
जगदलपुर, 30 मार्च 2026/ बस्तर जिले में औद्योगिक विकास की गति को तेज करने और निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्टोरेट के आस्था कक्ष में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक कलेक्टर आकाश छिकारा की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुई। इस बैठक की शुरुआत में उद्योग विभाग के मुख्य महाप्रबंधक अजीत सुंदर बिलुंग ने जिले में स्थापित हो रहे नवीन उद्योगों, औद्योगिक क्षेत्रों और औद्योगिक पार्कों के साथ-साथ नवीन औद्योगिक विकास नीति के नियमों, प्रावधानों और स्टार्टअप कार्यशालाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
बैठक में बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि, जूनियर बस्तर चेम्बर के अध्यक्ष व सदस्य तथा लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। चर्चा के दौरान उद्यमियों ने उद्योग स्थापना के मार्ग में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों को प्रमुखता से कलेक्टर के समक्ष रखा। उन्होंने विशेष रूप से बिजली कनेक्शन की अनुमति में होने वाली देरी, फैक्ट्री लाइसेंस की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की प्राप्ति में लगने वाले अधिक समय जैसी समस्याओं से अवगत कराया। इन बिंदुओं पर संवेदनशीलता दिखाते हुए कलेक्टर श्री छिकारा ने उद्यमियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा। साथ ही उन्होंने उद्यमियों को संबोधित करते हुए बस्तर के सर्वांगीण विकास में आवश्यक सहयोग प्रदान करने और नए उद्योग स्थापित कर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
इसी क्रम में कार्यशाला के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन ने भी उद्यमियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने औद्योगिक विकास नीति के अंतर्गत होम-स्टे सेवा इकाई की स्थापना पर विशेष जोर दिया और उद्यमियों को इसके लिए प्रेरित करते हुए शासन द्वारा दी जाने वाली विभिन्न छूट और अनुदानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।








