
जिले में तीन दिवसीय राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत 21 दिसंबर 2025 से की जाएगी। अभियान के प्रथम दिवस 21 दिसंबर को जिलेभर में स्थापित पोलियो बूथों पर 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। इसके पश्चात 22 एवं 23 दिसंबर को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी। इस अभियान के लिए जिले के स्वास्थ्य केंद्रों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों को पोलियो बूथ के रूप में विकसित किया गया है। जिले में कुल 1 लाख 16 हजार 483 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिले के सभी विकास खंडों में कुल 1,199 पोलियो बूथ बनाए गए हैं, जिन पर 1,199 टीमें कार्यरत रहेंगी। जिनमें पत्थलगांव में 191, फरसाबहार में 148, कांसाबेल में 84, बगीचा में 219, कुनकुरी में 150, दुलदुला में 88, मनोरा में 146 एवं जशपुर में 173 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। इन टीमों में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानीन को मिलाकर कुल 4,721 कार्यकर्ता शामिल हैं। अभियान की निगरानी हेतु 224 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। ट्रांजिट स्थल, बस स्टैंड, मेला-बाजार एवं संवेदनशील क्षेत्रों जैसे ईंट-भट्ठों और निर्माणाधीन स्थलों के लिए मोबाइल टीमों का गठन कर विस्तृत माइक्रोप्लान तैयार किया गया है।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने हेतु पंचायत, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, परिवहन विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा ने बताया कि 27 मार्च 2014 को भारत को पोलियो मुक्त राष्ट्र का प्रमाण पत्र मिलना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। भारत विगत 14 वर्षों से पोलियो मुक्त है, किंतु विश्व स्तर पर अब भी वाइल्ड पोलियो वायरस का खतरा बना हुआ है। ऐसे में भारत में पोलियो वायरस के पुनः प्रवेश को रोकने के लिए भारत सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी 21 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय पल्स पोलियो कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के अनुमानित 1,16,483 बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी। इनमें पत्थलगांव में 26,036, फरसाबहार में 14,803, कांसाबेल में 10,600, बगीचा में 23,580, कुनकुरी में 13,075, दुलदुला में 6,885, मनोरा में 8,336 एवं जशपुर में 13,168 बच्चे शामिल हैं। अभियान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नर्सेस ट्रेनिंग सेंटर की छात्राओं एवं मितानीनों द्वारा रैली निकाली गई। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा प्रचार-प्रसार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।









