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CM रहते राज्यसभा जाने वाले पहले नेता बने नीतीश कुमार, अब बिहार की राजनीति में क्या-क्या होगा?

Bihar Politics: गुरुवार की सुबह सीएम नीतीश कुमार का पोस्ट आया, जिसमें उन्होंने राज्यसभा सदस्य बनने की इच्छा जताई. इस पोस्ट के सामने आते ही बिहार की सियासत में खलबली मच गई. इसी से साफ हो गया कि अब वे बिहार के मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे. इसके बाद दोपहर तक उन्होंने राज्यसभा जाने के लिए नामांकन भी कर दिया.

मुख्यमंत्री रहते हुए राज्यसभा जाने वाले पहले नेता नीतीश कुमार बन गए हैं. इसके अलावा बिहार के लिए ऐतिहासिक फैसलों से लेकर कई रिकॉर्ड मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने नाम किए. देश में सबसे ज्यादा बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का रिकॉर्ड भी इन्हीं के नाम शामिल है. साल 2025 में एनडीए सरकार की जीत के बाद गांधी मैदान में नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.

अब तक किसी ने नहीं तोड़ा सीएम नीतीश का रिकॉर्ड

जानकारी के मुताबिक, तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रहीं जयललिता और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह भी 6-6 बार मुख्यमंत्री बने. इसके अलावा सिक्किम के मुख्यमंत्री रहे पवन कुमार चामलिंग और ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे नवीन पटनायक भी 5-5 बार मुख्यमंत्री बने. लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का रिकॉर्ड अब तक कोई भी नहीं तोड़ पाए हैं.

बिहार की सियासत में आगे क्या होगा?

राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चा चल रही है, जिसकी माने तो 16 मार्च के मतदान के फैसले के बाद बिहार में नई सरकार बनाने को लेकर आगे की गतिविधि होगी. एनडीए विधायक दल की बैठक में नए नेता का चुनाव होगा. इसके पहले भाजपा और जदयू विधायक दल की अलग-अलग बैठक होगी. दोनों दल अपने नए और उप नेता का चुनाव करेंगे.

इसके बाद एनडीए विधायक दल की एकसाथ बैठक होगी, जिसमें नए नेता का चुनाव सर्वसम्मत से किया जाएगा. नेता चुन लेने के बाद राज्यपाल के यहां नई सरकार बनाने का दावा पेश होगा. संख्या बल की संतुष्टि के बाद राज्यपाल एनडीए विधायक दल के नेता को सरकार बनाने का न्योता देंगे.

बिहार के अगले सीएम के लिए इन नामों की चर्चा

सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री कौन होंगे, इसकी चर्चा तेज है. कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. राजनीतिक जानकारों की माने तो, मुख्यमंत्री को लेकर बीजेपी चौंकाने वाले नाम का ऐलान कर सकती है.

नए नेता का चुनाव एनडीए के दो बड़े घटक दल जदयू और भाजपा की आपसी सहमति से होगा. भाजपा से मुख्यमंत्री बनाए गए तो उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम सबसे ऊपर लिया जा रहा है. दूसरा नाम केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का चर्चा में है.

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