
अंबिकापुर 09 फरवरी 2026/ जिले में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग हेतु कलेक्टर अजीत वसंत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की प्रथम बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के औद्योगिक क्षेत्र को मजबूत करने के लिए एजेंडावार विस्तृत समीक्षा की गई।
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 पर फोकस
बैठक में कलेक्टर श्री वसंत ने नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के प्रावधानों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन, बिजली, और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाएं।
विभागों से मांगी गई तथ्यात्मक जानकारी
मुख्य महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा बैठक में औद्योगिक विकास से संबंधित महत्वपूर्ण एजेंडा प्रस्तुत किया गया। इसके क्रियान्वयन हेतु विभिन्न विभागों को निम्नलिखित जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, जिला पंचायत विभाग से औद्योगिक गतिविधियों में संलग्न स्वयं सहायता समूहों का विवरण। वन विभाग में वनोपज उत्पाद एवं प्रसंस्करण की संभावनाएं। कृषि एवं जल संसाधन से फसलों की उत्पादकता, सिंचित क्षेत्र और जलाशयों की क्षमता। विद्युत एवं लोक निर्माण से बिजली की उपलब्धता (निम्न/उच्च दाब) और राष्ट्रीय/राज्य राजमार्गों एवं अंतर-जिला सड़कों का नेटवर्क। खनिज एवं श्रम से गौण खनिज के क्षेत्र और श्रम कल्याण से संबंधित डेटा।
बैठक में छत्तीसगढ़ शासन राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप औद्योगिक परियोजनाओं के लिए स्थानीय प्रशासन से मिलने वाले अनुमोदनों को सरल और त्वरित बनाने पर चर्चा हुई।
कलेक्टर ने सभी विभागीय सदस्यों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित तथ्यात्मक जानकारी शीघ्र जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र को उपलब्ध कराएं, ताकि जिले में निवेश का अनुकूल वातावरण तैयार हो सके। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल एवं समिति के सदस्य उपस्थित थे।मुख्य महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा कलेक्टर एवं उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया।








