
बिहार की सियासत का सबसे चर्चित केंद्र रहा 10 सर्कुलर रोड अब इतिहास होने जा रहा है, क्योंकि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है.नोटिस मिलने के एक महीने बाद यह प्रक्रिया शुरू हुई है.
बिहार की राजनीति में ‘सरकारी आवास’ हमेशा से प्रतीक और सत्ता का संकेत रहे हैं. अब एक बार फिर यही मुद्दा चर्चा के केंद्र में है. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को लेकर चल रही खींचतान जल्द खत्म होती दिख रही है.
राजद सूत्रों के अनुसार लालू-राबड़ी परिवार 39 हार्डिंग रोड में शिफ्ट हो सकता है और मकर संक्रांति के बाद इस पर औपचारिक फैसला लिया जा सकता है. पार्टी का साफ कहना है कि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है.
39 हार्डिंग रोड की ओर कदम
सरकार जैसे ही 39 हार्डिंग रोड का बंगला औपचारिक रूप से सुपुर्द करेगी, लालू प्रसाद वहां शिफ्ट होने का निर्णय ले सकते हैं. महुआ बाग स्थित नए बंगले में फिलहाल जाने की संभावना नहीं है, क्योंकि वहां निर्माण कार्य अधूरा बताया जा रहा है. राजद का शीर्ष परिवार अब 10 सर्कुलर रोड को लेकर लंबे समय से चली आ रही रार को खत्म करने के मूड में दिख रहा है.
गुरुवार देर रात 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगले से पेड़-पौधों, गमलों और घरेलू सामान को पिकअप वैन के जरिये बाहर ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. इसके बाद सियासी चर्चाएं तेज हो गईं. हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर लालू परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह सामान्य शिफ्टिंग प्रक्रिया है, जिसे बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है.
नोटिस से शुरू हुई प्रक्रिया
बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने 25 नवंबर 2025 को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड बंगला खाली करने का नोटिस दिया था. विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते राबड़ी देवी को केंद्रीय पूल से नया सरकारी आवास आवंटित किया गया है. प्रशासनिक आदेश के बाद अब बंगला खाली करने की प्रक्रिया तेज हो गई है.
कृष्ण गौशाला में पहुंचा सामान
10 सर्कुलर रोड स्थित आवास से हटाए जा रहे फूलों के गमले और गार्डन से जुड़ा सामान दानापुर के नया टोला स्थित कृष्ण गौशाला में रखा जा रहा है. देर रात छोटे वाहनों के जरिये यह सामान वहां पहुंचाया गया. इससे यह संकेत और मजबूत हो गया है कि बंगला खाली करने की तैयारी अंतिम चरण में है.
जदयू का तंज, कानून की दुहाई
जदयू के मुख्य प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार ने इस पूरे मामले को कानून के पालन से जोड़ा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि नेता प्रतिपक्ष होने के बावजूद पुराने सरकारी आवास को खाली न करना सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग है. उनके मुताबिक यह कोई राजनीति नहीं, बल्कि नियमों का सवाल है.
राजद के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने जदयू-भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि 10 सर्कुलर रोड खाली करना राजनीति का विषय नहीं हो सकता. उन्होंने सवाल उठाया कि सत्ता पक्ष उन नेताओं पर क्यों नहीं बोलता, जो अब भी सरकारी आवासों पर काबिज हैं. शक्ति यादव ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए इस मुद्दे को तूल दे रही है.







