
कलेक्टर अजीत वसंत ने शुक्रवार को जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी जे आर प्रधान, सभी सीडीपीओ सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान कलेक्टर वसंत ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की तथा प्रभावी क्रियान्वयन पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग अंतर्गत संचालित सभी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का शत प्रतिशत हितग्राहियों को लाभ मिलना सुनिश्चित करें।
उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए तथा कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र निर्धारित समय पर संचालित हो। उन्होंने कहा कि पोषण ट्रैकर एप में बच्चों की एंट्री सुनिश्चित करें, गंभीर कुपोषण वाले बच्चों का चिन्हांकन करके उनके पौष्टिक आहार पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने जिले में 0 से 6 वर्ष के बच्चों के आधार कार्ड निर्माण की जानकारी ली तथा कहा कि जिन बच्चों का आधार कार्ड जन्म प्रमाण पत्र के अभाव में नहीं बन पाया है उनकी सूची तैयार कर आवश्यक कार्यवाही करें।
एनआरसी में शत-प्रतिशत उपस्थिति पूर्ण करने दिए निर्देश-
कलेक्टर संत ने गंभीर कुपोषित बच्चों की त्वरित पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्रों में सतत रूप से भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कुपोषण की पहचान मुख्यतः आंगनबाड़ी केंद्रों में की जाती है, इसलिए गम्भीरता से जांच सुनिश्चित करें। पालकों को कुपोषित बच्चों को शासन की इस सुविधा का लाभ लेकर कुपोषण मुक्त करने प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि जिले में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करें।
विभागीय भर्ती प्रक्रिया में रहे पारदर्शिता, लापरवाही पर होगी कार्रवाई-
बैठक में कलेक्टर वसंत ने कहा कि विभाग अंतर्गत रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता रहे।नियमानुसार भर्ती प्रक्रिया समय अवधि में पूर्ण हो, किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सम्बन्धितों पर कार्रवाई होगी।
आंगनबाड़ी केंद्र भवनों की ली गई जानकारी, विद्युतीकरण के सम्बन्ध में आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने दिए गए निर्देश-
कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र भवनों की स्थिति की जानकारी ली तथा कहा कि जिन केंद्रों हेतु भवन निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है, वहां तत्काल आंगनबाड़ी शिफ्ट कर संचालित करें। वहीं उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले के ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र जहां आंतरिक एवं बाह्य विद्युतीकरण नहीं हुए हैं, उनकी सूची तैयार करें। पहले चरण में 200 आंगनबाड़ी केंद्रों का चयन कर विद्युतीकरण करने की कार्यवाही की जाएगी, इस हेतु प्राक्कलन तैयार कर उपलब्ध कराएं।
शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे-
उन्होंने सभी सीडीपीओ को सुपरवाइजर के साथ बैठक कर मातृ वंदना योजना में अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित करने निर्देशित किया तथा 15 दिवस के भीतर निर्धारित लक्ष्य पर प्रगति सुनिश्चित करने कहा। महतारी वंदन योजना अंतर्गत हितग्राहियों का शत प्रतिशत ई केवायसी पूर्ण करवाने निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पात्र महिला और बच्चे तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसलिए गम्भीरतापूर्वक, संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। बैठक में एजेण्डा अनुसार विभिन्न विषयों पर विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई।









