
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की जेलों में बंद 900 से ज्यादा भारतीय नागरिकों की रिहाई की तैयारी की जा रही है. अबू धाबी में मौजूद भारतीय एम्बेसी को इन कैदियों की एक लिस्ट सौंपी गई है. ये रिहाई UAE सरकार के उस फैसले के तहत हो रही है, जो नवंबर 2025 के आखिर में लिया गया था.
नेशनल डे से पहले लिया गया फैसला
यह फैसला UAE के 54वें नेशनल डे से पहले लिया गया. UAE में नेशनल डे को ईद अल इत्तिहाद कहा जाता है, जो हर साल 2 दिसंबर को मनाया जाता है. इसी दिन साल 1971 में UAE के सात अमीरात एकजुट हुए थे. इस मौके पर UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने देशभर की जेलों में बंद कई कैदियों को रिहा करने का आदेश दिया.
जुर्माना और मुआवजा भी सरकार देगी
इस फैसले की खास बात यह है कि रिहा होने वाले कैदियों पर जो भी जुर्माना या मुआवजा लगा था, उसकी रकम भी UAE सरकार खुद चुकाएगी. इससे कैदियों के परिवारों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और उन्हें नई शुरुआत करने में मदद मिलेगी.
परिवारों को बड़ी राहत
अधिकारियों के अनुसार, इस कदम से कैदियों को दोबारा जिंदगी शुरू करने का मौका मिलेगा. साथ ही उनके परिवारों को भी राहत मिलेगी, जो लंबे समय से तनाव और परेशानी में थे. सरकार का मानना है कि ऐसे फैसले समाज में भरोसा और इंसानियत को मजबूत करते हैं.
भारतीय नागरिकों के लिए पहले भी ऐसे कदम
यह पहली बार नहीं है जब UAE ने भारतीय नागरिकों के लिए ऐसा कदम उठाया हो. वहां करीब 35 लाख से ज्यादा भारतीय रहते और काम करते हैं, जो दुनिया में सबसे बड़ी भारतीय आबादी में से एक है. भारत और UAE के रिश्ते व्यापार, निवेश और लोगों के आपसी जुड़ाव से लगातार मजबूत हुए हैं. ऐसे मानवीय फैसले इन रिश्तों को और गहराई देते हैं. दोनों देशों के बीच सहयोग सिर्फ आर्थिक ही नहीं, बल्कि आम लोगों की जिंदगी से भी जुड़ा हुआ है.
हाल ही में दिल्ली आए थे UAE के राष्ट्रपति
हाल ही में UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. बातचीत में बिजनेस, एर्नजी, रक्षा और टेकनीक से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने आपसी रिश्तों को और मजबूत करने पर सहमति जताई. इस बैठक में भारत-UAE के बीच व्यापार बढ़ाने और रणनीतिक सहयोग को आगे ले जाने पर भी जोर दिया गया.







