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धान खरीदी का महाअभियान, अब तक 60.88 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी

*11.51 लाख से अधिक किसानों ने बेचा धान*

*धान खरीदी के भुगतान के लिए मार्कफेड द्वारा 13 हजार 615 करोड़ रूपए जारी*

*इस वर्ष 27.43 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन*

*टोकन तुंहर एप्प‘ से किसानों को मिल रही है सहुलियत*

रायपुर, 27 दिसंबर 2025 (IMNB NEWS AGENCY) समर्थन मूल्य पर राज्य में पंजीकृत किसानों से धान खरीदी का महाअभियान अनवरत रूप से जारी हैं। पिछले माह के 14 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी के तहत् 26 दिसम्बर को जारी रिपोर्ट के अनुसार 60 लाख 87 हजार 547 मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। अब तक 11लाख 51 हजार 355 पंजीकृत किसानों ने धान बेचा है। मार्कफेड द्वारा धान खरीदी के भुगतान के लिए 13 हजार 615 करोड़ रूपए जारी किए गए है। इस वर्ष 27 लाख 43 हजार 444 किसानों ने पंजीयन कराया है, जिसमें 32 लाख 64 हजार 598 हेक्टेयर रकबा शामिल है।

इस वर्ष धान खरीदी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए तुंहर हाथ टोकन एप शुरू किया गया है। इससे किसानों को धान बेचने में काफी सहुलियत मिल रही है। अब किसानों के लिए 24 घंटे सातों दिन टोकन प्राप्त करने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। इससे भी किसानों को टोकन कटाने एवं धान बेचने में आसान हो रही है।

किसान समितियों द्वारा की जा रही सभी आवश्यक व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं। राज्य शासन गठित राज्य और जिला स्तरीय दलों द्वारा प्रदेश सहित राज्य के सीमावर्ती इलाकों में अवैध धान परिवहन, भंडारण तथा विक्रय पर कड़ी निगरानी की जा रही है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार धान खरीदी के साथ-साथ किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान भी शुरू कर दिया गया है। राज्य के किसानों से क्रय किए गए धान के मूल्य भुगतान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने मार्कफेड को 26,200 करोड़ रूपए की बैंक गांरटी पहले से दे रखी है। किसानों को धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए सभी केन्द्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है। धान खरीदी की व्यवस्था पर निगरानी के लिए सभी केन्द्रों में अधिकारी तैनात किए गए हैं। राज्य स्तर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और जिला स्तर के अधिकारी लगातार दौरा कर धान खरीदी एवं केन्द्रों की व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।

राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में किसी भी तरह की गड़बड़ी न होने पाए इसको लेकर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बाहर से धान की आवक की रोकथाम के लिए चेकपोस्ट पर अधिकारी तैनात किए गए हैं। जगह-जगह मॉलवाहकों की औचक जांच भी की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व और किसान हितैषी नीतियों के चलते किसानों को जहां उनकी मेहनत का वाजिम दाम मिला हैं, वहीं किसानों का सम्मान भी बढ़ा है। बता दें कि सरकार अपने घोषणा के अनुरूप प्रति एकड़ 21 क्विंटल समर्थन मूल्य एवं कृषि उन्नति योजना के तहत 31 सौ रूपए प्रति क्विंटल की भाव से धान खरीदी कर रही है।

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