
फूलों की खेती में अपार संभावनाएं, सरकार दे रही सब्सिडी और प्रशिक्षण: कलेक्टर
फूलों की खेती को बढ़ावा देने प्रशासन सक्रिय, किसानों की सुविधा हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
के लिए मिलेगी सुविधा
संरक्षित खेती की तकनीक, लागत, अनुदान संरचना एवं वित्तीय सहायता प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी
जिले में किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जिले में फूलों की संरक्षित खेती को प्रोत्साहित करना तथा किसानों को आधुनिक तकनीक, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ना रहा। इसमें जिले के बड़ी संख्या में प्रगतिशील एवं इच्छुक किसान शामिल हुए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि धमतरी जिले की जलवायु एवं भौगोलिक परिस्थितियाँ गुलाब, जरबेरा, ऑर्किड, लिली जैसे उच्च मूल्य वाले फूलों की संरक्षित खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समय में पारंपरिक खेती के साथ-साथ संरक्षित खेती किसानों के लिए स्थायी आय का मजबूत माध्यम बन सकती है। जिले के कई किसान पहले ही इस दिशा में सफल उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।
कलेक्टर ने बताया कि राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड एवं शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत पॉलीहाउस, शेडनेट, ड्रिप सिंचाई सहित संरक्षित खेती के लिए आकर्षक सब्सिडी, बैंक ऋण तथा तकनीकी प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाकर ऑनलाइन आवेदन करें। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऑनलाइन आवेदन एवं बैंक ऋण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए विशेष सहायता शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि किसानों को समयबद्ध लाभ मिल सके।
राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की उप संचालक गरपति श्रीनिजा ने संरक्षित खेती की तकनीकी बारीकियों, लागत अनुमान, अनुदान संरचना एवं वित्तीय सहायता की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फूलों की खेती के साथ-साथ टमाटर, शिमला मिर्च, ककड़ी जैसी सब्जियों की संरक्षित खेती पर भी अनुदान का प्रावधान है, जिससे किसानों के लिए आय के विविध अवसर खुलते हैं।
कार्यशाला में अग्रणी जिला प्रबंधक द्वारा बैंकिंग एवं ऋण प्रक्रिया की सरल जानकारी साझा की गई। वहीं राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की योजनाओं से लाभान्वित उन्नतशील कृषकों ने अपने अनुभव साझा कर अन्य किसानों को प्रेरित किया, जिससे कार्यक्रम में आत्मविश्वास और उत्साह का माहौल बना।
इस अवसर पर कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं की जानकारी भी दी गई, जिनमें राज्य पोषित विकास योजना, मसाला विस्तार योजना, आलू फसल प्रदर्शन, मधुमक्खी पालन, बागवानी मिशन, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल पाम, मौसम आधारित फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, राष्ट्रीय बांस मिशन सहित अन्य योजनाएं शामिल हैं।
कार्यशाला में उप संचालक कृषि मोनेश साहू, उप संचालक उद्यान श्रीमती पूजा कश्यप साहू सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला के समापन पर किसानों में फूलों की संरक्षित खेती को लेकर उत्साह, जागरूकता एवं सकारात्मक सोच स्पष्ट रूप से देखने को मिली।








