख्यक समुदायों पर पड़ा था और इससे अमेरिका में बड़े पैमाने पर कारावास की समस्या को बढ़ावा मिला. बाइडन प्रशासन ने भी मारिजुआना को शेड्यूल-III में पुनर्वर्गीकृत करने की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन जनवरी में बाइडन के पद छोड़ने से पहले यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी.

बदलाव का विरोध भी हुआ

हालांकि कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने किसी भी बदलाव का विरोध किया है और मौजूदा व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है. इससे पहले ट्रंप के कई करीबी सहयोगी सहति 20 से अधिक रिपब्लिकन सीनेटरों ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मारिजुआना को शेड्यूल-I में ही बनाए रखने की मांग की थी. इस समूह का तर्क था कि मारिजुआना अब भी खतरनाक है और इसे पुनर्वर्गीकृत करना ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ के प्रयासों को कमजोर करेगा. उन्होंने यह भी कहा कि मारिजुआना उपयोगकर्ताओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ सड़क और कार्यस्थल की सुरक्षा पर नकारात्मक असर डालता है. उन्होंने कहा था कि पुनर्वर्गीकरण से केवल कम्युनिस्ट चीन जैसे बुरे तत्वों को फायदा होगा, जबकि इसकी कीमत अमेरिकी जनता को चुकानी पड़ेगी. इसमें चीन की वैश्विक कैनाबिस बाजार में भूमिका का जिक्र किया गया.

ट्रंप ने फेंटानिल के बढ़ते प्रभाव के बाद बदला रुख

जहां तक मारिजुआना को अपराध की श्रेणी से बाहर करने (डीक्रिमिनलाइजेशन) की बात है, ट्रंप ने पहले कभी इस पर स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई है, हालांकि अपने दूसरे कार्यकाल के अधिकांश समय में उन्होंने इसके पुनर्वर्गीकरण पर विचार किया है. राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने अन्य नशीली दवाओं, खासकर फेंटानिल, के खिलाफ सख्त अभियान को अपने दूसरे कार्यकाल की प्रमुख नीति बनाया है. इसके तहत उन्होंने उन वेनेजुएला और अन्य देशों की नावों पर अमेरिकी सैन्य हमलों का आदेश दिया, जिन पर प्रशासन का दावा है कि वे ड्रग्स की तस्करी कर रही थीं. ट्रंप ने एक और कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर फेंटानिल को सामूहिक विनाश का हथियार घोषित किया है. हालांकि इस नए कदम से उन्होंने गांजे वाली चीज पर प्रतिबंध को हल्का जरूर कर दिया है.

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