
जशपुरनगर 25 फरवरी 2026/ कलेक्टर रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ के सदस्यों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं, सुझावों एवं मांगों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय शर्मा, सीडीपीओ सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी – कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान संघ के प्रतिनिधियों ने विभिन्न प्रशासनिक एवं कार्य संबंधी समस्याओं को कलेक्टर के समक्ष रखा। कलेक्टर ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि जिन मुद्दों का निराकरण जिला स्तर पर संभव है, उन पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। राज्य स्तर से संबंधित विषयों को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा।
कुपोषण मुक्त जशपुर के लिए सक्रिय भागीदारी का आह्वान –
कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से जिले को कुपोषण मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 3 से 5 वर्ष तक के बच्चों की आंगनबाड़ी केंद्रों में शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक नाश्ता, भोजन, समुचित देखभाल एवं प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराई जाए। सुपोषण आहार का नियमित वितरण कर कुपोषण की रोकथाम सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने गंभीर कुपोषित बच्चों को आवश्यक उपचार हेतु एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) में भर्ती कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस कार्य में प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के विषय में जिला स्वास्थ्य समिति में चर्चा करने की बात भी कही।
मानदेय कटौती पर स्पष्ट निर्देश –
संघ के सदस्यों ने बिना पूर्व सूचना मानदेय कटौती की समस्या भी उठाई। इस पर कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नियमित रूप से केंद्र में उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करें और अवकाश लेने से पूर्व विधिवत सूचना दें। साथ ही उन्होंने सुपरवाइजरों को निर्देशित किया कि बिना नोटिस दिए मानदेय में कटौती न की जाए। अनावश्यक कटौती पाए जाने पर संबंधित सुपरवाइजर के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। संघ द्वारा आधार से जुड़े मोबाइल नंबर की अनुपलब्धता के कारण ई-केवाईसी में आ रही कठिनाइयों की जानकारी भी दी गई। कलेक्टर ने इस समस्या के समाधान हेतु विशेष आधार शिविर आयोजित कर छूटे हुए हितग्राहियों के आधार कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शासन की योजनाओं की जमीनी क्रियान्वयन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनकी सक्रियता और समर्पण से ही बच्चों के समुचित पोषण एवं विकास का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।







