
रायपुर, 04 फरवरी 2026/ IMNB NEWS AGENCY औषधीय पौधों के सघन रोपण के माध्यम से कृषि विविधीकरण, ग्रामीण आजीविका में वृद्धि और पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान के लिए किसानों और संस्थाओं को प्रोत्साहित/सम्मानित किया जाता है। संयुक्त वन प्रबंधन समितियों पंचायतों और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से काम करने वाले व्यक्तियों को पुरस्कृत और प्रोत्साहित किया जाता है। मुंगेली ज़िले में औषधीय पौधों के सघन रोपण एवं ऑग्मेंटेशन कार्य के माध्यम से वन पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण, जैवविविधता संवर्धन तथा वनांचल क्षेत्रों में लोगों की आजीविका सशक्त करने के लिए किए गए उल्लेखनीय प्रयासों के लिए मुंगेली वनमंडल के वनमंडलाधिकारी श्री अभिनव कुमार को अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
इस कार्य का मुख्य उद्देश्य स्वस्थ जंगलों का निर्माण, स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाना तथा औषधीय जड़ी-बूटियों की पारंपरिक एवं समय-सम्मानित विरासत को संरक्षित करते हुए एक स्थायी भविष्य की दिशा में योगदान देना है। यह पहल न केवल पारंपरिक औषधीय ज्ञान को संरक्षित करेगी, बल्कि उसे आगे बढ़ाने में भी सहायक होगी, जो आदिवासी एवं वन-सीमावर्ती समुदायों के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
औषधीय पौधों एवं आयुर्वेदिक औषधियों की खेती को प्रोत्साहन देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं, आजीविका के साधनों का विविधीकरण हो रहा है तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति समुदायों में स्वामित्व और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो रही है। औषधीय पौधों का रोपण परंपरागत ज्ञान को महत्व देने के साथ-साथ उसे व्यापक स्तर पर बढ़ावा दे रहा है।
औषधीय पौधों का स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं अर्थव्यवस्था के लिए विशेष महत्व है। यह पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का आधार रहे हैं और किसानों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी बन रहे हैं। शासन द्वारा औषधीय पौधों की खेती को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ राज्य की पहचान एक सशक्त “हर्बल राज्य” के रूप में और अधिक मजबूत हो सके। इस उल्लेखनीय उपलब्धि में छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिसने निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया है।








