
कोरबा, 07 अप्रैल 2026/ऊर्जाधानी कोरबा की जीवनरेखा मानी जाने वाली हसदेव नदी अब प्रदूषण के काले साये से मुक्त होकर फिर से कल-कल बहेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी ‘अमृत मिशन 2.0’ योजना ने कोरबा में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ दी है। छत्तीसगढ़ शासन के प्रयासों से भारत सरकार ने शहर के दूषित जल के वैज्ञानिक उपचार हेतु 165 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।
नालों का ‘विष’ अब बनेगा अमृत
सालों से शहर के 11 बड़े नालों का दूषित सीवरेज जल सीधे हसदेव नदी में मिलकर उसकी शुद्धता को प्रभावित कर रहा था। इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए 20 एमएलडी क्षमता का अत्याधुनिक टर्शरी ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है।
प्रदूषण पर प्रहार
प्रतिदिन लगभग 3 करोड़ 30 लाख लीटर दूषित जल को नदी में गिरने से पहले ही रोककर अत्याधुनिक तकनीक से उपचारित किया जाएगा। इससे नदी के प्रदूषण में भारी कमी आएगी और उसका जल पुनः स्वच्छ बनेगा।
देश के नक्शे पर कोरबा
परियोजना के पूर्ण होते ही कोरबा उन चुनिंदा 12 शहरों की सूची में शामिल हो जाएगा, जहाँ जल शोधन की ऐसी उन्नत और वैज्ञानिक व्यवस्था उपलब्ध है।
राजस्व में होगी वृद्धि
यह परियोजना केवल नदी की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘वेस्ट टू वेल्थ’ का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी बनेगी। उपचारित किए गए करोड़ों लीटर पानी को बर्बाद करने के बजाय एनटीपीसी द्वारा निर्धारित दरों पर खरीदा जाएगा। इससे उद्योगों को स्वच्छ जल उपलब्ध होगा, नगर निगम के राजस्व में वृद्धि होगी और भू-जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
जल-पर्यावरण संरक्षण एवं औद्योगिक प्रगति की दिशा में बड़ा कदम-कलेक्टर
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने इसे कोरबा जिले के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के मानकों का पालन करते हुए नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा तैयार किए गए इस वैज्ञानिक समाधान को अब वास्तविक रूप मिलने जा रहा है। वर्तमान में निविदा प्रक्रिया प्रगति पर है और जल्द ही निर्माण कार्य धरातल पर शुरू हो जाएगा। अमृत मिशन 2.0 के तहत यह प्लांट न केवल हसदेव नदी को पुनर्जीवित करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण की नई मिसाल भी पेश करेगा। इसके माध्यम से कोरबा औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ पर्यावरणीय स्वच्छता के क्षेत्र में भी अग्रणी बनेगा
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कोरबा,07 अप्रैल 2026/
उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग के मंत्री तथा छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने आज कोरबा शहर के सुभाष चौक स्थित पुष्पलता उद्यान के समीप छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा निर्मित 1 गुणा×5 एमवीए क्षमता वाले 33/11 केवी उपकेंद्र (सीडीईएफ कॉलोनी) का फीता काटकर लोकार्पण किया। लगभग 1.90 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस महत्वपूर्ण विद्युत अधोसंरचना परियोजना को उन्होंने क्षेत्र की जनता को समर्पित किया।
कोरबा शहर में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मंत्री श्री देवांगन द्वारा किए जा रहे लगातार प्रयासों को यह परियोजना और भी मजबूती प्रदान करती है। लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना योजना के अंतर्गत विभिन्न विद्युत परियोजनाओं को निरंतर स्वीकृति मिल रही है, जिसके कारण प्रदेश में बिजली व्यवस्था और मजबूत हो रही है।
नवनिर्मित उपकेंद्र से कोसाबाड़ी, निहारिका, घंटाघर, बुधवारी, काशी नगर, सीएसईबी कॉलोनी, आरपी नगर, शिवाजी नगर सहित आसपास के क्षेत्रों के पांच हजार से अधिक उपभोक्ताओं को सीधे लाभ मिलेगा। अब तक निहारिका क्षेत्र के उपभोक्ताओं को अलग-अलग फीडरों से बिजली आपूर्ति की जाती थी, जिससे किसी एक फीडर में खराबी होने पर पूरे क्षेत्र की आपूर्ति बाधित हो जाती थी। उपकेंद्र के प्रारंभ होने के बाद वैकल्पिक लाइन से तत्काल और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में निरंतर विकास के कार्य किए जा रहे हैं और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रत्येक गारंटी को पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस नए विद्युत उपकेंद्र के शुरू होने से गर्मी के मौसम में बढ़ते बिजली दबाव से क्षेत्रवासियों को राहत मिलेगी। यह उपकेंद्र लंबे समय से क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता थी, जो अब पूरी हो चुकी है।
उन्होंने उपभोक्ताओं की समस्याओं पर चर्चा करते हुए कहा कि कई परिवार आर्थिक कारणों से समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते, जिसके कारण सरचार्ज बढ़ता जाता है और बिल का भुगतान कठिन हो जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा समाधान योजना लागू की गई है, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल रही है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न वार्डों में शिविर भी लगाए जा रहे हैं।
लोकार्पण कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जनप्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।









