
India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच होने वाली ‘ऐतिहासिक’ ट्रेड डील को लेकर वॉशिंगटन से एक बड़ी अपडेट आई है. व्हाइट हाउस ने अपनी पिछली फैक्ट-शीट को अपडेट किया है और कुछ ऐसी बातें हटा दी हैं जो पहले काफी दावे के साथ कही गई थीं. पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद इस अंतरिम समझौते (अंतरिम एग्रीमेंट) का खाका तैयार हुआ था.
500 अरब डॉलर की खरीदारी
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस ने अपनी पहली रिपोर्ट में बहुत कॉन्फिडेंस के साथ कहा था कि भारत 500 अरब डॉलर (करीब 42 लाख करोड़ रुपये) के अमेरिकी प्रोडक्ट्स खरीदने के लिए ‘कमिटेड’ (वचनबद्ध) है. लेकिन नई रिपोर्ट में इस शब्द को बदलकर ‘इरादा’ (Intends) कर दिया गया है.
इसके साथ ही, खरीदारी की लिस्ट से ‘एग्रीकल्चर’ (खेती-किसानी) शब्द को भी हटा दिया गया है. यानी अब भारत कितनी और क्या खरीदारी करेगा, इसमें थोड़ा ‘इफ एंड बट’ आ गया है.
दालों और डिजिटल टैक्स पर पलटा अमेरिका
व्हाइट हाउस के अनुसार, पहले यह दावा किया गया था कि भारत अमेरिका से आने वाली दालों पर टैक्स कम करेगा या हटा देगा, लेकिन नई अपडेट में ‘कुछ दालों’ का जिक्र ही हटा दिया गया है.
यही नहीं, डिजिटल दुनिया को लेकर भी अमेरिका ने अपने सुर बदले हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, पहले कहा गया था कि भारत अपना ‘डिजिटल सर्विस टैक्स’ खत्म कर देगा. लेकिन अब नए वर्जन में इस लाइन को पूरी तरह साफ कर दिया गया है. अब बस इतना कहा गया है कि दोनों देश डिजिटल व्यापार के नियमों पर बातचीत करेंगे.
रूस से तेल न खरीदने की शर्त और ट्रंप का बड़ा फैसला
इस डील का सबसे बड़ा पॉइंट रूस से जुड़ा है. रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर पिछले साल अगस्त में लगा 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ हटा दिया है. यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि भारत ने वादा किया है कि वह रूस से सीधे या इनडायरेक्ट तरीके से तेल (Oil) नहीं खरीदेगा.
इसके बदले में अब अमेरिका भारतीय सामानों पर लगने वाली ड्यूटी को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत पर ले आएगा. इससे भारतीय कपड़ा (टेक्सटाइल्स), लेदर, फुटवियर और होम डेकोर जैसे सामानों को अमेरिकी बाजार में फायदा मिलेगा.
इन चीजों पर कम होगा टैक्स: क्या सस्ता होगा?
व्हाइट हाउस की फैक्ट-शीट के अनुसार, भारत अपने यहां अमेरिकी सामानों पर ड्यूटी कम करेगा. इस लिस्ट में ये चीजें शामिल हैं:
- खेती से जुड़े प्रोडक्ट्स जैसे- सोयाबीन तेल और सूखे मेवे (Tree nuts).
- एनिमल फीड के तौर पर इस्तेमाल होने वाला ‘रेड सोरघम’.
- ताजे और प्रोसेस्ड फल.
- वाइन और स्पिरिट (शराब).
- अमेरिकी इंडस्ट्रियल मशीनें और गैजेट्स.
चीन को काउंटर करने की तैयारी?
व्हाइट हाउस ने यह भी बताया कि दोनों देश अब ‘इकोनॉमिक सिक्योरिटी’ पर मिलकर काम करेंगे. इसका मतलब है कि सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा ताकि किसी तीसरे देश (जैसे चीन) की मनमानी नीतियों से बचा जा सके. दोनों देश टेक्नोलॉजी और इन्वेस्टमेंट के मामले में एक-दूसरे की मदद करेंगे.
व्हाइट हाउस के मुताबिक, यह तो बस शुरुआत है. आने वाले हफ्तों में इस पर काम शुरू होगा. अभी कई मुद्दों पर बातचीत होनी बाकी है, जैसे:
- इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और लेबर रूल्स.
- सरकारी खरीद और पर्यावरण से जुड़े नियम.
- गाड़ियों (ऑटोमोबाइल) पर लगने वाला भारी टैक्स (जो भारत में 100 प्रतिशत तक है).
व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि इस डील का मकसद अमेरिकी वर्कर्स और कंपनियों को फायदा पहुंचाना और भारत के साथ एक संतुलित बिजने रिलेशंस बनाना है.
वॉशिंगटन ने भारत-अमेरिका ट्रेड फ्रेमवर्क का अपडेटेड फैक्ट-शीट
| मुख्य मुद्दा (Topics) | पहले वाले दावे (Initial Factsheet) | नई अपडेट में क्या है (Revised Version) |
| खरीददारी का वादा | भारत 500 अरब डॉलर का सामान खरीदने के लिए वचनबद्ध है. | भारत 500 अरब डॉलर का सामान खरीदने का इरादा रखता है. |
| दालें (Pulses) | अमेरिकी दालों पर टैक्स कम/खत्म किया जाएगा. | लिस्ट से ‘दालों‘ का नाम ही हटा दिया गया है. |
| खेती (Agriculture) | खेती से जुड़े सामानों की बड़ी खरीद होगी. | खरीद की लिस्ट से ‘एग्रीकल्चर‘ शब्द हटा दिया गया है. |
| डिजिटल टैक्स | भारत अपना डिजिटल सर्विस टैक्स खत्म कर देगा. | टैक्स खत्म करने की बात हटाई, अब सिर्फ बातचीत होगी. |
| रूस से तेल | कोई स्पष्ट जिक्र नहीं था. | भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा, तभी ट्रंप ने टैरिफ हटाया. |
| टैक्स में कटौती | अमेरिकी ड्यूटी 50% तक थी. | अब इसे घटाकर 18% पर लाया जाएगा. |




