
*कवर्धा-* शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, वह भावनाओं, संस्कारों और रिश्तों से बनती है— यह दृश्य अशोका पब्लिक स्कूल में आयोजित सीनियर-जूनियर विदाई एवं सम्मान समारोह में साफ देखने को मिला। कार्यक्रम का माहौल इतना भावुक और रंगीन था कि स्कूल परिसर एक पल के लिए यादों के उत्सव में बदल गया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के संचालक श्री पवन देवांगन महोदय के प्रेरणादायी उद्बोधन से हुई। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए सफलता के महत्वपूर्ण गुरुमंत्र दिए और भावुक शब्दों में कहा—
“बच्चों… स्कूल केवल इमारत नहीं,यह आपका घर है… और यह हमेशा आपका घर ही रहेगा।”
संचालक के इन शब्दों ने उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों के मन को भीतर तक छू लिया।
इस अवसर पर विद्यालय संचालिका श्रीमती सारिका देवांगन ने भी बच्चों को प्रेरणादायी उद्बोधन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य तय कर आगे बढ़ने की सीख दी और कहा कि मेहनत,अनुशासन और संस्कार ही सफलता की असली कुंजी हैं।संचालिका ने हमेशा बच्चों के साथ माता के समान रहकर उनकी इच्छाओं को पूरा करने,हर परिस्थिति में सहयोग देने और सही मार्गदर्शन करने का संदेश भी दिया।
सीनियर्स ने ताजा कीं ‘खट्टी-मीठी शरारतों’ की यादें I कार्यक्रम के मुख्य सूत्रधार के रूप में प्राचार्य श्री एस.एल. नापित एवं श्री लोकनाथ देवांगन,एडमिन श्री सागर नामदेव एवं शिक्षक श्री मंजीत केशरवानी उपस्थित रहे I
कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक पल तब आया जब सीनियर विद्यार्थियों ने मंच पर आकर अपने स्कूल जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने अपनी खट्टी-मीठी शरारतें,दोस्ती के किस्से,खेल के मैदान की बातें और क्लासरूम के यादगार पल सुनाकर पूरे वातावरण को भावुक कर दिया।
सीनियर विद्यार्थियों ने एक स्वर में अपने सभी विषय शिक्षकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि अशोका पब्लिक स्कूल के शिक्षक केवल पढ़ाते नहीं,बल्कि जीवन गढ़ते हैं।
विद्यार्थियों ने शिक्षकों की पढ़ाने की शैली पिक्चर मेथड को “सबसे अलग और हमेशा याद रहने वाली” बताते हुए आभार प्रकट किया।
जूनियर्स ने रंगारंग प्रस्तुतियों से जीता दिल
इस अवसर पर जूनियर विद्यार्थियों ने अपने सीनियर्स के सम्मान में एक से बढ़कर एक रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में नृत्य,संगीत,कविता पाठ,हास्य चुटकुले,खेल गतिविधियाँ और मनोरंजक प्रस्तुतियाँ शामिल रहीं,जिनमें बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
कार्यक्रम के दौरान सीनियर विद्यार्थी भी विशेष साज-सज्जा और आकर्षक परिधान में उपस्थित हुए,जिससे पूरा आयोजन और भी सुंदर व यादगार बन गया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सभी प्रस्तुतियों का उत्साहवर्धन किया।
‘मिस्टर फेयरवेल’ और ‘मिस फेयरवेल’ बने आकर्षण का केंद्र
समारोह की खास बात रही “मिस्टर को-फेयरवेल” और “मिस को-फेयरवेल” प्रतियोगिता,जिसमें विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और प्रस्तुति के आधार पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विजेताओं में अंकित नारंग (मिस्टर फेयरवेल) सुजीत गुप्ता (मिस्टर को-फेयरवेल) पायल चंद्रवंशी(मिस फेयरवेल) भूमिका चंद्रवंशी(मिस को-फेयरवेल) विशेष सम्मान देकर नवाजा गया,जिससे कार्यक्रम में और भी रोमांच बढ़ गया।
कार्यक्रम की व्यवस्थाएं भी प्रशंसनीय रहीं। आयोजन जितना शानदार रहा,उतना ही शानदार भोजन व्यवस्था भी रही। विद्यार्थियों ने भोजन की तारीफ करते हुए कहा—
“प्रोग्राम जबरदस्त था और खाना… लाजवाब!”
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य द्वारा आभार प्रदर्शन करते हुए कहा कि अशोका पब्लिक स्कूल ने फिर साबित किया— यह केवल स्कूल नहीं, परिवार है Iइस आयोजन ने यह संदेश दे दिया कि अशोका पब्लिक स्कूल सिर्फ पढ़ाई का स्थान नहीं,बल्कि संस्कार,आत्मविश्वास और रिश्तों का मजबूत आधार है। यह विदाई नहीं थी,बल्कि जीवनभर साथ रहने वाली यादों की एक ऐसी सौगात थी,जिसे विद्यार्थी कभी भूल नहीं पाएंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने विद्यालय के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए विद्यालय के लिए नित नए कीर्तिमान स्थापित हेतु कामना की और स्कूल परिसर में एक-दूसरे के साथ यादगार पलों को कैमरे में कैद कर लिया। यह समस्त जानकारी विद्यालय मिडिया प्रभारी अशोक कुमार इनवाती द्वारा दी गई I








