Ro no D15139/23

लाल आतंक का अंधेरा छंटा, नक्सलियों के सुरक्षित ठिकाने ‘गोगुंडा’ में पहली बार जला बल्ब

 

गोगुंडा की पहाड़ियों पर आजादी के 78 वर्ष बाद पहुँची बिजली, ग्रामीणों में हर्ष का माहौल

रायपुर 23 फरवरी 2026/ सुकमा की दुर्गम वादियों में करीब 650 मीटर की ऊंचाई पर बसा गोगुंडा गांव आज सिर्फ रोशनी से नहीं, बल्कि उम्मीदों से जगमगा उठा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में आजादी के 78 साल बाद, इस पहाड़ी गांव ने पहली बार बिजली के बल्ब की रोशनी देखी है। यह केवल एक तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि उन चार दशकों के काले साये की हार है, जिसने इस गांव को विकास की मुख्यधारा से काट रखा था।

कल तक जो गांव सूरज ढलते ही घने जंगलों और नक्सलियों के खौफ के सन्नाटे में डूब जाता था, वहां अब बच्चों की पढ़ाई और खुशियों की गूंज सुनाई दे रही है। ढिबरी (मिट्टी के तेल का दीया) और टॉर्च के सहारे जीवन काटने वाले ग्रामीणों के चेहरे अब अंधेरा ढलने के बाद भी बल्ब की दूधिया रौशनी में चमक रहे है। बिजली ने ग्रामीणों में जीवन के प्रति उत्साह की ऊर्जा भर दी है।

गांव के बुजुर्ग माड़वी सुक्का ने कांपती आवाज में कहा कि हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि अपने जीते जी गांव में बिजली देख पाएंगे। आज पहली बार महसूस हो रहा है कि हमारा गांव भी देश के नक्शे पर मौजूद है।

यह ऐतिहासिक बदलाव रातों-रात नहीं आया। इसके पीछे सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन का वह अटूट संकल्प है, जिसने मौत के साये को मात दी। सीआरपीएफ और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से कैंप स्थापित हुआ, जिससे नक्सलियों का ‘सुरक्षित किला’ ढह गया।

जहां पहले 5 घंटे पैदल पहाड़ चढ़ना पड़ता था, वहां अब विकास की गाड़ियां पहुंच रही हैं। कैंप बनते ही कलेक्टर श्री अमित कुमार के नेतृत्व में स्कूल, आंगनबाड़ी और राशन दुकान जैसी बुनियादी सुविधाएं युद्ध स्तर पर शुरू की गईं।
कलेक्टरने बताया कि गोगुंडा में बिजली पहुंचना सामाजिक और आर्थिक बदलाव की शुरुआत है। हमारा लक्ष्य जिले के अंतिम छोर तक बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा पहुंचाना है। सुरक्षा और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। गोगुंडा अब सुरक्षित है और यहाँ जल्द ही पुल-पुलियों का जाल बिछेगा।

कमांडेंट 74वीं बटालियन  हिमांशु पांडे ने बताया कि नक्सली दंश के कारण यह गांव दशकों पीछे था। कैंप की स्थापना के बाद मिली यह बिजली क्षेत्र में शांति और प्रगति का नया अध्याय लिखेगी।

गोगुंडा की यह रोशनी बस्तर के बदलते स्वरूप की कहानी कह रही है। यह कहानी है उस अदम्य साहस की, जिसने पहाड़ों का सीना चीरकर बिजली के खंभे गाड़े और उन ग्रामीणों की, जिन्होंने दशकों बाद लोकतंत्र पर अपना अटूट विश्वास जताया। अब गोगुंडा का अंधेरा स्थायी रूप से छंट चुका है और अब वहां सिर्फ भविष्य की चमक है।

  • Related Posts

    कच्ची झोपड़ी से पक्के घर तक का सपना हो रहा साकार मुख्यमंत्री ने ईंट जोड़कर किया श्रमदान भैंसामुड़ा में पीएम आवास निर्माण का किया औचक अवलोकन हितग्राही अनुसुइया पैंकरा ने जताया आभार

    जशपुरनगर 03 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आकस्मिक जशपुर जिला प्रवास के दौरान विकासखंड पत्थलगांव के ग्राम भैंसामुडा पहुंचे। मुख्यमंत्री श्री साय जब गांव से गुजर रहे थे,…

    Read more

    मुख्यमंत्री साय ग्राम भैंसामुड़ा में अचानक पहुंचे क्रिकेट मैदान बच्चों के साथ खेला क्रिकेट, ग्रामीण बच्चों से किया संवाद बच्चों को क्रिकेट किट उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

    जशपुरनगर 03 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने जशपुर जिला प्रवास के दौरान ग्राम भैंसामुड़ा में शासकीय प्राथमिक शाला चंदागढ़ के स्कूल मैदान पहुंचे। मुख्यमंत्री जब विद्यालय परिसर…

    Read more

    NATIONAL

    सड़क पर नमाज रोक,इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले का मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी ने किया स्वागत ,मस्जिद और निर्धारित स्थान पर नमाज को किया समर्थन

    ऐतिहासिक उपलब्धि: योगेश चौरे बने अखिल भारतीय महासंघ के राष्ट्रीय ‘उप महामंत्री’; छत्तीसगढ़ लघु वेतन संघ का बढ़ा देश भर में मान

    ऐतिहासिक उपलब्धि: योगेश चौरे बने अखिल भारतीय महासंघ के राष्ट्रीय ‘उप महामंत्री’; छत्तीसगढ़ लघु वेतन संघ का बढ़ा देश भर में मान

    राक्षस बन जाते हैं-‘सरकारी’ बनते ही, गवर्नमेन्ट सर्वेन्ट यानि जालिम राजा,तू करेगा-तू ही भरेगा वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

    राक्षस बन जाते हैं-‘सरकारी’ बनते ही, गवर्नमेन्ट सर्वेन्ट यानि जालिम राजा,तू करेगा-तू ही भरेगा वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

    कनाडाई खुफिया एजेंसी रिपोर्ट: खालिस्तान सुरक्षा के लिए खतरा घोषित, भारत पर लगाए ये आरोप

    कनाडाई खुफिया एजेंसी रिपोर्ट: खालिस्तान सुरक्षा के लिए खतरा घोषित, भारत पर लगाए ये आरोप

    UAE में पाकिस्तानियों पर गिरी गाज: एतिहाद एयरवेज ने 15 कर्मचारियों को निकाला, 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश

    UAE में पाकिस्तानियों पर गिरी गाज: एतिहाद एयरवेज ने 15 कर्मचारियों को निकाला, 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश

    बंगाल में महामुकाबले के बाद अब 4 मई का इंतजार, ममता बनर्जी लगायेंगी जीत का चौका या खिलेगा कमल?

    बंगाल में महामुकाबले के बाद अब 4 मई का इंतजार, ममता बनर्जी लगायेंगी जीत का चौका या खिलेगा कमल?