Ro no D15139/23

धान खरीदी का महाअभियान, अब तक 60.88 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी

*11.51 लाख से अधिक किसानों ने बेचा धान*

*धान खरीदी के भुगतान के लिए मार्कफेड द्वारा 13 हजार 615 करोड़ रूपए जारी*

*इस वर्ष 27.43 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन*

*टोकन तुंहर एप्प‘ से किसानों को मिल रही है सहुलियत*

रायपुर, 27 दिसंबर 2025 (IMNB NEWS AGENCY) समर्थन मूल्य पर राज्य में पंजीकृत किसानों से धान खरीदी का महाअभियान अनवरत रूप से जारी हैं। पिछले माह के 14 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी के तहत् 26 दिसम्बर को जारी रिपोर्ट के अनुसार 60 लाख 87 हजार 547 मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। अब तक 11लाख 51 हजार 355 पंजीकृत किसानों ने धान बेचा है। मार्कफेड द्वारा धान खरीदी के भुगतान के लिए 13 हजार 615 करोड़ रूपए जारी किए गए है। इस वर्ष 27 लाख 43 हजार 444 किसानों ने पंजीयन कराया है, जिसमें 32 लाख 64 हजार 598 हेक्टेयर रकबा शामिल है।

इस वर्ष धान खरीदी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए तुंहर हाथ टोकन एप शुरू किया गया है। इससे किसानों को धान बेचने में काफी सहुलियत मिल रही है। अब किसानों के लिए 24 घंटे सातों दिन टोकन प्राप्त करने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। इससे भी किसानों को टोकन कटाने एवं धान बेचने में आसान हो रही है।

किसान समितियों द्वारा की जा रही सभी आवश्यक व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं। राज्य शासन गठित राज्य और जिला स्तरीय दलों द्वारा प्रदेश सहित राज्य के सीमावर्ती इलाकों में अवैध धान परिवहन, भंडारण तथा विक्रय पर कड़ी निगरानी की जा रही है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार धान खरीदी के साथ-साथ किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान भी शुरू कर दिया गया है। राज्य के किसानों से क्रय किए गए धान के मूल्य भुगतान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने मार्कफेड को 26,200 करोड़ रूपए की बैंक गांरटी पहले से दे रखी है। किसानों को धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए सभी केन्द्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है। धान खरीदी की व्यवस्था पर निगरानी के लिए सभी केन्द्रों में अधिकारी तैनात किए गए हैं। राज्य स्तर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और जिला स्तर के अधिकारी लगातार दौरा कर धान खरीदी एवं केन्द्रों की व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।

राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में किसी भी तरह की गड़बड़ी न होने पाए इसको लेकर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बाहर से धान की आवक की रोकथाम के लिए चेकपोस्ट पर अधिकारी तैनात किए गए हैं। जगह-जगह मॉलवाहकों की औचक जांच भी की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व और किसान हितैषी नीतियों के चलते किसानों को जहां उनकी मेहनत का वाजिम दाम मिला हैं, वहीं किसानों का सम्मान भी बढ़ा है। बता दें कि सरकार अपने घोषणा के अनुरूप प्रति एकड़ 21 क्विंटल समर्थन मूल्य एवं कृषि उन्नति योजना के तहत 31 सौ रूपए प्रति क्विंटल की भाव से धान खरीदी कर रही है।

  • Related Posts

    अम्बिकापुर में नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन का वर्चुअल भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम संपन्न’

    मान. छ.ग. उच्च न्यायालय के मान. मुख्य न्यायमूर्ति श्री जस्टिस रमेश सिन्हा ने किया वर्चुअल भूमि पूजन एवं शिलान्यास अम्बिकापुर 18 अगस्त 2026/  सरगुजा जिला में न्यायिक अधोसंरचना के विस्तार की…

    Read more

    नशे के खिलाफ युवाओं ने बुलंद की आवाज, जिलेभर में चला जागरूकता अभियान

    नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के तहत विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में हुए जागरूकता कार्यक्रम, युवाओं ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प   धमतरी, 18 अगस्त 2026। युवाओं…

    Read more

    NATIONAL

    युवाओं के लिए CM योगी की नसीहत, ड्रग्स और स्मार्टफोन के नशे से रहें दूर

    युवाओं के लिए CM योगी की नसीहत, ड्रग्स और स्मार्टफोन के नशे से रहें दूर

    UP Election 2027: हैट्रिक के मिशन पर CM योगी का मास्टर प्लान तैयार, एक फैसले से बढ़ सकती है विपक्ष की मुश्किल

    UP Election 2027: हैट्रिक के मिशन पर CM योगी का मास्टर प्लान तैयार, एक फैसले से बढ़ सकती है विपक्ष की मुश्किल

    डोनाल्ड ट्रंप को पसंद आया भारत का वोटर आईडी सिस्टम, ज्ञानेश कुमार का नाम लेकर की तारीफ

    डोनाल्ड ट्रंप को पसंद आया भारत का वोटर आईडी सिस्टम, ज्ञानेश कुमार का नाम लेकर की तारीफ

    रांची के पहाड़ी मंदिर समेत शिवालयों में उमड़ेगी भीड़, जानें सावन सोमवार और नाग पंचमी पूजा का विशेष महत्व

    रांची के पहाड़ी मंदिर समेत शिवालयों में उमड़ेगी भीड़, जानें सावन सोमवार और नाग पंचमी पूजा का विशेष महत्व

    15 अगस्त पर Instagram Post को बनाएं यादगार, तिरंगे वाली फोटो के लिए देखें 25+ कैप्शन

    15 अगस्त पर Instagram Post को बनाएं यादगार, तिरंगे वाली फोटो के लिए देखें 25+ कैप्शन

    पाकिस्तान में कैसे ‘जिहाद’ बना State Policy? General Zia ने 1979 में बदली रणनीति, तैयार हुआ ‘Proxy War’ का मॉडल

    पाकिस्तान में कैसे ‘जिहाद’ बना State Policy? General Zia ने 1979 में बदली रणनीति, तैयार हुआ ‘Proxy War’ का मॉडल